लॉकडाउन में उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले में रविवार की सुबह एक महिला की अचानक तबीयत बिगड़ गई। उसके परिजनों ने 102 नंबर पर फोन किया, लेकिन सरकारी एंबुलेंस नहीं आई। परिजन उसे ठेले पर ही लिटाकर जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। महिला ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया था।
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ठेले पर महिला का शव
- फोटो : अमर उजाला
शहर के मोहल्ला कटरा निवासी 42 साल की गुड्डी देवी के पति लक्ष्मी राठौर और बेटा जयपुर में प्राइवेट नौकरी करते हैं। लॉकडाउन के कारण वो दोनों वहीं फंसे हैं। रविवार सुबह गुड्डी देवी की अचानक तबीयत बिगड़ गई। परिजनों ने सरकारी एंबुलेंस सेवा के लिए 102 नंबर पर फोन किया।
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एंबुलेंस
- फोटो : अमर उजाला
परिजनों के अनुसार उन्होंने 102 नंबर पर समस्या बताई तो वहां से 108 पर फोन करने के लिए कह दिया गया। 108 नंबर पर फोन किया तो एंबुलेंस पर तैनात ईएमटी ने कहा कि एंबुलेंस अभी नहीं आ पाएगी। गाड़ी दूर है। लॉकडाउन के कारण परिजनों को कोई निजी वाहन भी नहीं मिल रहा था। उधर, गुड्डी देवी की तबियत बिगड़ती ही जा रही थी।
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ठेले पर महिला का शव
- फोटो : अमर उजाला
परिजन बीमार गुड्डी देवी को हाथठेला पर ही लिटाकर जिला अस्पताल के लिए चल दिए। परिजन ठेला लेकर सीधे अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में पहुंच गए। लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। गुड्डी की सांसें थम गई थीं। चिकित्सक ने जांच के बाद गुड्डी देवी को मृत घोषित कर दिया।
गुड्डी देवी की मौत के बाद उनके साथ आईं परिवार की महिलाएं रो पड़ी। कहने लगी, क्या यही सुविधा सरकार दे रही है। कई बार फोन किया, फिर भी एंबुलेंस नहीं आई। परिजन गुड्डी के शव को लेकर घर वापस चले गए। उन्होंने जयपुर में फंसे गुड्डी के पति और बेटे को सूचना दी है।