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विश्व धरोहर सप्ताह: भैंसों का तबेला बना 'हाउस ऑफ बैजू बावरा', देखरेख के अभाव में हुआ बदहाल

Sat, 23 Nov 2019 04:46 PM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
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महान संगीतकार बैजू बावरा का महल - फोटो : अमर उजाला
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आगरा में महान संगीतयज्ञ बैजू बावरा का स्मारक बदहाल है। फतेहपुर सीकरी में बना 'हाउस आफ बैजू बावरा' उपेक्षा के चलते भैंसों के तबेले में तब्दील हो गया है। प्रचार-प्रसार के अभाव में पर्यटक भी यहां नहीं आते। गुमनामी का दंश झेल रहा यह स्मारक जर्जर हो चुका है।
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फतेहपुर सीकरी में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग के अधिकारी जहां बैठते हैं, वहां से महज तीन सौ मीटर दूर है महान गायक 'हाउस ऑफ बैजू बावरा'। यह स्मारक उनके समकालीन अकबर के दरबार के महान गायक तानसेन की बारहदरी के निकट सीकरी जाने वाले मार्ग पर है, जो बदहाल है। 

भवन की दीवारों के पत्थर अपनी जगह छोड़ चुके हैं। भवन को खूबसूरती प्रदान करने वाली छलियां छलनी हो चुकी हैं। इसके चारों ओर लाल पत्थरों को तलाश कर बनाया गया बरामद जर्जर है। स्मारक के अंदर विशेष कक्ष हैं। बरामदे के छज्जे गिर चुके हैं। 
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एएसआई ने 'हाउस ऑफ बैजू बावरा' के संरक्षित होने का बोर्ड लगा रखा है। देखरेख के अभाव में यह स्मारक जीर्णशीर्ण होता जा रहा है। वर्ल्ड हेरीटेज मॉन्यूमेंट फतेहपुर सीकरी स्मारक समूह में शामिल इस स्मारक से पर्यटन अंजान हैं। पर्यटक तानसेन का स्मारक देखकर ही लौट जाते हैं। 

आसपास क्षेत्र पर ग्रामीणों का कब्जा

इस स्मारक के आसपास के क्षेत्र को ग्रामीणों ने कब्जा रखा है। वह इसे व्यक्तिगत उपयोग में ले रहे हैं। यहां कोई उबले थाप रहा है तो कोई चारा एकत्रित कर रहा है। स्मारक से सटकर कई ग्रामीण रह भी रहे हैं। झाड़ियां उगी हुई हैं। जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। 
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