मानसून की बारिश ताजमहल की खूबसूरती पर दाग लगा रही है। पिछले चार-पांच दिनों में जोरदार बारिश से ताजमहल में कई जगह पत्थरों के चटके होने और जोड़ खुल जाने से पानी का रिसाव संगमरमर पत्थर पर काई के दाग लगा रहा है।
विज्ञापन
2 of 5
संगमरमर के पत्थर पर काई के दाग
- फोटो : अमर उजाला
ताजमहल की मीनार और गुंबद के साथ चमेली फर्श वाले प्लेटफार्म पर काई के दाग ज्यादा नजर आ रहे हैं। रिसाव के कारण संगमरमर पर जमा काई दूर से ही पर्यटकों की आंखों में खटक रही है।
विज्ञापन
3 of 5
ताजमहल की उत्तर-पश्चिम मीनार
- फोटो : अमर उजाला
अप्रैल से जून तक यमुना में पानी की कमी और तापमान 44 डिग्री के पास होने के कारण गोल्डी काइरोनोमस कीड़ों का हमला होता रहा, जिस वजह से ताजमहल की उत्तरी दीवार पर हरे दाग लगातार बने रहे।
4 of 5
ताजमहल के पश्चिम की दीवार पर काला पडा कंकड़ लाईम
- फोटो : अमर उजाला
अब बारिश में कीड़ों के दाग तो धुल गए, लेकिन छतरियों और कलश से रिस रहे पानी के कारण ताजमहल पर काई के दाग लग रहे हैं। फिलहाल एएसआई की ओर से सभी जगहों पर संरक्षण कराया जा रहा है।
अधीक्षण पुरातत्वविद वसंत कुमार स्वर्णकार के मुताबिक, कुछ जगहों पर सीलन और रिसाव दिख रहा है। उन सभी जगहों पर काम कराया जा रहा है। पत्थरों के जो जोड़ खुल गए हैं, वहां प्वाइंटिंग की जानी है। मीनार समेत खुली जगहों पर विशेष रूप से देखरेख की जाएगी।