आगरा के सरोजिनी नायडू मेडिकल कॉलेज की पीजी की छात्रा डॉक्टर योगिता गौतम की हत्या के मामले में एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। हत्या के बाद आरोपी डॉक्टर विवेक तिवारी खुदकुशी करना चाहता था। इसका पता उसके उरई स्थित घर से एक फाइल में मिले सुसाइड नोट से चला है। पुलिस को घर से मिठाई का डिब्बा भी मिला है, जिसे वो डॉ. योगिता के लिए लेकर गया था।
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जूनियर डॉक्टर योगिता गौतम की फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
डॉ. योगिता गौतम नूरी गेट स्थित एक मकान में किराए पर रहती थीं। 18 अगस्त की रात उनकी हत्या कर दी गई थी। 19 अगस्त को सुबह उनका शव डौकी के बमरौली गांव में मिला था। पुलिस ने कानपुर के किदवई नगर निवासी उरई के मेडिकल ऑफिसर डॉ. विवेक तिवारी को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। पुलिस ने 25 अगस्त की शाम चार बजे हत्यारोपी विवेक तिवारी को तीन दिन की रिमांड पर लिया था। बुधवार को पुलिस टीम उसे उरई ले गई।
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योगिता की हत्या का आरोपी डॉक्टर विवेक तिवारी
- फोटो : अमर उजाला
डॉ. विवेक तिवारी के उरई स्थित आवास से हत्या में प्रयुक्त रिवॉल्वर, कुछ कारतूस, लाइसेंस के अलावा एक मोबाइल, कपड़े भी मिले हैं। एक फाइल भी मिली है। इसमें कुछ कागजात योगिता से संबंधित मिले हैं, उन्हीं के बीच एक सुसाइड नोट भी मिला है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि इसमें विवेक ने आत्महत्या करने की बात लिखी है। पुलिस सुसाइड नोट की हैंडराइटिंग का मिलान एक्सपर्ट से कराएगी।
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विवेक की कार की जांच करते फोरेंसिक टीम के सदस्य (फाइल)
- फोटो : अमर उजाला
सुसाइड नोट से माना जा रहा है कि योगिता की हत्या के बाद विवेक खुद भी आत्महत्या करना चाहता था। उधर, पुलिस रिमांड में रिवॉल्वर, कारतूस, कागजात, मोबाइल के अलावा एक मिठाई का डिब्बा भी घर से लेकर गई है। बताया जा रहा है कि वारदात के दिन इसी डिब्बे को लेकर विवेक आगरा गया था। इस कारण ही उसे भी जांच का बिंदु मानकर पुलिस साथ ले गई है।
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कार में बैठा आरोपी विवेक (सीसीटीवी कैमरे की तस्वीर)
- फोटो : अमर उजाला
ये साक्ष्य मिले
- सीसीटीवी कैमरों में कार की फुटेज।
- मोबाइल की लोकेशन, कॉल डिटेल।
- हत्या में प्रयुक्त रिवॉल्वर और योगिता का मोबाइल।
- आरोपी के मोबाइल में ऑडियो क्लिपिंग।
- कार में मिले खून के धब्बे और बाल।
- डॉक्टर योगिता के परिजनों का बयान।
कब क्या हुआ
- 18 अगस्त की शाम 7:30 बजे डॉ. योगिता नूरी गेट स्थित अपने घर से निकलीं।
- 19 अगस्त को सुबह आठ बजे बमरौली गांव में डॉ. योगिता की लाश मिली।
- शाम छह बजे परिजनों ने पोस्टमार्टम हाउस पर पहुंचकर शिनाख्त की।
- रात आठ बजे अपहरण का मुकदमा दर्ज किया गया। इसके बाद हत्या में तरमीम।
- रात नौ बजे जालौन पुलिस ने डॉक्टर विवेक को हिरासत में लिया।
- 20 अगस्त को पोस्टमार्टम में योगिता को तीन गोली मारे जाने की पुष्टि हुई।
- 21 अगस्त को पुलिस ने विवेक तिवारी को हत्या के आरोप में जेल भेजा था।
- 26 अगस्त को रिमांड पर डॉ. विवेक तिवारी को उरई ले गए। सरकारी आवास से रिवॉल्वर, मोबाइल, कपड़े बरामद व अन्य सामान बरामद।
- 26 अगस्त को शाम को आगरा लेकर आए।