अलीगढ़ में रहने वाले इलेक्ट्रीशियन की हत्या का खुलासा हो गया है। पुलिस ने तीन लोगों को हिरासत में लिया है। इलेक्ट्रीशियन की हत्या उसकी पत्नी ने दिव्यांग प्रेमी से कराई थी। प्रेमी ने दोस्तों को डेढ़ रुपये में हत्या की सुपारी दी थी। एक लाख रुपये एडवांस में दे दिए थे।
आगरा की जूता कंपनी के इलेक्ट्रीशियन राजकुमार (45) की हत्या उसकी पत्नी और दिव्यांग प्रेमी ने साजिश रचकर अपने दोस्तों की मदद से कराई थी। पुलिस ने चार दिन पहले हुई हत्या में अहम सुराग हाथ लगने के बाद पत्नी, प्रेमी व उसके एक दोस्त को हिरासत में ले लिया है। दो दोस्त अभी पकड़े नहीं गए हैं।
सर्विलांस व सीसीटीवी की मदद से मिले सुरागों के आधार पर तीनों से देर रात तक पूछताछ की जाती रही। 17 दिसंबर की सुबह लोधा के गांव हैवतपुर के अकरावत बंबे के पास कच्चे रास्ते पर आगरा के बैईपुर स्थित श्रीरामचंद्र पब्लिक विद्यालय के पास रहने वाले राजकुमार का शव मिला था।
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पकड़े गए आरोपी
- फोटो : पुलिस
पोस्टमार्टम में राजकुमार की सिर में गोली लगने व चेहरे आदि पर चाकू प्रहार से हत्या होना उजागर हुआ। हालांकि, पोस्टमार्टम में चेहरे पर गाड़ी चढ़ाने के साक्ष्य नहीं मिले थे, लेकिन घटनास्थल पर इस तरह के साक्ष्य मिले थे कि उसके चेहरे पर गाड़ी चढ़ाने का प्रयास हुआ।
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पत्नी और प्रेमी गिरफ्तार
- फोटो : पुलिस
लूथरा जूता कंपनी में इलेक्ट्रिशियन था राजकुमार
राजकुमार आगरा की लूथरा जूता कंपनी में इलेक्ट्रिशियन था। मंगलवार दोपहर वह घर से कहीं रुपये लेने जाने की कहकर निकला था। इसके बाद वापस नहीं पहुंचा था। इसी मामले में जांच करते हुए पुलिस ने पाया कि राजकुमार करीब डेढ़ बजे आगरा से रोडवेज बस में सवार हुआ। इसके करीब दो घंटे बाद वह अलीगढ़ में आगरा कट पर बस से उतरा है।
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राजकुमार का फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पत्नी ने एक नंबर पर की सात बार बात
इसके बाद के सीसीटीवी में वह एक कार में कुछ लोगों के साथ सवार पाया गया। कार वहां से घूमते हुए सूतमिल पहुंची। इसके बाद कुछ घंटे वहां रुककर रात 9:30 बजे के आसपास घटनास्थल की ओर गई। फिर सर्विलांस की मदद ली तो एक नंबर पर उसकी पत्नी की दोपहर के एक बजे से लेकर रात के चार बजे तक सात बार बात हुई।
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राजकुमार की हत्या के बाद मौके पर जांच करती पुलिस
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
साक्ष्यों के आधार पर तीन लोग हिरासत में लिए गए
बस इसी दिशा में जब काम शुरू किया तो संदेह के आधार पर पत्नी ज्योति के अलावा धनीपुर के दिव्यांग बॉबी, उसके कार स्वामी दोस्त धनीपुर मंडी के ही आढ़ती संदीप सिंह को हिरासत में ले लिया गया। देर रात तक हुई पूछताछ में संदीप के लोधा क्षेत्र के दो रिश्तेदार युवक भी उनके साथ बताए गए हैं, जिनकी तलाश की जा रही है। सीओ गभाना धनंजय के अनुसार घटना में मिले साक्ष्यों के आधार पर तीन लोग हिरासत में लिए गए हैं। पूछताछ के आधार पर रविवार को खुलासा किया जाएगा।
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राजकुमार की हत्या के बाद मौके पर जांच करती पुलिस
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
एक दशक पुराने प्रेम संबंधों में कराई ये हत्या
अब तक की पूछताछ में उजागर हुआ कि ज्योति का परिवार काफी पहले तक धनीपुर में बॉबी के घर में किराये पर रहा है। पूर्व में मृत राजकुमार भी इसी इलाके में किराये पर रहकर यहां जॉब करता था। तब राजकुमार के ज्योति से प्रेम संबंध हो गए। दोनों ने शादी कर ली।
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राजकुमार की हत्या के बाद मौके पर जमा लोग
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
दंपती पर एक 11 वर्ष की बेटी व दो वर्ष का बेटा भी है। इसके कुछ दिन बाद से ही ज्योति की दिव्यांग बॉबी से उसकी आर्थिक मजबूती के चलते नजदीकियां होने लगीं। वह मायके आने पर उससे मिलने जुलने लगी। वह उसके खर्चे भी उठाने लगा। चूंकि दिव्यांग होने के चलते बॉबी की शादी नहीं हो रही थी। इसलिए ज्योति व बॉबी में प्रेम संबंध हो गए। इन संबंधों की भनक राजकुमार को लगी तो वह विरोध करने लगा।
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राजकुमार की हत्या के बाद मौके पर जांच करती पुलिस
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इसी विरोध पर ज्योति व बॉबी ने उसे हटाने की योजना बनाई। योजना के तहत बॉबी ने अपने दोस्त संदीप व उसके दो रिश्तेदारों को हत्या के लिए डेढ़ लाख रुपया की सुपारी दी। इसमें एक लाख रुपया एडवांस दिया। राजकुमार को कुछ रुपयों की जरूरत थी। उसने उसे बॉबी के पास जाकर रुपये लेकर आने की सलाह देकर भेजा।
राजकुमार की हत्या के बाद मौके पर जांच करती पुलिस
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
उसने कहा कि वह उसे किसी से लॉन दिला लेगा। बस साजिश के तहत वह यहां आया तो उसे बॉबी, संदीप व उसके दो रिश्तेदारों ने कार में बिठाकर घुमाया। पहले खुद शराब पी। फिर रात में दस बजे के आसपास हत्या कर चेहरा बिगाड़ने का प्रयास किया। बाद में किसी वाहन के आने पर ये लोग भाग गए। इसके बाद चार बजे तक ज्योति व बॉबी में बात हुईं। इसी कॉल के सहारे पकड़े गए।