आगरा में स्मार्ट सिटी योजना के तहत तैयार किए जा रहे हेरिटेज वॉक में अब पर्यटक मुगलिया और ब्रिटिश वास्तुकला से भी रूबरू होंगे। विरासत को सहेजने के लिए नगर निगम ने फसाड डेवलपमेंट प्लान तैयार किया है, जिसके तहत ऐतिहासिक इमारतों के सुधार का काम तेजी से शुरू हो गया है। ताजनगरी में पर्यटकों को ठहराव बढ़ाया जा सके। इसके लिए शहर के साथ साथ बाजारों पर भी फोकस किया गया है।
विज्ञापन
2 of 5
रावत पाड़ा बाजार में वर्षों पुरानी इमारत
आगरा के बाजारों तक पर्यटकों को पहुंचाने के लिए 1.65 किमी का हेरिटेज वॉक तैयार किया जा रहा है। वहीं प्रमुख बाजारों (रावतपाड़ा, किनारी बाजार, मनकामेश्वर मंदिर, जामा मस्जिद) में मुगलिया वास्तुकला, ब्रिटिश वास्तुकला या उससे पुरानी वास्तुकला को सहेजने का काम शुरू हो गया है। इसके लिए पहले चरण में 45 भवनों का चयन किया गया है। इन पर 86 लाख रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
विज्ञापन
3 of 5
वर्षों पुरानी इमारतें
इन बाजारों को चुनने के पीछे इनका इतिहास है। यह आगरा शहर के प्रमुख बाजार है, जो मुगलकाल और ब्रिटिश काल में भी इसी तरह से समृद्ध थे, जैसे आज है। यह व्यापार का प्रमुख केंद्र थे। आज भी देशी और विदेशी पर्यटक इन बाजारों में आते हैं। वे न केवल यहां खरीदारी करते हैं, बल्कि भारत की समृद्ध विरासत के दर्शन करते हैं। यहां जौहरी बाजार, किनारी बाजार, रावत पाड़ा, दरेसी बाजार आदि पुराने बाजार है।
4 of 5
वर्षों पुरानी इमारतें
स्मार्ट सिटी के तहत नगर निगम की ओर से किसी भी भवन की अंदर से छेड़छाड़ नहीं की जाएगी। किसी भवन स्वामी से रुपये भी नहीं लिए जाएंगे। नगर निगम पुराने भवन के आगे के हिस्से में जहां भी टूट फुट होगी। उसे ठीक करेगा। जिनमें छज्जे, मेहराब, जालियां, ड्योड़ी का सुधार और रंग रोगन शामिल है। भवन में जो भी प्राचीन कलाकृति है, उसे सहेजा जाएगा।
स्मार्ट सिटी के नोडल अधिकारी आरके सिंह ने बताया कि प्राचीन कलाकृति वाले 45 भवनों का चयन किया गया है। इन सभी भवनों में मुगलिया वास्तुकला, ब्रिटिश वास्तुकला या उससे पुरानी वास्तुकला की झलक मिलती है। 86 लाख रुपये की योजना तैयार की गई है। यहां अधिक से अधिक पर्यटकों को पहुंचाना ही हमारी मंशा है।