उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों की संपत्ति दिन दूनी और रात चौगुनी बढ़ रही है। सत्ताधारी नेताओं की संपत्ति सबसे ज्यादा बढ़ी है। विधायक बनने के बाद ही किसी की संपत्ति छह गुना बढ़ी तो किसी की नौ गुना। चल और अचल संपत्तियां भी बढ़ गईं। न केवल विधायक, बल्कि पांच साल में उनकी पत्नी के बैंक खाते, जमीन और संपत्ति बढ़ने लगी। नामांकन के दौरान दिए गए शपथपत्र में ये तथ्य सामने आए हैं।
आगरा दक्षिण से विधायक योगेंद्र उपाध्याय के पास साल 2017 के शपथपत्र के मुताबिक 50 हजार रुपये नकद, 37.73 लाख रुपये बैंक खाते में, वैगन आर कार और 300 ग्राम सोने के आभूषण थे। इनकी कुल संपत्ति 51 लाख रुपये थी, जबकि 45 लाख रुपये का एक मकान था। तब उनकी पत्नी पर 500 ग्राम आभूषण और 5.20 लाख रुपये बैंक खाते में थे।