आगरा में सदर क्षेत्र की सगी बहनों के धर्मांतरण के मामले में पुलिस ने बड़े गिरोह का भंडाफोड़ किया। धर्मांतरण गिरोह के 10 से अधिक सदस्य पकड़े जा चुके हैं। दिल्ली से पकड़ा गया अब्दुल रहमान इस गिरोह का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है।
धर्मांतरण गिरोह की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, चाैंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। आगरा की सगी बहनों का धर्मांतरण कराने वाले मास्टरमाइंड अब्दुल रहमान के घर से पुलिस को रोहतक की युवती भी मिली थी। उसे बंधक बनाकर रखा गया था। पुलिस पूछताछ में युवती ने धर्मांतरण गिरोह को लेकर कई चाैंकाने वाले खुलासे किए हैं।
युवती को जुनैद नाम के युवक ने फंसाया था। युवती से पूछताछ में पुलिस को पता चला कि जुनैद युवतियों को सोशल मीडिया पर फंसाता है। उन्हें पास बुलाने के बाद निकाह कराता है। इस दाैरान निकाह करने वाले युवक युवतियों से संबंध नहीं बनाते हैं। ऐसा इसलिए करते हैं, जिससे युवती खुद को असुरक्षित महसूस न करे। वह आसानी से धर्म के लिए पूरी तरह से तैयार हो जाए। फिर उन्हें कोलकाता भेजा सके। इसके साथ ही उन्हें मुजाहिद भी बनाया जा सके। वह जो कहे वो करती रहें।
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धर्मांतरण गिरोह।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
दिल्ली के ओल्ड मुस्तफाबाद से पुलिस ने अब्दुल रहमान को गिरफ्तार किया था। उसके घर से रोहतक की युवती भी मिली थी। पुलिस उसे आगरा लेकर आई है। उससे पूछताछ की। उसने बताया कि वह राजनैतिक शास्त्र में एमए पास है। वर्ष 2018 में उसकी दोस्ती फेसबुक पर जुनैद से हुई थी। वह दिल्ली का रहने वाला है। दोनों बात करते थे। मैसेंजर पर दुख-दर्द शेयर करते थे। युवती के पिता फैक्टरी में काम करते हैं। घर की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। यह जानने के बाद जुनैद ने उसे अपने जाल में फंसाना शुरू किया। वह उसे अपने धर्म के बारे में बताने लगा। उसके धर्म के खिलाफ भड़काता था।
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धर्मांतरण गिरोह का पर्दाफाश
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
वह मिलने के लिए भी आने लगा। छह महीने बाद मिलने आया तो कलमा पढ़वा दिया। दोनों ने निकाह करने का फैसला कर लिया। वर्ष 2020 में जुनैद ने दूसरी युवती से निकाह कर लिया। मगर उसने युवती से रिश्ता नहीं तोड़ा। उधर, युवती का रिश्ता परिजन ने तय कर दिया। 24 नवंबर 2024 को शादी होने वाली थी। इसका पता चलने पर चलने पर जुनैद ने उसे भड़काया।
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धर्मांतरण गिरोह
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इस पर वो शादी से 12 दिन पहले घर से निकल गई। वह दिल्ली पहुंची। उसे शाहीन बाग स्थित एक हाॅस्टल में रखा गया। यहां पर कई सारी और भी युवतियां थीं। सब अलग-अलग रहती थीं। एक-दूसरे से किसी को बात करने की इजाजत नहीं थी। बाहर भी नहीं जाने दिया जाता था। विशेष धर्म की युवतियां अन्य को अपने धर्म के बारे में बताती थीं। कहती थी जब कयामत आएगी, तब जन्नत नसीब होगी।
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आगरा धर्मांतरण केस।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
जुनैद युवती को अब्दुल रहमान के घर ले गया। उसने युवती के बारे में जानकारी लेकर धर्मांतरण करा दिया। बाद में निकाह भी करा दिया, जबकि जुनैद पहले से शादीशुदा था। एक बच्चे का पिता भी है। युवती से कहा था कि उसके धर्म में सब जायज है। वह उसे खर्च के लिए रुपये देता था लेकिन अपने साथ घर नहीं ले गया। अब्दुल रहमान के साथ ही रखा। अब्दुल रहमान यह देखता था कि उसके दिमाग पर कितना असर पड़ा है। एक महीने पहले जुनैद ने युवती को तलाक भी दे दिया। इस पर उसे अब्दुल रहमान ने अपने घर बंधक बनाकर रख लिया, जिससे वह कहीं चली न जाए।
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मास्टरमाइंड अब्दुल रहमान के बारे में जानकारी देते पुलिस आयुक्त।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
रोहतक की युवती के मां और पिता सोमवार रात को ही आगरा आ गए थे। दोनों बेटी से मिलने के बाद फूट-फूटकर रोने लगे। वह कह रहे थे कि शादी से पहले चली गई। इसके बाद कोई पता नहीं था। उसकी फेसबुक आईडी बंद करा दी गई। मोबाइल नंबर भी नहीं था। इस कारण संपर्क नहीं हो पा रहा था। पुलिस भी उसकी तलाश में नहीं लग रही थी। ऐसे में वह भटकने के लिए मजबूर थे। अब बेटी मिल गई है। उसे घर लेकर जाएंगे। युवती भी कह रही है कि वह आरोपियों को सजा दिलाना चाहती है। उसका धर्मांतरण कराया गया।
रहमान के घर से बरामद पुस्तक
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
ऐसे हुआ बड़े गिरोह का पर्दाफाश
आगरा में सदर क्षेत्र की सगी बहनों के धर्मांतरण के मामले में पुलिस ने बड़े गिरोह का भंडाफोड़ किया था। दस आरोपी पकड़े गए थे, जिनको 10 दिन की रिमांड पर लिया गया है। इनमें गोवा की आयशा उर्फ एसबी कृष्णा भी शामिल है। वह धर्मांतरण के लिए आने वाले लोगों और अपने सदस्यों को रुपये मुहैया कराती थी। पुलिस ने उससे पूछताछ की, तो अब्दुल रहमान का नाम सामने आया था। इस पर पुलिस ने उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कराए थे। उसे दिल्ली से गिरफ्तार किया था।