मानसून के बादल इस बार सूबे के 75 जिलों में से सबसे ज्यादा आगरा पर मेहरबान रहे हैं। आगरा सूबे का पहला जिला है, जहां प्रदेश में सबसे ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। यहां सामान्य से 25 फीसदी ज्यादा बारिश हुई है। दूसरे स्थान पर पड़ोसी जिला फिरोजाबाद है, जहां सामान्य से 17 फीसदी ज्यादा बारिश दर्ज हुआ है। बाकी प्रदेश के 73 जिलों में बारिश सामान्य से कम रही है।
ठीक एक माह पहले मानसून ने प्रदेश को भिगोया था। इस दौरान मानसूनी बादलों ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सामान्य से 47 फीसदी कम बारिश की तो पूर्वी उत्तर प्रदेश ज्यादा सूखा रहा। पूर्वी उत्तर प्रदेश में उम्मीद से बेहद उलट 52 फीसदी बारिश कम र्हुई। मौसम विज्ञान विभाग के निदेशक जेपी गुप्ता के मुताबिक यह पहला मौका है, जब पूर्वी उत्तर प्रदेश के शहरों में सूखा पड़ा है और पश्चिम के शहरों में अपेक्षाकृत बारिश ठीक हुई। आगरा से सटे शहरों में केवल आगरा फिरोजाबाद ही ऐसा रहा, जहां बारिश बेहतर हुई। मथुरा, मैनपुरी और एटा में बारिश कम दर्ज की गई है। प्रदेश में सबसे कम बारिश रामपुर और फर्रु खाबाद में है, जहां 80 फीसदी की कमी आई।
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आगरा में हुई बारिश के बाद जलभराव
- फोटो : अमर उजाला
औसत से ज्यादा हो चुकी बारिश
विभाग के जारी आंकड़ों के मुताबिक आगरा में जुलाई माह में 214.9 मिमी बारिश का औसत है, जबकि इससे ज्यादा 286 मिमी बारिश हो चुकी है। मानसून की दस्तक के साथ ही आगरा में बारिश बेहतर रही। लगातार तीन दिन बारिश हुई, जिसमें बुधवार को 26.5 मिमी, बृहस्पतिवार को 55.4 मिमी और शुक्रवार को 19.8 मिमी बारिश दर्ज की गई।
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आगरा में हुई रिमझिम बारिश
- फोटो : अमर उजाला
शहर
बारिश हुई
सामान्य
वृद्धि/कमी
आगरा
286
228.5
25%
फिरोजाबाद
289
248
17%
मथुरा
164.5
222
-26 %
मैनपुरी
143
288
-50%
एटा
201
214
-6%
(बारिश के आंकड़े मिमी में हैं)
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आगरा में हुई रिमझिम बारिश
- फोटो : अमर उजाला
भूगर्भ जलस्तर पर पड़ेगा असर
आजादी के अमृत महोत्सव में चल रही अमृत सरोवरों की खुदाई से जिले के तालाबों में बारिश का पानी एकत्र हुआ है। भूगर्भ जल विभाग के सीनियर जियोफिजीसिस्ट शिवम द्विवेदी के मुताबिक इसका असर इस बार पोस्ट मानसून भूगर्भ जलस्तर पर पड़ सकता है। बीते साल की तरह इस बार भी बारिश ज्यादा होने से भूगर्भ जल में सुधार की उम्मीद है। हर ग्राम पंचायत में अमृत सरोवरों के जरिए बारिश का पानी सहेजा जा रहा है।