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यूपी की इंस्टा फेम की मौत: राखी के अगले दिन था छवि का जन्मदिन, भाई से कहा था- लौटकर धूम मचाएंगे; अब आया शव

Thu, 27 Aug 2026 03:33 PM IST
Sharukh Khan अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस

सार

रक्षाबंधन की खुशियां और अगले दिन जन्मदिन मनाने की तैयारी... छवि ने दोनों के लिए खरीदारी भी कर ली थी। उज्जैन रवाना होने से पहले वह आगरा से शॉपिंग करके घर लौटी थी। परिवार के मुताबिक उसने भाई कृष्णा से कहा था कि लौटकर साथ में राखी का त्योहार और अपना जन्मदिन धूमधाम से मनाएंगे। लेकिन लौटकर छवि नहीं आई।
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road accident - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
हाथरस में रक्षाबंधन से कुछ दिन पहले ही इंस्टा फेम की मौत हो गई। रक्षाबंधन से तीन दिन पहले इकलौती बहन और मां का साथ छिन गया। भाई कृष्णा की कलाई पर बहन छवि की राखी बंधनी थी, लेकिन बुधवार को उसी बहन की चिता को उसने मुखाग्नि दी। 

मध्यप्रदेश के आगर मालवा में हुए सड़क हादसे में जान गंवाने वाली महौ की यू-ट्यूबर छवि वार्ष्णेय और उनकी मां सारिका के शव बुधवार शाम करीब छह बजे गांव पहुंचे तो परिवार का सब्र टूट गया। मां-बेटी के शव देखकर कृष्णा बदहवास हो गया। कभी बहन के शव से लिपटकर रोता तो कभी अपने डेढ़ साल के बेटे को सीने से लगा लेता। अंतिम विदाई के समय एक साथ दो चिताएं जलीं तो पूरा गांव अपने आंसू नहीं रोक सका।

महौ के किराना व्यापारी श्यामबाबू लाल वार्ष्णेय सोमवार को पत्नी सारिका, बेटी छवि और समधी सूरजपाल के साथ उज्जैन के लिए निकले थे। बुधवार सुबह करीब छह बजे उज्जैन से पहले आगर मालवा जिले में गरोठ हाईवे पर उनकी कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई। हादसे में छवि और सारिका की मौत हो गई, जबकि श्यामबाबू गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे की सूचना पर मंगलवार देर शाम परिजन मध्यप्रदेश पहुंचे। रात में पोस्टमार्टम नहीं हो सका। बुधवार सुबह पोस्टमार्टम के बाद करीब नौ बजे शव लेकर परिजन महौ के लिए रवाना हुए।
 
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यू-ट्यूबर छवि वार्ष्णेय और उनकी मां सारिका - फोटो : फाइल फोटो
सायरन सुनते ही टूट गया गांव का सन्नाटा
सुबह से ही महौ में मातम पसरा था। मुख्य बाजार की दुकानें बंद रहीं। दोपहर बाद से लोग घरों और प्रतिष्ठानों के बाहर एंबुलेंस आने का इंतजार करते रहे। रामलीला चौक पर रिश्तेदार और आसपास की महिलाएं परिवार की महिलाओं को ढांढस बंधाती रहीं। शाम को एंबुलेंस के सायरन की आवाज सुनाई दी तो जैसे पूरे गांव की सांस थम गई। मां-बेटी के शव उतरे तो परिजनों की चीख-पुकार से माहौल गूंज उठा। श्यामबाबू के भाई और परिवार के लोग फूट-फूटकर रोने लगे। कृष्णा और उसकी पत्नी भी बदहवास हो गए। रिश्तेदारों ने दोनों को संभाला।
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इंस्टाग्राम पोस्ट में अपनी बहन छवि के साथ कान्हा - फोटो : वीडियो ग्रैब
बेटे को सीने से लगाया और फूट पड़ा कृष्णा
बहन और मां के शव सामने देख कृष्णा खुद को संभाल नहीं सका। घर पहुंचते ही उसने अपने डेढ़ साल के बेटे को सीने से लगा लिया और बिलख पड़ा। दोस्त और रिश्तेदार उसे संभालते रहे। कुछ देर बाद बेटे को गोद में लेकर उसने मां और बहन के शवों की परिक्रमा की। इकलौती बहन छवि की अंतिम विदाई के समय कृष्णा बार-बार फूट पड़ रहा था। रोते हुए वह कहता रहा कि अब उसकी कलाई पर छवि की राखी कभी नहीं बंध पाएगी। जिस त्योहार पर घर में भाई-बहन के प्यार की खुशियां होनी थीं, उससे ठीक पहले घर में मातम छा गया।

 

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यू-ट्यूबर छवि वार्ष्णेय - फोटो : फाइल फोटो
एक साथ उठीं मां-बेटी की अर्थियां, हर आंख हुई नम
अंतिम संस्कार में पूरा गांव उमड़ पड़ा। मां सारिका और बेटी छवि की एक साथ अंतिम विदाई हुई। दो चिताएं एक साथ जलती देख वहां मौजूद लोगों की आंखें भर आईं। परिवार के लिए यह सिर्फ दो मौतों का दुख नहीं था, बल्कि एक साथ घर की मां और बेटी को खो देने की ऐसी त्रासदी थी, जिसने पूरे गांव को झकझोर दिया।
 
