मथुरा के वृंदावन में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में मंगला आरती के समय भगदड़ से दो श्रद्धालुओं की मौत हो गई। जिस वक्त ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर प्रांगण में यह हादसा हुआ उस वक्त जनपद के तीन बड़े अधिकारी डीएम, एसएसपी और नगर आयुक्त मंदिर की ऊपरी मंजिल पर मौजूद थे। सेवायतों के अनुसार अधिकारियों के परिजन छत पर बनी बालकनी से दर्शन कर रहे थे। वहीं गैलरी में मौजूद अधिकारियों द्वारा वीडियो बनाया जा रहा था। इस पर मंदिर के सेवायतों ने कड़ी आपत्ति जताई है। सेवायतों ने कहा कि आम लोगों के लिए नियम हैं और अधिकारियों के लिए कोई मानक नहीं हैं। जब मंदिर में वीडियो बनाना मना है तो अधिकारियों ने नियमों का उल्लंघन क्यों किया?
ठाकुर बांके बिहारी मंदिर के सेवायत आचार्य प्रह्लाद वल्लभ गोस्वामी ने कहा कि ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में ठाकुरजी का फोटो और वीडियो लेना मर्यादा का उल्लंघन के साथ अपराध की श्रेणी में आता है। इसके लिए मंदिर परिसर में जगह-जगह फोटो लेना वर्जित है, के बोर्ड भी लगे हुए हैं।
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बांकेबिहारी मंदिर में हुआ था हादसा
- फोटो : अमर उजाला
उन्होंने कहा कि जब मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं को फोटो खींचना मना हो तो इसके बाद भी अधिकारी वीडियो बना रहे थे। उनका पूरा ध्यान अपने परिवार पर था। मंदिर के सेवायत दिनेश गोस्वामी ने कहा कि जब आम लोगों पर नियम लागू होते हैं तो अधिकारियों के ऊपर यह नियम क्यों लागू नहीं होते।
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बालकनी में खड़े आला अधिकारी
- फोटो : अमर उजाला
उन्होंने कहा कि अब अधिकारी कह रहे हैं कि वह व्यवस्थाओं पर नजर बनाए रखने के लिए मोबाइल से वीडियो बना रहे थे, तो मंदिर में जगह-जगह सीसीटीवी कैमरे और कार्यालय में कंट्रोल रूम किस दिन के लिए स्थापित किया गया है।
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बांकेबिहारी मंदिर से निकलते श्रद्धालु
- फोटो : अमर उजाला
मंदिर में वीडियो बनाने के मामले में सफाई देते हुए डीएम नवनीत सिंह चहल ने कहा कि अधिकारी ठाकुर बांके बिहारी महाराज का वीडियो नहीं बना रहे थे। मंदिर की व्यवस्थाओं पर नजर रखने के लिए मोबाइल से वीडियो बनाई जा रही थी। संवाद
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बांकेबिहारी मंदिर में भक्तों की भीड़
- फोटो : अमर उजाला
पूर्व में हुए हादसे
-27 अप्रैल 2009 में अक्षय तीज पर्व के अवसर पर मंदिर में दम घुटने से कानपुर निवासी 85 वर्षीय रमा माहेश्वरी की मौत हो गई थी, जबकि रोहिणी निवासी सरला अग्रवाल और रोहतक निवासी ब्रह्मानंद घायल हुए।
-21 जुलाई 2012 हरियाली तीज से एक दिन पूर्व मंदिर में भीड़ के रेले में दिल्ली के शकरपुर निवासी 67 वर्षीय देशराज की दम घुटने से मौत हो गई।
-19 अगस्त 2012 बांके बिहारी मंदिर में लगी स्टील की रैलिंग के टूटने से कई श्रद्धालुओं सहित बच्चे घायल
-9 सितंबर 2012 : यहां रेलिंग में फंसने से हाथरस निवासी उर्मिला गुप्ता और चंदौसी निवासी बीना शर्मा घायल हुए थे।
-1 जनवरी 2017 भीड़ में दबकर दिल्ली निवासी महेश अरोड़ा और अमृतसर निवासी दलजीत घायल हो गए थे।
-12 फरवरी 2022-गाजियाबाद निवासी 65 वर्षीय लक्ष्मण सिंह की मंदिर के 4 नम्बर गेट के बाहर मौत।
-12 मार्च 2022- मुंबई से वृंदावन दर्शन करने आईं 60 वर्षीय महिला मधु अग्रवाल की हुई मौत।
बांकेबिहारी मंदिर में भक्तों की भीड़
- फोटो : अमर उजाला
आज आ सकती है गठित टीम जांच करने
ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में हुए हादसे के बाद मुख्यमंत्री द्वारा गठित की गई जांच टीम सोमवार को वृंदावन आ सकती है। बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूर्व डीजीपी सुलखान सिंह की अध्यक्षता में गठित टीम में शामिल सदस्य अलीगढ़ के कमिश्नर गौरव दयाल वृंदावन बांकेबिहारी मंदिर आकर जांच कर सकते हैं। जांच समिति 15 दिन में अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।