जनता कर्फ्यू से लेकर लॉकडाउन और कई चरणों से होते हुए अनलॉक तक के सफर को आज पांच महीने पूरे हो गए। देश ने इन पांच महीनों में ऐसे बदलाव देखे हैं जिनकी कल्पना भी नहीं की गई थी। अलीगढ़ शहर में भी महामारी के कारण लगे इस लॉकडाउन का असर साफ नजर आता है। आइए देखते हैं इन महीनों में कितना बदल गया अलीगढ़-
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अलीगढ़ जंक्शन
- फोटो : अमर उजाला
अलीगढ़ जंक्शन
अलीगढ़ जंक्शन रेलवे स्टेशन की यह तस्वीर 19 मार्च को ली गई थी। सामान्य दिनों में यहां जब भी कोई यात्री ट्रेन आती-जाती है तब यहां इसी तरह के हालात बने रहते हैं। आलम यह है कि यहां पैर रखने तक की जगह नहीं रहती। कई हजार यात्री प्रतिदिन इस स्टेशन के जरिए विभिन्न ट्रेनों में यात्रा करते हैं।
अब
लॉकडाउन के बाद बेशक अनलॉक हो गया हो, मगर बेहद कम ट्रेनों की आवाजाही होने और सिर्फ कंफर्म रिजर्वेशन टिकट पर यात्रा होने के कारण यहां दिन हो या रात सन्नाटे का आलम रहता है। सोमवार को भी दिन में यहां यही हालत थी।
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नकवी पार्क
- फोटो : अमर उजाला
नकवी पार्क
यह अलीगढ़ शहर के मध्य एएमयू व कलेक्ट्रेट के बगल में स्थित उद्यान विभाग का नकवी पार्क है, जहां सुबह पौ फटने से लेकर देर शाम तक लोगों की आवाजाही रहती थी। सुबह मॉर्निंग वाक और योगा करने वाले, दिन में छात्र-छात्राओं की भीड़, शाम को परिवार व बच्चों के साथ यहां लोग घूमने आते थे। दो जनवरी की इन तस्वीरों में सब कुछ बयां हो रहा है। बच्चे, परिवार इस पार्क का आनंद लेते दिखाई दे रहे हैं।
अब
अनलॉक लागू होने के बाद भी नकवी पार्क का सन्नाटा नहीं टूट पा रहा है। सुबह-सुबह जरूर अब कुछ लोग यहां टहलने आने लगे हैं, मगर दिन में व शाम को रहने वाली भीड़ अब खत्म हो गई है। सोमवार दोपहर में ली गई तस्वीरें इस बात की गवाही दे रही हैं।
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सेंटर प्वाइंट
- फोटो : अमर उजाला
सेंटर प्वाइंट
शहर के सिविल लाइंस इलाके में कनाट प्लेस की तर्ज पर अंग्रेजी शासन काल में शहर के कुछ प्रमुख लोगों द्वारा स्थापित किए गए इस बाजार में दिन भर भीड़ रहती थी। शाम के वक्त तो यहां किसी चौपाटी जैसा नजारा रहता था। 22 जनवरी को ली गई तस्वीर में यहां की भीड़ स्पष्ट दिखाई दे रही है।
अब
सेंटर प्वाइंट चौराहे पर सोमवार को ली गई तस्वीर वहां के सन्नाटे के आलम को बयां कर रही है। अनलॉक के बावजूद यहां अब उस तरह से भीड़ नहीं पहुंच रही।
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आरटीओ दफ्तर
- फोटो : अमर उजाला
आरटीओ दफ्तर
सरकारी कार्यालयों में भी कामकाज की गति पटरी पर नहीं लौट पा रही है। कोरोना काल में लॉकडाउन के बाद बेशक अनलॉक लागू हो गया, मगर यहां भी कमोबेश वही हाल है। आरटीओ कार्यालय में 13 मार्च को ली गई तस्वीर वहां आने वाली भीड़ उजागर कर रही है।
अब
आरटीओ कार्यालय में सोमवार को भी अन्य दिनों की तरह अनलॉक में सन्नाटा ही पसरा हुआ था। तस्वीर में दिखाई दे रहे महज चार लोग इस बात की गवाही दे रहे हैं।
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रेलवे रोड-महावीरगंज बाजार
- फोटो : अमर उजाला
रेलवे रोड-महावीरगंज बाजार
पुराने शहर के सबसे प्रमुख व पुराने बाजार महावीरगंज व रेलवे रोड पर सामान्य दिनों में कभी आप निकल जाइए, यहां हमेशा भीड़ ही मिलेगी। बिना जाम में फंसे कभी बाजार का सफर तय नहीं होता। मार्च से पहले ही यह तस्वीरें सच्चाई बता रही हैं।
अब
सोमवार को इन बाजारों में इक्का दुक्का राहगीर व ग्राहकों के अलावा ज्यादा भीड़ नहीं दिखाई दी। अनलॉक लगने के बाद यह इन बाजारों की हर दिन की स्थिति है।
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ग्रेट वैल्यू मॉल व रेस्टोरेंट रामघाट रोड
- फोटो : अमर उजाला
ग्रेट वैल्यू मॉल व रेस्टोरेंट रामघाट रोड
रामघाट रोड पर शहर का सबसे प्रमुख मॉल स्थापित है जहां बाजार, सिनेमाघर व रेस्टेरेंट आदि हैं। इसमें सामान्य दिनों में सुबह से रहने वाली भीड़ शाम तक रहती है। कुछ खास मौकों पर भीड़ अधिक हो जाती है। एक जनवरी को ली गई तस्वीरें यह बयां कर रही हैं।
अब
रामघाट रोड के प्रमुख मॉल ग्रेट वैल्यू मॉल में पसरा सन्नाटा।
हाथरस शहर का प्राचीन दाऊजी मंदिर
देश भर में बलदाऊ की कर्मस्थली के रूप में विख्यात हाथरस शहर का प्राचीन दाऊजी मंदिर हर साल मेले पर आकर्षण का केंद्र रहता है। देवछठ से लगने वाला मेला यहां एक महीने तक चलता है और भीड़ भी मेले में शामिल होती है। पिछले वर्ष मेले के दौरान ली गई तस्वीर।