हाथरस मामले में सीबीआई की टीम ने चारों आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी है। इसमें बिटिया का 22 सितंबर को अलीगढ़ के जेएन मेडिकल कॉलेज में पुलिस के विवेचना अधिकारी सीओ सादाबाद के समक्ष दिया गया बयान ही मुख्य आधार रहा।
विज्ञापन
2 of 5
चार्जशीट दाखिल करने पहुंची सीबीआई की टीम
- फोटो : अमर उजाला
सीबीआई की गाजियाबाद इकाई को इस मुकदमे की जांच मिली थी। सीबीआई ने जब इस प्रकरण की जांच की तो अपनी जांच के 67 दिन के अंदर करीब 80 से ज्यादा लोगों से पूछताछ की। बिटिया के गांव के दर्जनों चक्कर लगाए। तत्कालीन सीओ, कोतवाल चंदपा सहित दर्जनों पुलिसकर्मियों, ग्रामीणों से पूछताछ की।
विज्ञापन
3 of 5
अदालत के बाहर तैनात पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
जेएन मेडिकल कॉलेज और हाथरस के जिला अस्पताल में जाकर भी छानबीन की। हर पहलू को ध्यान में रखकर पूछताछ की। घटना का सीन रिक्रिएट किया। चारों आरोपियों का गांधी नगर (गुजरात) ले जाकर बीआईओएस प्रोफाइलिंग व पॉलीग्राफ टेस्ट भी कराया।
4 of 5
आधी रात में जलाया गया था बेटी का शव
- फोटो : अमर उजाला
हालांकि अंत में बिटिया द्वारा दिया गया अंतिम बयान ही सीबीआई की चार्जशीट का मुख्य आधार बना। गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती बिटिया ने मौत से पहले कहा था कि चारों ने उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म कर जान से मारने की कोशिश की थी।
चार्जशीट दाखिल करने पहुंची सीबीआई की टीम
- फोटो : अमर उजाला
इसके बाद केस के जांच अधिकारी को दिया गया पीड़िता का बयान अहम बन गया। इसी को आधार बनाकर सीबीआई ने भी पुलिस द्वारा बनाए गए आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी।