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आस्था और विश्वास की 'अद्भुत धरती' पर आपका स्वागत है..., तस्वीरों में देखिए वसंत के रंग

Sat, 09 Feb 2019 08:41 PM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
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dayalbagh agra - फोटो : अमर उजाला
वसंत पंचमी पर आगरा का दयालबाग वसंती रंग में सराबोर है। आस्था और विश्वास की इस 'अद्भुत धरती' पर दूरदराज से सत्संगी वसंत पर्व मनाने आए हैं। तीन दिवसीय कार्यक्रम शनिवार से शुरू हो गया है। 
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पीले वस्त्र पहनकर सत्संगियों ने गीत गाकर वसंत पर्व का स्वागत किया। सत्संगियों ने गीत गाते हुए खेतों पर कार्य किया। बच्चे, बुजर्ग और महिलाएं सभी अपने खेवनहार का गुणगान किए जा रहे थे। 
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दयालबाग में उत्साह ऐसा कि तीन साल से 80 साल तक की आयुवर्ग के सत्संगी पावन पर्व मनाने पहुंचे। पूरा दयालबाग पीली चुनरिया ओढ़े नजर आया।

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दयालबाग में तीन दिवसीय कार्यक्रम के पहले दिन बच्चों के लिए पीवी प्राइमरी स्कूल में फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता हुई। इसमें तीन माह से आठ साल तक के बच्चों ने भाग लिया। 71 बच्चियां और 64 बच्चे शामिल रहे। 
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फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता में बच्चों ने सभी का मन मोह लिया। कोई परी बनकर आया तो किसी ने भालू की ड्रेस पहन रखी थी। फैंसी प्रतियोगिता के बाद बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। इसमें बच्चों ने कव्वाली, गीत, कविताएं सुनाईं।
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दयालबाग के स्वामी नगर में बनी हजूर महाराज जी के स्वागत के लिए परी लोक बनाया गया है। इसमें जाने पर ऐसा आभास होता है, मानो किसी दूसरी दुनिया में आ गए हैं। दयालबाग स्थित गोशाला भी आकर्षण का केंद्र है। इसमें गाय की प्रतिकृति बनाई गई है। 
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दयालबाग के मीडिया प्रभारी एसके नैयर के मुताबिक वर्ष 1861 में वसंत पंचमी के दिन परम पुरुष पूरन धनी हुजूर स्वामीजी महाराज ने सर्वसाधारण के लिए सत्संग प्रारंभ किए थे। राधास्वामी मत शुरू हुआ। 
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वसंत पंचमी के दिन ही 20 जनवरी 1915 को राधास्वामी मत के पांचवें आचार्य हुजूर साहब महाराज ने मुबारक कुएं के निकट शहतूत के पौधे का रोपण कर दयालबाग कॉलोनी की नींव रखी थी। इसका नाम दयालबाग रखा था।
 
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