फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दो साल में आंधी से तीसरी बार 'जख्मी' हुआ ताजमहल, मुख्य गुंबद के पीछे की रेलिंग गिरी

Sat, 30 May 2020 01:00 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा

सार

  • ताजनगरी में 124 किलीमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से आई आंधी ने तबाही मचा दी। इसके कहर से मोहब्बत की मिसाल ताजमहल भी जख्मी हो गया।
विज्ञापन
1 of 5
आंधी से स्मारक में हुआ नुकसान - फोटो : अमर उजाला
ताजनगरी में 124 किलीमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से आई आंधी ने तबाही मचा दी। मोहब्बत की मिसाल ताजमहल को भी भारी नुकसान पहुंचा है। आंधी से मुख्य मकबरे के पीछे यमुना की तरफ की पत्थर की जालीदार रेलिंग गिर गई। पूर्वी व पश्चिमी गेट पर प्रवेश द्वार पर मेटल डिटेक्टर मशीन, फाइबर की छत, ऑटोमेटिक गेट ध्वस्त हो गए। स्मारक के अंदर भी कई पत्थर गिरे हैं। 
Trending Videos
विज्ञापन

2 of 5
आंधी से स्मारक में हुआ नुकसान - फोटो : अमर उजाला
ताजमहल के मुख्य प्रवेश द्वार पर पिछले साल ही नई व्यवस्था की गई थी। मेट्रो की तरह ऑटोमेटिक द्वार लगाए गए थे। ये टोकन से खुलते हैं। इनमें प्रवेश के लिए प्रत्येक पर मेटर डिटेक्टर मशीन लगाई गई थी। ये भी ध्वस्त हो गई हैं। हालांकि एएसआई के अधिकारी इससे इतनी बड़ी क्षति नहीं मान रहे हैं। 
विज्ञापन

3 of 5
यमुना की तरफ की रेलिंग गिरी - फोटो : अमर उजाला
एएसआई के अधिकारियों का कहना है कि ये सब हाल ही का स्ट्रक्चर है जो एक या दो दिन में ही फिर से खड़ा हो सकता है। चिंता इस बात की है कि यमुना की तरफ की रेलिंग गिर गई है। इसे फिर से तैयार कराया जाएगा। इसमें पत्थर इस्तेमाल होगा। इसे मुगलकालीन लुक किया जाएगा। अधीक्षण पुरातत्वविद बसंत कुमार स्वर्णकार ने बताया कि जल्द मरम्मत कार्य शुरू किया जाएगा। अन्य स्मारकों में भी देखा जा रहा है कि कोई नुकसान तो नहीं हुआ है। 

4 of 5
आंधी से स्मारक में हुआ नुकसान - फोटो : अमर उजाला
दो साल में तीन बार आंधी से स्मारक को नुकसान पहुंचा है। वर्ष 2018 में एक ही महीने में दो बार पिलर और पत्थर गिरे थे। दो मई को भारी नुकसान हुआ था। इससे पहले 2018 में 11 अप्रैल और दो मई को आंधी ने नुकसान पहुंचाया था। तब आंधी की रफ्तार 132 किमी. प्रति घंटा थी। रॉयल गेट, दक्षिणी गेट के उत्तर पश्चिम गुलदस्ता पिलर टूटकर गिर गए थे। सरहिंदी बेगम, फतेहपुरी बेगम के मकबरों में भी गुलदस्ता पिलर गिरे थे। 
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
ताजमहल में पसरा सन्नाटा - फोटो : Amar Ujala
ताज में मुमताज के अलावा शाहजहां की दो और बीवियां सरहिंदी बेगम और फतेहपुरी बेगम दफन हैं। ताज को बनाते समय इस बात का ध्यान रखा गया था कि भूकंप, तूफान, बारिश से कम से कम नुकसान हो। इसीलिए मुख्य मकबरे की चारों मीनारों का रुख बाहर की ओर है। दो साल पहले की आंधी में फतेहपुर सीकरी में भी भारी नुकसान हुआ था।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें