ताजमहल खुलने और पर्यटकों की आवक से कोरोना काल में सूने पडे़ चंबल क्षेत्र में भी पर्यटन की बहार आने की उम्मीद है। चंबल नदी के नंदगवां घाट पर घड़ियाल, मगरमच्छ, डॉल्फिन पर्यटकों को लुभाएंगे। चंबल क्षेत्र में रास्ते आदि की मरम्मत के साथ इसकी तैयारियां भी शुरू हो गई हैं।
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चंबल नदी में घड़ियाल
- फोटो : अमर उजाला
नंदगवां में 35 लाख की लागत से इंटरप्रिटेशन केंद्र बनवाने के साथ ही चंबल को ईको ट्यूरिज्म के रूप में विकसित किए जाने का प्रयास वन विभाग कर रहा है। यहां पर घड़ियाल, मगरमच्छ, डॉल्फिन, खास प्रजातियों के कछुओं की जलक्रीड़ा पर्यटकों को लुभाती रही है।
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चंबल सेंक्चुरी की खूबसूरत तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
देसी-विदेशी चिड़ियों का कलरव भी यहां आने वाले सैलानियों का मन मोह लेता है। कोरोना की दस्तक के साथ ही चंबल में पर्यटकों का आना बंद हो गया था। अब ताजमहल खुलने के साथ ही पर्यटकों का आना बढ़ने से चंबल में भी पर्यटन की बहार आने की उम्मीद है।
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चंबल में विदेशी पक्षी
- फोटो : अमर उजाला
माना जा रहा है कि चंबल में एक अक्टूबर से पर्यटकों की आवाजाही शुरू हो सकती है। यहां पर पर्यटक मोटरवोट के साथ चंबल की खूबसूरती का दीदार कर जलीय जीव, चिड़ियों का मन मोह लेने वाला नजारा देख सकेंगे।
चंबल सफारी जरार के निदेशक आरपी सिंह ने बताया कि ताजमहल आने वाले पर्यटक चंबल सफारी की लुफ्त उठा सकें। इसकी तैयारियां कर दी गई हैं। बाह के रेंजर आरके सिंह राठौड़ ने बताया कि बारिश में क्षतिग्रस्त हुए रास्ते ठीक किए जा रहे हैं। जल्द ही पर्यटकों की आवाजाही शुरू हो जाएगी।