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UP: आगरा में यमुना खतरे के निशान से पहुंची ऊपर, प्रशासन सतर्क...21 इलाकों में बाढ़ का खतरा

Sat, 23 Aug 2025 08:41 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

रौद्र रूप धारण कर चुकी यमुना शुक्रवार की शाम खतरे के निशान से ऊपर बहने लगी है। जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि इन क्षेत्रों के लोग राशन कार्ड, पासबुक, आधार कार्ड जैसे जरूरी कागजात वॉटरफूफ बैग में रखें। 
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यमुना का जलस्तर - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
गोकुल बैराज से बृहस्पतिवार को 97 हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद आगरा में उफान पर आई यमुना नदी का जलस्तर खतरे के निशान को पार करने के बाद शुक्रवार को और बढ़ा गया। शुक्रवार को यमुना का जलस्तर 496.3 फीट पहुंच गया। वहीं, शुक्रवार को भी गोकुल बैराज से 88 हजार क्यूसेक पानी छोड़ने के बाद प्रशासनिक अमले ने करीब 15 क्षेत्रों के बाढ़ प्रभावित होने की आशंका के चलते तैयारी कर ली है।

प्रशासनिक अमले का मानना है कि शनिवार को जिले के ग्राम तनौरा, नूरपुर, कैलाश, स्वामी बाग, नगला बूढी, अमर विहार दयालबाग, मोती महल, कटरा वजीर खां, रामबाग बस्ती, अप्सरा टाकीज, यमुना किनारा रोड वेदान्त मन्दिर से फोर्ट और तहसील फतेहाबाद में ग्राम भरापुर बमरौली, ईदौन, भडायना, भेवीकलों, गुडा मेवली खुर्द, हिमायूपुर आदि ग्राम प्रभावित हो सकते हैं। ऐसे में जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि इन क्षेत्रों के लोग राशन कार्ड, पासबुक, आधार कार्ड जैसे जरूरी कागजात वॉटरफूफ बैग में रखें। साथ ही क्लोरिन, ओआरएस तथा आवश्यक दवाइयां प्राथमिक उपचार किट में रखकर सूखे अनाज व मवेशियों के चारे को किसी ऊंचे स्थान पर सुरक्षित रख लें। अपर जिलाधिकारी शुभांगी शुक्ला ने कहा कि तहसील के राजस्व अधिकारियों एवं कर्मचारियों को लगातार निगरानी के निर्देश दिए हैं।
 
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यमुना का जलस्तर - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
नगर निगम भी अलर्ट, सफाई नायक किए तैनात, शेल्टर होम तैयार
 यमुना नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि को देखते हुए नगर निगम प्रशासन भी अलर्ट मोड में आ गया है। संभावित खतरे को भांपते हुए निगम ने बाढ़ संभावित 14 स्थान पर सफाई नायकों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। अपर नगर आयुक्त शिशिर कुमार ने बताया कि घाटों पर दो-दो कर्मचारियों को शिफ्ट वाइज तैनात किया गया है।

 
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आपात स्थिति में तैयार रहने के निर्देश - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
आपात स्थिति में तैयार रहने के निर्देश
उन्होंने बताया कि निर्माण विभाग के अभियंता को भी आपात स्थिति में तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही निगम ने अपने सभी शेल्टर होम को तैयार कर लिया है ताकि वहां जरूरत पर लोगों को शरण दी जा सके। एसएफआई एपीडेमिक को कंजरवेंसी स्टोर में संक्रामक रोग नियंत्रण संबंधी दवाओं का पर्याप्त स्टोर रखने और पानी निकासी के लिए पंप तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं। ब्यूरो

 

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ये इलाके हो सकते हैं बाढ़ प्रभावित - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
ये इलाके हो सकते हैं बाढ़ प्रभावित
नगला बूढ़ी, अमर विहार दयालबाग, बल्केश्वर, जसवंत की छतरी, सरस्वती नगर, जीवनी मंडी कृष्णा कॉलोनी, बेलागंज सक्सेरिया वाली गली, यमुना किनारा रोड वेदांत मंदिर से आगरा फोर्ट तक, स्टेसी ब्रिज, छत्ता बाजार, कछपुरा नागला देवजीत मारवाड़ी वस्ती, मोती महल, यमुना ब्रिज कॉलोनी, कटरा बड़ी वजीर खान, रामबाग बस्ती, अप्सरा टॉकीज, भगवती बाग, राधा विहार, केके नगर, शोभा नगर और जगदंबा काॅलेज के आसपास।

 
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विधायक ने लिया जायजा - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विधायक ने लिया जायजा
विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल ने एसडीएम सदर सचिन राजपूत के साथ उत्तर विधानसभा क्षेत्र के संभावित बाढ़ग्रस्त क्षेत्र दयालबाग व बल्केश्वर पार्वती घाट आदि क्षेत्रों का दौरा किया। कहा कि अगर बाढ़ आती है तो सभी पीड़ितों का सहयोग करेंगे। इस दौरान मंडल अध्यक्ष योगेश दिवाकर, अनिल सेंगर, पार्षद भरत शर्मा, हरिओम बाबा आदि मौजूद रहे। ब्यूरो

 
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यमुना - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बटेश्वर के घाट पर डूबने से बचीं सिर्फ चार सीढ़ियां
हथिनीकुंड, ओखला और गोकुल बैराज से छोड़े गए पानी की आवक से शुक्रवार को भी बाह क्षेत्र की यमुना नदी में उफान जारी रहा। बटेश्वर के घाट पर यमुना नदी एक सीढ़ी और चढ़ गई है। सिर्फ 4 सीढ़ियां डूबने से बची हैं। पश्चिमी छोर के घाटों के ऊपरी स्तर पर लबालब हुई यमुना नदी बह रही है। बटेश्वर के घाट पर शुक्रवार को तीसरे दिन भी कल्यानपुर, भरतार गांव के लिए चलने वाली मोटरबोट बंद रही। बिक्रमपुर घाट के प्राथमिक विद्यालय की बाउंड्रीवाल तक यमुना के उफान का पानी पहुंच गया है। बच्चे एक घर की छत के रास्ते से पढ़ने के लिए स्कूल पहुंच रहे हैं। य
 
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यमुना - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
35 गांव में डूबी फसलें 
मुना नदी के उफान से बाह के 35 गांवों के तराई के खेतों में बाजरा, तिल और सब्जी की फसलें डूब गई हैं। फसलों को लेकर परेशान ग्रामीण किसानों की बाढ़ के खतरे ने नींद उड़ा दी है। उफान का पानी बड़ापुरा, गगनकी, रामपुर चंद्रसेनी, बिक्रमपुर घाट, चरीथा, बाग गुढियाना, कचौरा घाट, गढ़ी बरौली, सुंसार, कोट का पुरा, पुरा चतुर्भुज गांव तक पहुंच गया है। बीहड़ से जुड़ने वाले खादर और कच्चे रास्तों तक पानी आ गया है। हालांकि अभी बाह के किसी गांव का आबादी क्षेत्र प्रभावित नहीं हुआ है। प्रशासन ने राहत और बचाव के लिए पहले ही 5 बाढ़ चौकियां बटेश्वर, बिक्रमपुर, पारना, कचौराघाट, रामपुर चंद्रसेनी बनाई हैं। गांवों में मुनादी करा दी है कि नदी किनारे के गांव के लोग निचले इलाके में न रहें। बाह के एसडीएम हेमंत कुमार ने बताया कि यमुना के उफान पर 24 घंटे नजर रखी जा रही है। आबादी क्षेत्र प्रभावित नहीं हुआ है।
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