कासगंज जिले में गंगा उफान पर बह रही है। तटीय इलाकों में बसे गांवों तक बाढ़ का पानी पहुंच गया है। तेजी जमीन का कटान भी हो रहा है, जिससे ग्रामीण चिंतित हैं। नदी किनारे बसे पांच हजार आबादी वाले गांव बरौना के अस्तित्व पर खतरा मंडराने लगा है। बुधवार को सैकड़ों ग्रामीण गांव को कटान से बचाने के लिए जद्दोजहद करते रहे। सिंचाई विभाग के कटानरोधी कार्यों में सहयोग भी कर रहे हैं। कुछ ग्रामीणों ने अपने आप ही सैंड बैग कटान प्रभावित इलाकों में लगाए। गांव के शहवाजपुर मार्ग पर गंगा के कटान का तेज प्रभाव था, क्योंकि यह सड़क ही अभी तक गांव की आबादी को बचाने का सहारा बनी हुई है। अगर सड़क कटी तो न केवल कटान की गति तेज होगी, बल्कि गंगा का पानी बरौना सहित आसपास के कई गांवों में पहुंच जाएगा।
अमर उजाला की टीम ने बुधवार को मौके पर पहुंचकर गांव बरौना के लोगों से हालात की जानकारी ली। गांव के मेघ सिंह शाक्य, धनपाल शाक्य, रामजीत शाक्य, मोहनलाल ने बताया कि अगर सड़क कटी तो गंगा की धारा बरौना में पहुंच जाएगी। आसपास के ही गांव घबरा, म्यूनी, छितैरा, बगवास, कालीगढईया, समसपुर, नगरिया, नगलातरसी, नगला डामर, गजौरा, धरमपुर, चुरलिया तक बाढ़ का पानी पहुंचने का अनुमान है। जिससे खेतीबाड़ी को भी नुकसान हो सकता है।