आगरा में पति की हत्या कर शव बोरे में फेंकने के मामले में अदालत ने मृतक की पत्नी, उसके प्रेमी और प्रेमी के भाई को उम्रकैद की सजा सुनाई है। मामले में मृतक की बेटी की गवाही सबसे अहम साबित हुई।
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मृतक पति और पत्नी ( फाइल फोटो)
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पति हत्या कर शव बोरे में बंद कर फेंकने के मामले में अदालत ने मृतक की पत्नी, उसके प्रेमी और प्रेमी के भाई सहित तीन आरोपियों को दोषी पाया। विशेष न्यायाधीश एससी एसटी एक्ट शिव कुमार ने तीनों को आजीवन कारावास के साथ 1.10-1.10 लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुना दी। आरोपियों को सजा दिलाने में मृतक की पुत्री की गवाही अहम रही।
थाना ताजगंज में दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, सिद्धार्थ नगर गोबर चौकी निवासी सुरेश चंद ने तहरीर देकर आरोप लगाया था कि 8 जून 2021 को सुबह 8 बजे उनके फोन पर एक कॉल आया। कॉल करने वाले ने कहा कि आपके बेटे नरेश कुमार की हत्या कर दी गई है। वह परिजन संग नगला कली पुष्पांजलि होम्स स्थित बेटे के घर पहुंचे। देखा तो घर पीछे खाली प्लॉट में बेटे नरेश का शव बोरे में बंधा हुआ था। उन्होंने बेटे की बहू प्रेमिता उर्फ प्रमिता पर शक जताया था।
पुलिस विवेचना में थाना शिकोहाबाद क्षेत्र के नगला केवल निवासी प्रमिता के प्रेमी रविकांत राजपूत और उसके भाई शशिकांत राजपूत का नाम सामने आया। पुलिस ने हत्या व अन्य धाराओं के साथ इन पर एससी-एसटी की धारा बढ़ाई। अभियोजन पक्ष की तरफ से अदालत में 10 गवाह पेश किए गए। गवाहों में मृतक की पुत्री की गवाही अहम रही।
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घटना स्थल का फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पति की हत्या के दौरान कमरे में बंद कर दिए थे तीनों बच्चे
मृतक की पुत्री लवली ने अदालत को बताया कि हम तीन भाई-बहन है। घटना वाले दिन मेरे मम्मी-पापा घर पर थे। दोनों झगड़ा हो रहा था। मम्मी ने मोबाइल फोन देकर, हमें कमरे में बंद कर दिया और पीने के लिए कोल्डड्रिंक दे दी। कमरे की बाहर से गेट की कुंदी बंद कर दीं। तब उन्हें लड़ाई-झगडा व मारपीट की आवाज सुनाई दे रही थी। डर के मारे हम भाई-बहन चुपचाप सो गए।
रात लगभग 3 बजे मेरी नींद खुली, मैंने कुंडी खुलवाई तो मम्मी ने डांट दिया और कहा चुपचाप सो जा। फिर थोड़ी देर बाद मम्मी ने दरवाजा खोल दिया, जब मैं बाहर निकली तो बैड पर खून के धब्बे थे। मम्मी रात को नहा रही थीं। दीवार पर नाखून के निशान थे और दीवार पर खून भी लगा था। हमने डरते-डरते पापा के बारे में पूछा, क्योंकि पापा घर में दिख नहीं रहे थे, तभी मम्मी ने कहा छत पर सो रहे होंगे और छत पर दिखाने ले गई।
पुलिस हिरासत में पत्नी
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पापा छत पर भी नहीं थे। सुबह पता चला कि घर के पीछे पापा का शव मिला। मुझे पूरा विश्वास है कि मेरी मम्मी ने कुछ लोगों के साथ मिलकर मेरे पापा की हत्या कर दी। हम लोगों के कमरे में बंद होने के बाद रविकांत और शशिकांत अंकल भी घर आए थे। वह लोग पहले से आते-जाते रहते थे। इस वजह से उनकी आवाज पहचान ली।