फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

तस्वीरें: प्रचंड में पानी को भटकते शहरवासी, पुरानी लाइनों की लीकेज ने बढ़ाई परेशानी

Fri, 29 May 2020 11:26 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
विज्ञापन
1 of 5
पानी लाते बच्चे - फोटो : अमर उजाला
गुम्मट तख्त पहलवान, मधु नगर, बापू नगर और नया घेर के लगभग 15 हजार लोग बृहस्पतिवार को पानी के लिए परेशान रहे। इन इलाकों में लाइनों में दबाव कम होने के कारण पानी नहीं पहुंच पाया। लोगों को आसपास जाकर पानी ढोकर लाना पड़ा। यहां लाइनें 100 साल से भी ज्यादा पुरानी हैं। इस कारण लीकेज और दबाव कम होने की समस्या है।
Trending Videos
विज्ञापन

2 of 5
टीटीएसपी के खराब सबमर्सिबल पंप पर लगी भीड़ - फोटो : अमर उजाला
जीवनी मंडी के पास नया घेर में पानी के लिए लोगों को सबमर्सिबल पंप का सहारा लेना पड़ा। लीकेज के कारण कई जगह पानी नहीं पहुंचा। लोगों को  टीटीएसपी की टंकियों से जाकर पानी भरना पड़ा। मधु नगर और पानी टंकी के पास गुम्मट तख्त पहलवान के लोग पानी के लिए टैंकरों पर निर्भर हैं। यह भी देरी से आया। इस कारण लोगों को आसपास से सबमर्सिबल से पानी ढोकर लाना पड़ा। मधु नगर पानी की टंकी से 12 साल पहले गुम्मट तख्त पहलवान तक पाइपलाइन पड़ी तो थी लेकिन अब तक चालू नहीं हो पाई। पुराने ऑपरेटरों ने बताया कि गुम्मट के लिए वाल्व खोला नहीं गया। 
विज्ञापन

3 of 5
सबमर्सिबल पंप से पानी लेने पहुंचे लोग - फोटो : अमर उजाला
ताजगंज में टीटीएसपी के सबमर्सिबल पंप के खराब हो जाने के कारण 3 दिन से गली में पानी नहीं आया। क्षेत्रीय पार्षद ने जलकल विभाग को फोन करके पानी नहीं मिलने की शिकायत की, जिसके बाद बृहस्पतिवार को पानी का टैंकर भेजा गया। टैंकर से पानी लेने के लिए लोगों में मारामारी मची रही। सुबह सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ाते हुए बच्चों से लेकर बड़ों तक ने टैंकर से पानी भरा।
 

4 of 5
सबमर्सिबल और टैंकरों पर निर्भर लोग - फोटो : अमर उजाला
पानी की टंकी 17 साल से शोपीस बनी खड़ी है लेकिन इससे हमारे यहां पानी नहीं आ पा रहा है। हमें इसके लिए दौड़ लगानी पड़ती है। सुबह- शाम सिर्फ पानी की चिंता रहती है। - संतोष चौधरी, गुम्मट 

सबमर्सिबल पंप पर ही पानी के लिए निर्भर हैं। पाइप लाइन पड़ी हुई है। अगर टंकी से पानी चालू कर दिया जाए तो हमारे पूरे क्षेत्र के लोगों को पानी के लिए दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। - रंजीत, गुम्मट

हमारे क्षेत्र में पानी की लाइनें बहुत पुरानी हैं, जो जर्जर होने से लगातार लीकेज हो रही है। नई लाइनें पड़ें, तब हमारी समस्या दूर हो पाएगी -महेंद्र राजौरिया, नया घेर 
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
गंगाजल (फाइल) - फोटो : अमर उजाला
ऊंचे टीलों पर पानी की दिक्कत है इसलिए सबमर्सिबल पंप से पानी भरकर लाना पड़ता है। कुछ जगह लीकेज से यह समस्या है। लाइनें बदल दी जाएंगी तो न केवल पानी बचेगा, बल्कि ज्यादा घरों तक भी पहुंचेगा। - चंद्र स्वरूप नया घेर 

गंगाजल योजना में नई लाइनें डालते
100 साल से पुरानी लाइनों के कारण लीकेज ज्यादा है। गंगाजल योजना में ही नई लाइनें डाल दी जातीं तो गंगाजल ज्यादा घरों तक पहुंचता। एक बूंद भी बर्बाद होते बर्दाश्त नहीं होती। -धर्मवीर सिंह पार्षद, रतनपुरा  
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें