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World Snake Day: जानें सांपों से जुड़े ये अंधविश्वास, जो वास्तविकता से हैं परे

Sat, 16 Jul 2022 05:49 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
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World Snake Day - फोटो : Wildlife SOS
सांप का नाम आते ही हर इंसान खौफ खाने लगता है, लेकिन सच्चाई तो ये है कि हर सरीसृप विषैला नहीं होता है। इन सरीसृपों और जीवमंडल में उनकी अहम भूमिका के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए हर साल 16 जुलाई को वर्ल्ड स्नेक डे (World Snake Day) मनाया जाता है। वहीं वाइल्डलाइफ एसओएस, सांपों को बचाने और इन सरीसृपों से पैदा होने वाले डर को कम करने के लिए लोगों में जागरूकता फैलाने का काम सक्रिय रूप से कर रही है।

एनजीओ की रैपिड रिस्पांस यूनिट सांप और अन्य वन्यजीवों को बचाने के लिए चौबीस घंटे काम करती है। हर दिन आगरा की हेल्पलाइन (+91 9917109666) पर औसतन 10 से 15 सरीसृप बचाव के लिए कॉल प्राप्त होती हैं, जिसके फलस्वरूप मई की शुरुआत से लेकर अब तक वाइल्डलाइफ एसओएस की रेस्क्यू टीम ने 170 से भी अधिक सरीसृपों को सफलतापूर्वक बचाया है। भारतीय पौराणिक कथाओं में सांपों को हमेशा एक शक्तिशाली प्रतीक के रूप में चित्रित किया गया है, जिसके कारण सदियों से लोगों के मन में भय और अंधविश्वास ने घर बना रखा है। इन सरीसृपों से जुड़ी कई गुमराह करने वाली मान्यताएं हैं, जो नाहीं केवल उन्हें खतरे में डालती हैं, बल्कि मानव जीवन के लिए भी घातक साबित होती हैं।
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World Snake Day 2022 - फोटो : Wildlife SOS
देश में सांपों की 300 से भी अधिक प्रजातियां हैं, जिनमें से 60 से अधिक विषैली हैं। 40 से अधिक कम विषैली और लगभग 180 प्रजातियां विषैली नहीं हैं। स्पेक्टेकल्ड कोबरा (नाग), कॉमन क्रेट, रसल वाइपर और सॉ-स्केल्ड वाइपर को 'बिग 4' विषैली सांप प्रजाति के रूप में संदर्भित किया जाता है, जो भारत में अधिकांश सांप के काटने से होने वाली मृत्यु और चोट के मामलों के लिए जिम्मेदार हैं।
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World Snake Day 2022 - फोटो : Wildlife SOS
यह समझना महत्वपूर्ण है कि ज़हरीले सांप शिकार को पकड़ने या आत्मरक्षा के लिए जहर का उपयोग करते हैं। कोबरा आमतौर पर अपना जहर बर्बाद नहीं करते, बल्कि इसे भोजन और पाचन के लिए बचा कर रखते हैं। वह 90 फीसद समय सूखा ही काटते हैं, मतलब कि जहर को मानव शरीर में नहीं छोड़ते हैं। केवल 10 फीसद ही आमतौर पर खतरनाक मामले होते हैं, जहां पीड़ितों को तत्काल चिकित्सा सहायता की आवश्यकता होती है। 
 

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World Snake Day 2022 - फोटो : Wildlife SOS
अगर ज़हरीले सांप ने काट लिया तो लोगों को सांप की पहचान करना और शांत रहना जरूरी है। यदि सांप विषैला हो तो घड़ी, अंगूठी, चूड़ी आदि ऐसे किसी भी सामान को तुरंत निकाल दें। शरीर में विष को तेजी से फैलने से रोकने के लिए काटे गए स्थान को आसपास कपडे से बांध दें और किसी भी झाड़-फूंक वाले बाबा पर समय बर्बाद करने के बजाय पीड़ित को तुरंत अस्पताल ले जाएं। एंटी-वेनम की एक खुराक भी सभी प्रकार के ज़हरीले सांपों के काटने पर जीवन रक्षक की भूमिका निभाती है।
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World Snake Day 2022 - फोटो : Wildlife SOS
आगरा और उसके आस-पास का क्षेत्र में लगभग 15 सांपों की प्रजातियों का घर हैं। इनमें से केवल कोबरा (नाग) और कॉमन क्रेट जहरीले हैं। शहर में आमतौर पर पाए जाने वाले कुछ सामान्य गैर विषैले सांपों में इंडियन रैट स्नेक, रेड सैंड बोआ, कॉमन सैंड बोआ, इंडियन रॉक पायथन (अजगर), ब्लैक-हेडेड रॉयल स्नेक, कॉमन इंडियन वुल्फ स्नेक, कॉमन कैट स्नेक और चेकर्ड कीलबैक शामिल हैं।
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World Snake Day 2022 - फोटो : Wildlife SOS
इंडियन मॉनिटर लिज़र्ड या बंगाल मॉनिटर लिज़र्ड जिसे ज़्यादातर गोह या विषखापर के नाम से जाना जाता है। शहर में पाई जाने वाली एक और गैर-विषैली सरीसृप प्रजाति है, लेकिन जागरूकता में कमी और गलत धारणाओं के कारण, लोग इन्हें अत्यधिक ज़हरीली मान लेते हैं। असल में मॉनिटर लिज़र्ड (गोह) ज़हरीली नहीं होती। मॉनिटर लिज़र्ड जो की 5 फीट तक लंबी हो सकती हैं, झाड़ियों, पार्क, जंगलों में निवास कर सकती हैं और मुख्य रूप से छोटे स्तनधारी जीव, पक्षियों, कीड़ों को खाती हैं। आमतौर पर आश्रय या भोजन की तलाश में घर या इमारतों में प्रवेश करती हैं। यह प्रजाति वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की अनुसूची-1 के तहत सूचीबद्ध है। गोह को अक्सर उनके मांस और शरीर के अंगों के लिए मार दिया जाता है। मई से लेकर अब तक, वाइल्डलाइफ एसओएस की रेस्क्यू टीम ने आगरा शहर और उसके आसपास से लगभग 40 मॉनिटर लिज़र्ड को बचाया है।
 
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World Snake Day 2022 - फोटो : Wildlife SOS
वाइल्डलाइफ एसओएस के सह-संस्थापक और सीईओ कार्तिक सत्यनारायण ने कहा, 'बढ़ते शहरीकरण, घटते जंगल, निर्माण और भोजन की कमी के कारण, सांपों के मानव आवास में देखे जाने की घटनाओं में वृद्धि हुई है। ऐसे में लोगों का सरीसृपों से सामना होने पर गंभीर खतरों के बारे में जागरूक होना और ऐसी स्थिति में कुशल तरीके अपनाना और भी महत्वपूर्ण हो जाता है। बहुत से लोग सांपों के प्रति अपने डर के कारण उन्हें नुकसान पहुंचाते हैं, जिसका कोई मतलब नहीं होता। वाइल्डलाइफ एसओएस इस गलत दृष्टिकोण को बदलने और वन्यजीवों की उपस्थिति के प्रति जनता को संवेदनशील बनाने की दिशा में काम करता है।'
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World Snake Day 2022 - फोटो : Wildlife SOS
वाइल्डलाइफ एसओएस के डायरेक्टर कंज़रवेशन प्रोजेक्ट्स, बैजूराज एम.वी ने कहा  कि 'लोगों के लिए यह समझना महत्वपूर्ण है कि जब भी वे अपने घर में या आसपास सरीसृप देखें, तो घबराएं नहीं और शांत रहें। कभी भी उन्हें गलत तरीके से पकड़ने या मारने की कोशिश न करें क्योंकि इसके खतरनाक परिणाम हो सकते हैं, इसके बजाय हमारे हेल्पलाइन नंबर पर सूचना दें। मदद आने तक, सरीसृप की गतिविधि पर नज़र रखें, दूर से देखते रहें की वह कहां जा रहा हैं, ताकि हमारे बचावकर्मी बिना किसी देरी के उसे पकड़ सकें।'
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