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कृतार्थ का कत्ल: 21 सितंबर को फोन पे से मंगाए थे 200 रुपये...मौत से एक दिन पहले रात में ये सामान लाया था मासूम

Tue, 24 Sep 2024 12:34 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
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Hathras Murder - फोटो : अमर उजाला
हाथरस में सहपऊ के गांव रसगवां स्थित डीएल पब्लिक स्कूल (आवासीय) के कक्षा दो के छात्र कृतार्थ की हत्या के बाद से अन्य छात्र भी सहमे हुए हैं। इस घटना की सूचना के बाद अन्य बच्चों के अभिभावक भी स्कूल पहुंच गए और अपने बच्चों को लेकर चले गए। 

कुछ ही देर में छात्रावास खाली हो गया। दिल दहला देने वाली इस घटना के पीछे की वजह अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाई है। पुलिस प्रबंधक और कुछ अन्य लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।
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Hathras Murder - फोटो : अमर उजाला
अभिभावकों का कहना था कि यहां बच्चों की सुरक्षा की कोई व्यवस्था नहीं है। स्कूल प्रबंधक पर ही आरोप लग रहे हैं। उन्हें अब इस स्कूल में अपने बच्चे नहीं पढ़ाने हैं। इस स्कूल के छात्रावास में वर्तमान में 24 बच्चे रहते थे। फिलहाल छात्रावास पूरी तरह से खाली हो गया है। जो बच्चे स्कूल बस या अन्य साधनों से स्कूल आते हैं, वह स्कूल बंद होने पर लौट गए।

 
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Hathras Murder - फोटो : अमर उजाला
पिता श्रीकृष्ण ने बताया कि रविवार रात 10 बजे उनकी कृतार्थ से फोन पर बात हुई थी। इससे साफ है कि उसकी हत्या इसके बाद ही हुई है। अन्य बच्चे सो गए होंगे, तभी यह घटना हुई होगी। फिर इस मासूम की हत्या की हत्या से किसी को क्या फायदा होगा। किसी रंजिश से फिलहाल परिजन इनकार रहे हैं। शक की सुई प्रबंधक की ओर घूम रही है। जब हत्या हो गई थी तो वह क्यों परिजनों को उसके बीमार होने की सूचना देकर गुमराह करता रहा।

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Hathras Murder - फोटो : अमर उजाला
कृतार्थ की हत्या की सूचना पर उसके परिवार में कोहराम मच गया। इसके साथ ही पूरे गांव में शोक लहर दौड़ गई। शाम को पोस्टमार्टम होने के बाद उसका शव जैसे ही गांव पहुंचा तो परिवार में करुण-क्रंदन मच गया। गमगीन माहौल में उसका अंतिम संस्कार किया गया।
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Hathras Murder - फोटो : अमर उजाला
बुखार आने पर चार सितंबर को घर आया था कृतार्थ
कृतार्थ को छात्रावास में रहने के दौरान बुखार आया था। बुखार आने की सूचना पर पिता श्रीकृष्ण चार सितंबर को उसे घर ले आए थे। ठीक होने पर उसे वापस छात्रावास में छोड़ आए थे। पिता का कहना है कि हमें क्या पता था कि अब हम फिर से अपने बेटे से नहीं मिल पाएंगे। पूरा परिवार बेटे के लौटने का इंतजार कर रहा है। अब मैं उसकी मां से कैसे नजरें मिला पाऊंगा।

 
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Hathras Murder - फोटो : अमर उजाला
स्कूल प्रबंधक दो घंटे तक परिजनों को करता रहा गुमराह, पकड़े जाते ही बोला-मुझे माफ कर दो
कृतार्थ के पिता का कहना है कि स्कूल प्रबंधक दो घंटे तक उन्हें चकमा देता रहा। वह आगे-आगे गाड़ी लेकर दौड़ता रहा और हम पीछे-पीछे थे। पकड़े जाते ही बोला कि मुझे माफ कर दो।

 
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Hathras Murder - फोटो : अमर उजाला
मृतक के पिता श्री कृष्ण ने बताया कि उनके पास सुबह करीब पांच बजे प्रबंधक का फोन आया और बताया कि कृतार्थ बीमार है। घर से स्कूल की दूरी महज पांच किलोमीटर की है। मैंने प्रबंधक से कहा कि मैं पांच मिनट में स्कूल पहुंच रहा हूं, लेकिन उन्होंने इंतजार नहीं किया। बेटे की तबीयत बहुत खराब है। आगरा के टेढ़ी बगिया तक वह हमें चकमा देता रहा।

