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अहोई अष्टमी: जिन बेटों ने नाता तोड़ा, उनकी दीर्घायु के लिए 'तप' कर रहीं विधवा माताएं

Mon, 21 Oct 2019 05:24 PM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वृंदावन (मथुरा)
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विधवा माताएं - फोटो : अमर उजाला
मां तो आखिर मां होती है, जिसके अंदर करुणा का अथाह सागर तो आसमान से ऊंचा उसका मातृत्व। संतान भले ही उससे नाता तोड़ लें, लेकिन मां हमेशा उसका भला ही सोचती है। सोमवार को अहोई अष्टमी है। इस दिन मांओं ने अपनी की संतान की दीर्घायु के लिए निर्जला व्रत रखा है। वृंदावन में वो विधवा माताएं भी इस कठोर व्रत को करती हैं, जिनकी संतानों ने उनसे नाता तोड़ लिया है। ये महिलाएं कई वर्षों से अपने बच्चों और परिवार से दूर वृंदावन में वास कर रही हैं। 
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पश्चिम बंगाल की आरती सरकार - फोटो : अमर उजाला
मीरा सहभागिनी महिला आश्रय सदन में पिछले 16 वर्ष से वृंदावन में वास कर रही आरती सरकार (64) महाराष्ट्र के जलालाबाद की रहने वाली है। पति के देहांत होने के बाद वृंदावन आईं थीं। अपनी चार बेटियों और एक पुत्र के लिए आरती सरकार की आंखों में आंसू भर आते हैं। उन्होंने बताया कि वो अपने बच्चों से भले ही दूर हैं लेकिन मन में वो अभी बसे हैं। उनकी लंबी उम्र के लिए अहोई अष्टमी का निर्जला व्रत हैं। 
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पश्चिम बंगाल की कारुन दासी - फोटो : अमर उजाला
18 वर्ष से वृंदावन वास कर रही पश्चिम बंगाल की 70 वर्षीय कारुन दासी ने बताया कि वो अपनी पुत्री की दीर्घायु के लिए प्रतिवर्ष अहोई अष्टमी पर राधाकुंड स्नान करने के लिए जाती है और व्रत रखती है।

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मांट की रामरती - फोटो : अमर उजाला
मांट क्षेत्र निवासी रामरति (64) पति के देहांत हो जाने के बाद करीब 7 वर्ष से चैतन्य विहार स्थित महिला आश्रय सदन में रह रहीं हैं। वह अपने तीन बेटों से दूर रह रही हैं पर, उनकी लंबी उम्र की कामना के लिए वो अहोई अष्टमी का व्रत रहती हैं।
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साधना मंडल - फोटो : अमर उजाला
63 वर्षीय साधना मंडल कोलकाता की रहने वाली हैं। उन्होंने बताया कि वो प्रतिवर्ष निर्जला व्रत रखती हैं।  इन महिलाओं का कहना है कि उनके बच्चे भले ही उनकी परवाह न करें पर वो हमेशा अपने बच्चों की खुशहाली चाहती हैं।
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अहोई अष्टमी
ज्योतिषचार्य के अनुसार कार्तिक माह की कृष्णपक्ष की अष्टमी को अहोई अष्टमी व्रत का रखा जाता है। इस दिन मांएं संतान की मंगल कामना और दीर्घायु के लिए निर्जला व्रत रखकर अहोई माता (पार्वती) की पूजा करती हैं। नि:संतान महिलाएं संतान प्राप्ति की कामना से भी अहोई अष्टमी व्रत करती हैं।
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