अलीगढ़ में हुए करन हत्याकांड को बेशक मुख्य आरोपी असद ने अंजाम दिया। मगर परिवार के सभी नामजद सदस्यों को यह जानकारी थी। असद कई दिन से गुस्से में था। परिवार के दो नामजद दिल्ली व नोएडा से भी असद को समझाने आए थे।
मुरादाबाद हाईवे पर स्थित मिश्रित आबादी वाले अलीगढ़ के कस्बा जवां में करन उर्फ काली (20) की हत्या व उसके बाद हुए बवाल के दूसरे दिन सोमवार को हालात सामान्य रहे। मगर तनाव व परिवार के गुस्से को देखते हुए कस्बे में सुरक्षा के कड़े प्रबंध रखे जा रहे हैं।
कस्बे को तीन सेक्टरों में बांटकर तीन सीओ, एक कंपनी पीएसी लगाई गई है। वहीं इंस्टाग्राम पर परिवार की युवती की फोटो डालने की खुन्नस में हत्या करने के नामजद छह आरोपी जेल व दो बाल अपचारी बाल सुधार गृह भेज दिए गए। इधर, सोमवार शाम को परिजन फिर थाने पहुंचे। मगर तीन घंटे के प्रयास के बाद उन्हें समझाकर वापस कर दिया गया।
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करन की हत्या के बाद प्रदर्शन करते परिजन
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
कस्बे के मोहल्ला अहेरिया चौक में शनिवार रात 11:30 बजे अपने घर से निकलकर आरोपियों के घर के बाहर खड़े हुए करन की हत्या कर दी गई थी। उसे आरोपियों द्वारा खंडहर मकान में खींचकर ले जाया गया। जहां चाकू से गला रेतकर व शरीर गोदकर हत्या की गई। इस हत्या में करन की मां महारानी ने मुकदमा कराते हुए इदरीश व उसके भाई नफीस खां के अलावा नफीस खां के तीन बेटे मुख्य आरोपी असद, अनश व अल्तमश, इदरीश का बेटा अयान व परिवार के 15 व 16 वर्षीय दो किशोर नामजद किए थे। हालांकि घटना के बाद मुख्य आरोपी खुद ही थाने पहुंच गया था।
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करन की हत्या के बाद सड़क पर बिखरीं ईंट और पत्थर
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बाकी को सूचना पर पुलिस ने घर से पकड़ा था। सीओ तृतीय सर्वम सिंह के अनुसार सोमवार को सभी को रिमांड मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया। जिनमें से बालिग आरोपी जेल भेज दिए गए, जबकि दोनों बाल अपचारी बाल सुधार गृह भेज दिए गए। बता दें कि इसी हत्या के विरोध में रविवार को जवाब में बवाल हुआ था।
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करन की हत्या के बाद जाम लगातीं महिलाएं
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बोली मां-घरों पर चलवा दो बुलडोजर
इस हत्या के बाद रविवार को हुए बवाल के दूसरे दिन स्थितियां सामान्य रहीं। हालांकि परिवार के गुस्से व तनाव को देखते हुए कस्बे में सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए हैं। सुबह से बाजार भी सामान्य दिनों की तरह खुला। इधर, मृतक के घर पर सुबह सबसे पहले एसडीएम कोल पहुंचीं। उनके समक्ष भी करन की मां ने आरोपियों के घरों पर बुलडोजर चलवाने की मांग रखी। हालांकि एसडीएम स्तर से समझाया गया कि उनकी सभी मांगों पर एक दो दिन में व्यवस्था हो जाएगी। मगर मां बुलडोजर की रट लगाए जा रही थी।
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करन की हत्या के बाद जाम लगातीं महिलाएं
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
कह रही थी तभी कलेजे को ठंडक मिलेगी। दोपहर में पूर्व मंत्री व विधायक ठा.जयवीर सिंह पहुंचे। उनके समक्ष भी वही मांग दोहराई गई। जयवीर सिंह ने परिवार के सामने ही डीजीपी व मुख्य सचिव से फोन पर वार्ता की। पूरा विषय बताया। फिर परिवार से यह भी कहा कि उन्होंने समय ले लिया है। वे मुख्यमंत्री से इस मुद्दे पर मिलेंगे। परिवार की एक-एक मांग पूरी कराई जाएगी। कड़ी से कड़ी कार्रवाई कराई जाएगी।
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करन की हत्या के बाद सड़क पर बिखरीं ईंट और पत्थर
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
देर शाम तीन घंटे तक जमे रहे थाने पर, बाहर बैठे
आरोपियों के घरों पर बुलडोजर कार्रवाई सहित अन्य मांगों को लेकर परिजनों संग करीब तीन दर्जन लोग फिर थाने के बाहर आकर बैठे गए। उनका कहना था कि रविवार को प्रशासनिक अधिकारियों ने जल्द मांग पूरी करने को कहा था। सोमवार को दिन में आए अधिकारियों ने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया। उन्हें आरोपियों के घरों पर तत्काल बुलडोजर चाहिए। साथ में हमारा मुद्दा शासन तक पहुंचना चाहिए। इस बीच सीओ सर्वम सिंह ने परिवार के सदस्यों को बुलाकर समझाया कि उनकी एक एक मांग मान ली गई है। जल्द क्रमवार कार्रवाई देखने को मिलेगी। मुआवजे पर भी प्रक्रिया चल रही है। कुछ देर तक तो उन्होंने तत्काल की जिद की। करीब तीन घंटे तक समझाने के प्रयास के बाद वे लोग घरों को चले गए।
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करन की हत्या के बाद घटनास्थल पर तैनात पुलिस
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