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Hathras Murder - फोटो : अमर उजाला
हम गाड़ी भगाते रहे। उसने अपनी गाड़ी में मेरे बच्चे का बैग रख रखा था। जब बच्चा बीमार था तो बैग लेकर जाने का क्या मतलब था। उन्होंने आरोप लगाया कि कि ये लोग शव को ठिकाने लगाने की कोशिश कर रहे थे। उसके गले पर भी निशान था। हमने करीब सात बजे सादाबाद में आकर गाड़ी को घेर लिया। जब गाड़ी से प्रबंधक निकला तो शराब के नशे में था। गाड़ी से निकलते ही बोला कि मुझसे कि गलती हो गई, मुझे माफ कर दो।

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Hathras Murder - फोटो : अमर उजाला
कृतार्थ को इंजीनियर बनाना चाहते थे पिता
मृतक कृतार्थ के पिता नोएडा की ईम्गिस मल्टी मीडिया प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के पद पर कार्यरत हैं। उनका कहना है कि वह अपने बेटे कृतार्थ को निजी स्कूल में हॉस्टल में रखकर इसलिए पढ़ा रहा था कि वह भी इंजीनियर बन सके। वह पढ़ने में होशियार था, मुझे उम्मीद थी कि मेरा बेटा मेरी तरह इंजीनियर बनकर मेरा नाम रोशन करेगा।

 

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Hathras Murder - फोटो : अमर उजाला
21 सितंबर को फोन पे से 200 रुपये मंगाए थे
कृतार्थ ने अपने पिता श्रीकृष्ण को 21 सितंबर को फोन किया था। फोन करके कुछ सामान खरीदने के लिए 200 रुपये विद्यालय के एक शिक्षक फोन पे में मंगाए थे। पिता ने बताया कि मेरा बेटा ज्यादातर मुझसे ही कॉल करके बात करता था। मुझे ही अपनी जरूरत बताता था। मैं नोएडा में नौकरी के दौरान भी उसकी जरूरतों को पूरा करने का प्रयास करता था।

 

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शव को रास्ते से पोस्टमार्टम के लिए भेजने पर हंगामा, प्रबंधक को सौंपने की मांग
पुलिस ने हंगामे की आशंका के चलते शव लेकर जा रही गाड़ी को रास्ते में ही रुकवा लिया। दूसरी गाड़ी से शव पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया। इस दौरान शव के साथ जा रहे बालक के रिश्तेदार को भी गाड़ी से उतार दिया। कोतवाली पर मृतक के पिता एवं चाचा के साथ अन्य ग्रामीण शव का इंतजार कर रहे थे। रिश्तेदार ने इसकी सूचना उन्हें दी तो वह भड़क गए और हंगामा करने लगे। पुलिस पर भी आरोप लगाने लगे। स्कूल प्रबंधक को सौंपने की मांग करने लगे। सीओ के समझाने के बाद वह शांत हुए।

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Hathras Murder - फोटो : अमर उजाला
घर का बुझ गया इकलौता चिराग
तुरसेन के रहने वाले श्रीकृष्ण पर एक बेटा कृतार्थ व छोटी बेटी युविका है। दोनों इसी विद्यालय में पढ़ते थे। कृतार्थ छात्रावास में रहकर कक्षा दो और युविका एलकेजी में पढ़ रही थी। कृतार्थ की मौत से घर का इकलौता चिराग बुझ गया है। इसे लेकर परिवार में हाहाकार मचा हुआ है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

 

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Hathras Murder - फोटो : अमर उजाला
प्रबंधक की कहानी पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने खारिज की
स्कूल प्रबंधक दिनेश बघेल ने पुलिस और परिजनों को बताया कि को कृतार्थ उनके स्कूल में पिछले तीन साल से पढ़ रहा है। उसे तो सोमवार की सुबह योगा अध्यापक ने बच्चे की तबीयत खराब होने के बारे में बताया था। वह उसे चिकित्सक के पास ले गया, उसने उसे आगरा दिखाने के लिए बोला था। उसी समय उसने बच्चे के पिता को बता दिया था कि वह बच्चे को लेकर आगरा दिखाने जा रहा है। आगरा में दो चिकित्सालयों में चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

 
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Hathras Murder - फोटो : अमर उजाला
रात को मोमोज एवं चाऊमीन लेकर आया था कृतार्थ
मृतक कृतार्थ के साथ छात्रावास में रहने वाले अन्य बच्चों ने बताया कि रात को वह स्कूल के गेट से मोमोज एवं चाऊमीन लेकर आया था और उसने वह दोनों वस्तुएं खाई थीं और सो गया। सुबह होने के बाद जब वह उनके साथ नीचे नहीं आया तो सर ने उसे जगाने के लिए कहा। हम सब उसे जगाने गए, लेकिन वह नहीं उठा तो उन्होंने सर को बता दिया। सर ने फोन पर मैनेजर को सूचित कर दिया। इसके बाद उनको कुछ नहीं पता।

 
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