फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Hathras Rape Case: अलीगढ़ में ही टूटने लगी थी बिटिया की सांसों की डोर, फिर भी आठ दिन तक बिना वेंटिलेटर के रखा

Mon, 05 Oct 2020 11:44 AM IST
पूजा त्रिपाठी इकराम वारिस, अमर उजाला, अलीगढ़
विज्ञापन
1 of 5
फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
Hathras Case: हाथरस के चंदपा की बिटिया ने भले ही सफदरजंग अस्पताल, दिल्ली में अंतिम सांस ली हो, लेकिन उसकी सांसों की डोर अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के जेएन मेडिकल कॉलेज में ही टूटने लगी थी। तबीयत बिगड़ने के बावजूद उसे आठ दिनों तक वेंटिलेटर पर नहीं रखा गया। ऐसा आरोप बिटिया के चचेरे भाई ने लगाया है। इसका वीडियो अमर उजाला के पास है।
विज्ञापन

2 of 5
Hathras Gang Rape Case - फोटो : अमर उजाला
14 सितंबर को गांव के ही चार युवकों ने बिटिया के साथ दरिंदगी की थी। जिससे उसके गर्दन व रीढ़ में गंभीर चोट लगी थी। सुबह 11 बजे उसे हाथरस के जिला अस्पताल लाया गया, जहां से अलीगढ़ के लिए रेफर कर दिया गया।
विज्ञापन

3 of 5
कोतवाली चंदपा, हाथरस - फोटो : अमर उजाला
परिजन बिटिया को जेएन मेडिकल कॉलेज ले आए। 22 सितंबर तक सामान्य तरीके से बिटिया का इलाज होता रहा, जबकि उसकी हालत काफी गंभीर थी। 23 सितंबर को बिटिया को वेंटिलेटर मिला। अलबत्ता, उसकी हालत में लगातार गिरावट आ रही थी। उसकी गर्दन व रीढ़ की हड्डी टूटी और जीभ कटी हुई थी।

4 of 5
- फोटो : अमर उजाला
बिटिया के चचेरे भाई ने कहा कि बहन को वेंटिलेटर समय पर मिल गया होता तो उसकी हालत में सुधार हो रहा होता। बहरहाल, बिटिया की गंभीर हालत को देखते हुए  28 सितंबर को दिल्ली रेफर कर दिया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
- फोटो : अमर उजाला
मगर, उसे एम्स के बजाय सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया, जहां उसने 29 सितंबर को अंतिम सांस ली। कांग्रेस नेता इंजी. आगा यूनुस ने कहा कि बिटिया को बेहतर इलाज मिल गया होता तो वह आज हमारे बीच होती।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें