हाथरस के बिटिया प्रकरण में रोजाना नए खुलासे हो रहे हैं। अब यह सनसनीखेज बात भी सामने आई है कि एक आरोपी नाबालिग था, लेकिन पुलिस ने उसको बालिग दर्शाकर जेल भेज दिया था। सीबीआई ने इस आरोपी के शैक्षिक प्रमाणपत्रों को अपने कब्जे में ले लिया है और इनके बारे में छानबीन शुरू कर दी है। इस आरोपी के परिजनों का कहना है कि उनका बच्चा नाबालिग है।
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
बिटिया के प्रकरण में चार लोगों को आरोपी बनाया गया था। सीबीआई इस पूरे मामले की तह तक जा रही है। बिटिया की मौत से पहले ही चारों आरोपियों को जेल भेज दिया गया था। यह चारों आरोपी अभी भी अलीगढ़ जेल में ही हैं। अब छानबीन में यह बात भी सामने आ रही है कि 22 सितंबर को गिरफ्तार किए गए एक आरोपी की उम्र 18 वर्ष से कम है।
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
उसने चंदपा क्षेत्र के जेएस इंटर कॉलेज मीतई हाथरस से यूपी बोर्ड की हाईस्कूल की परीक्षा 2018 में दी थी। इसमें वह फेल हो गया था। इस अंक तालिका में उसकी जन्मतिथि दो दिसंबर 2002 है। इस हिसाब से वह अभी 18 साल से कम आयु का है यानि नाबालिग है। हालांकि जब उसको गिरफ्तार किया गया था और उसका मेडिकल परीक्षण कराया गया था, तब उसकी आयु 18 वर्ष बताई गई थी।
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सीबीआई की टीम
- फोटो : अमर उजाला
हमारा बेटा नाबालिग, पुलिस ने पूछा ही नहीं
आरोपी के पिता का कहना है कि हमने सीबीआई को सारे प्रमाणपत्र दे दिए हैं और उसकी आयु के बारे में बता दिया है। वह नाबालिग है। उनका यह भी कहना है कि उन्होंने यह बात पुलिस को नहीं बताई थी और पुलिस ने यह बात पूछी भी नहीं थी।
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आरोपियों के घर में पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
मार्कशीट में की जा सकती है तिथि आगे-पीछे
इस मामले को लेकर बिटिया के भाई ने संदेह जताया है। उसने बताया कि मार्कशीट में तिथि को आगे पीछे किया जा सकता है। उन्हें इस मामले में कोई भी जानकारी नहीं है कि इस आरोपी की उम्र कितनी है।
क्या फिर होगा आयु का निर्धारण
अब देखना यह है कि क्या इस आरोपी को उसकी मार्कशीट के आधार पर नाबालिग माना जाएगा या उसकी आयु के लिए कुछ और प्रमाणपत्र लिए जाएंगे अथवा मेडिकल जांच कराकर उसकी आयु का निर्धारण होगा। फिलहाल आरोपी इस समय अलीगढ़ जेल में हैं। अब अगली कार्रवाई पर सबकी नजर लगी हुई है।