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बहन व मां के शव को देखकर बदहवास हुआ कृष्णा उर्फ कान्हा - फोटो : संवाद
पिता अस्पताल में जिंदगी से जूझ रहे
हादसे में घायल श्यामबाबू लाल की हालत गंभीर बनी हुई है। परिजनों के मुताबिक उनके फेफड़ों में गंभीर चोट आई है और सिर व शरीर के अन्य हिस्सों में भी गंभीर चोटें हैं। वह उज्जैन के निजी अस्पताल में भर्ती हैं। एक ओर पत्नी और बेटी को खोने का सदमा, दूसरी ओर अस्पताल में जिंदगी से जूझ रहे पिता की चिंता ने कृष्णा और परिवार को दोहरी त्रासदी में डाल दिया है। हादसे में घायल समधी सूरजपाल और चालक सचिन खतरे से बाहर बताए जा रहे हैं।
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विलाप करती मृतका के भाई कृष्णा की पत्नी - फोटो : संवाद
राखी के अगले दिन था छवि का जन्मदिन
रक्षाबंधन की खुशियां और अगले दिन जन्मदिन मनाने की तैयारी... छवि ने दोनों के लिए खरीदारी भी कर ली थी। उज्जैन रवाना होने से पहले वह आगरा से शॉपिंग करके घर लौटी थी। परिवार के मुताबिक उसने भाई कृष्णा से कहा था कि लौटकर साथ में राखी का त्योहार और अपना जन्मदिन धूमधाम से मनाएंगे। लेकिन लौटकर छवि नहीं आई। उसके जन्मदिन से पहले ही उसकी मौत की खबर आ गई। बहन के शव के सामने खड़ा कृष्णा उसकी कही बातों को याद कर बार-बार बिलखता रहा। उसने कहा कि मैंने मां और बहन को ही नहीं खोया, मेरी तो पूरी दुनिया चली गई।

 
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हादसे को लेकर महौ का बंद बाजार - फोटो : संवाद
बहन को अकेले भेजने का मलाल : छवि के शव को देखकर कृष्णा खुद को कोसता रहा। उसका कहना था कि पहली बार छवि इतनी दूर अकेले जा रही थी। वह जहां भी जाती, कृष्णा अक्सर उसके साथ रहता था। छवि के वीडियो शूट में भी वह साथ रहता और कई बार खुद वीडियो बनाता था। दोनों साथ घूमते, रील बनाते और सोशल मीडिया के लिए काम करते थे। बहन की मौत के बाद यही यादें कृष्णा को बार-बार तोड़ रही थीं। बिलखते हुए उसने कहा कि मैं साथ गया होता तो शायद यह हादसा नहीं होता। हालांकि हादसे की वजह और परिस्थितियों की जांच पुलिस स्तर पर की जा रही है। परिवार ने पिछले साल ही एसयूवी खरीदी थी। भाई-बहन अक्सर इसी तरह साथ घूमने और वीडियो बनाने की योजना बनाते थे।

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कस्बा महौ में छवि व सारिका का शव पहुंचने पर लगी भीड़ - फोटो : संवाद
सोशल मीडिया पर भी जताया शोक
छवि के निधन की खबर फैलते ही सोशल मीडिया पर उनके प्रशंसकों और करीबियों ने शोक जताया। इंस्टाग्राम और फेसबुक पर उनके साथ की रील और तस्वीरें साझा कर लोगों ने भावनाएं व्यक्त कीं। कई करीबी कंटेंट क्रिएटर भी महौ पहुंचे और नम आंखों से अपनी दोस्त को अंतिम विदाई दी।

 

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कस्बा महौ में छवि व सारिका का शव पहुंचने पर लगी भीड़ - फोटो : संवाद
अंतिम विदाई में उमड़ा कई गांवों का जनसैलाब
महौ में छवि और उसकी मां सारिका की अंतिम विदाई के दौरान बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। शोक में व्यापारियों ने सुबह से बाजार बंद रखा। शव गांव पहुंचने की सूचना पर आसपास के गांवों से भी लोग महौ पहुंचे। सैकड़ों लोगों ने नम आंखों से मां-बेटी को श्रद्धांजलि दी और परिवार को ढांढस बंधाया। जिस घर में छवि के 22वें जन्मदिन की तैयारियां होनी थीं, उसी घर से कुछ दिन पहले उसकी अर्थी उठी। रक्षाबंधन और जन्मदिन की खुशियों के इंतजार में बैठा परिवार अब उन्हीं तारीखों को जिंदगी भर के सबसे दर्दनाक दिनों के रूप में याद करेगा।
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महौ में शव लेकर पहुंची एंबुलेंस - फोटो : संवाद
यह था पूरा मामला
सोशल मीडिया पर हाथरस जिले में चर्चित छवि वार्ष्णेय (22) व उनकी मां सारिका (47) की उज्जैन जाते समय गरोठ हाईवे पर मौत हो गई। मध्य प्रदेश के आगर मालवा जिले के इस हाईवे पर मंगलवार सुबह छवि की कार पीछे से एक ट्रक में घुस गई। कार में छवि और मां सारिका के अलावा पिता श्यामबाबू लाल (49) और ससुर सूरजपाल (53) निवासी मुरवार गोंडा (अलीगढ़) भी सवार थे। फेफड़े फटने से पिता श्यामबाबू को उज्जैन के जिला अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है। समधी सूरजपाल और कार चालक सचिन (30) खतरे से बाहर हैं।हाथरस जंक्शन के गांव महौ निवासी श्याम बाबूलाल किराना कारोबारी हैं। दो बच्चों में बड़ा बेटा कृष्णा भी कारोबार संभालता है। बेटी छवि पढ़ाई कर रही थी साथ ही वह सोशल मीडिया एप इंस्टाग्राम, स्नैपचैट इन्फ्लुएंसर भी थी। इसके जरिये छवि ने पूरे जिले में लोकप्रियता हासिल कर ली थी। 
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