ये किए गए सुरक्षा इंतजाम
कस्बे में तीन सेक्टर बनाए गए हैं। जिनमें एक घटनास्थल व आरोपी व पीडि़त परिवार के घर व आसपास का इलाका है। दूसरा कस्बे का प्रमुख बाजार का इलाका व तीसरा मुरादाबाद हाईवे बाईपास है। तीनों जगहों पर एक एक मजिस्ट्रेट व एक एक सीओ लगाए गए हैं। सीओ तृतीय सर्वम सिंह भी वहां डेरा डाले हुए हैं। एक कंपनी पीएसी सभी प्वाइंटों पर लगाई है। इसके अलावा कस्बे में कुल 4 प्वाइंटों पर 8 एसएचओ, 8 एसआई व 32 सिपाही लगाए गए हैं।
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इसी खंडहर मकान में की थी करन की हत्या
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जवां प्रकरण में पकड़े गए आठ नामजद आरोपियों में दो बाल अपचारी हैं। उन्हें बाल सुधार गृह व अन्य को जेल भेजा गया है। बाकी पूरे मामले में आगे की कार्रवाई, कस्बे में सुरक्षा, परिवार की मांगों को पूरा कराने की दिशा में ठोस प्रयास आदि प्रक्रिया चल रही है। हर स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। अब हालात सामान्य हैं।-मृगांक शेखर पाठक, एसपी सिटी
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करन की हत्या के बाद आक्रोशित परिजन
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
24 घंटे जूझकर पुलिस सूझबूझ से टला बड़ा टकराव
अलीगढ़ के जवां कस्बे में शनिवार रात हत्या के बाद एक बजे से लेकर रविवार शाम 4 बजे तक जो कुछ हुआ। वो सबने देखा। मगर उसके पर्दे के पीछे अगर जाएं तो बेशक 24 घंटे तक पुलिस चकरघिन्नी बनी रही। मगर बड़ी सूझ-बूझ ने बड़ा टकराव टाल दिया। रात 11:30 बजे जब करन की हत्या हुई। उसके बाद अकेला असद थाने पहुंच गया था। बाकी इदरीश व नफीस अपने अपने परिवार के सदस्यों संग तीन घरों में छिप गए थे।
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मृतक करन की मां
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पुलिस ने पहुंचकर परिवार के इशारे के अनुसार सात अन्य आरोपियों को दबोच कर थाने पहुंचा दिया। मगर इसके बाद रात एक बजे आक्रामक हुई भीड़ ने तीनों घरों में छिपी परिवार की महिलाओं, बच्चों व अन्य सदस्यों सहित घरों फूंकने व तोडफ़ोड़ करने की योजना बना ली। वह तो गनीमत कि तब तक सीओ सहित कई थानों का फोर्स पहुंच गया।
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करन की हत्या के बाद विलाप करते परिजन
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
आनन फानन लोगों की मंशा भांप सभी सदस्यों को बाहर निकालकर घरों पर ताले डलवाकर वहां फोर्स लगा दिया। इसके बाद रविवार को दिन भर पुलिस को चकरघिन्नी बनाते हुए भीड़ आरोपियों के घरों व उनके मददगारों को निशाना बनाने का प्रयास करती रही। जब बस न चला तो पुलिस से टकराव व बड़ा उपद्रव करने का प्रयास होता रहा। मगर पुलिस गालियां सुनते, नोकझोंक व धक्कामुक्की झेलते हुए बस समझाती रही। एसएसपी तक ने यहां तक कह दिया कि आप कानून तोड़ रहे हो। हम कानून के दायरे में रहकर हर कार्रवाई करेंगे। मगर जब तक शांत नहीं होगे। कोई बात न मानी न सुनी जाएगी।
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आरोपी असद
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
असद बोला, डेढ़ साल में दूसरी बार की उसने ये हरकत
सीओ तृतीय सर्वम सिंह के अनुसार आरोपी असद ने पूछताछ में स्वीकारा कि उसके परिवार की युवती का फोटो करन ने डेढ़ वर्ष पहले अपने सोशल मीडिया एकाउंट पर लगाया था। तब उसे समझाया गया था कि उस फोटो को हटा लो। उस समय भी दोनों में विवाद हुआ था। उस विवाद की शिकायत थाने तक करना तय हुआ था। मगर कुछ लोगों की मध्यस्थता पर करन ने वह फोटो हटा लिया था।
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इसके बाद अब फिर से करन ने वही फोटो लगा लिया था। इस पर उसे फोन पर भी समझाया गया था। शनिवार देर रात जब वह नोएडा से आया। दरवाजे पर खड़े होकर उसे इसी विषय में समझाने का प्रयास किया। जब वह नहीं माना तो गुस्से में हमला कर दिया।
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मृतक करन का फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सबको थी जानकारी, ऐसा करेगा असद, देखते रहे
सीओ तृतीय सर्वम सिंह के अनुसार इस हत्या को बेशक मुख्य आरोपी असद ने अंजाम दिया। मगर परिवार के सभी नामजद सदस्यों को यह जानकारी थी। असद कई दिन से गुस्से में था। परिवार के दो नामजद दिल्ली व नोएडा से भी असद को समझाने आए थे। मगर उसने साफ इंकार कर दिया था।
करन की हत्या के बाद आक्रोशित परिजन
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
कहा था कि अबकी बार सामने आया तो उसे सबक सिखा देगा। घटना के समय जब असद ने करन पर हमला किया तो परिवार के सभी सदस्य देखते रहे। तभी नफीस-इदरीश ने शव ठिकाने लगाने के लिए गाड़ी में डालकर फेंकने की सलाह दी थी। इसलिए सभी नामजद हत्या के आरोपी बनाए गए हैं।