कासगंज के नगला धीमर में शहीद सिपाही देवेंद्र जसावत के गांव में मातम पसरा रहा। सिपाही देवेंद्र के घर में तैयारी तो बहन प्रीति की डोली उठाने की चल रही थी लेकिन उठ गई भाई देवेंद्र की अर्थी। जिस घर में शादी की खुशियों की शहनाई बजने वालीं थीं, वहां मौत का मातम पसर गया। देवेंद्र अपनी छोटी बहन प्रीति की शादी की तैयारियों में लगे थे। शादी दो मई को होनी है।
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कासगंज हत्याकांड: शहीद देवेंद्र सिंह
- फोटो : अमर उजाला
परिजनों ने बताया कि देवेंद्र दस दिन पहले आए थे। शादी समारोह के लिए टेंट बुक किया था। इसके अलावा पिता महावीर सिंह से अन्य तैयारियों को लेकर बात की थी। मां और पत्नी से कहा था कि अब जल्दी ही छुट्टी लेकर आएंगे। देवेंद्र सिंह घर में इकलौते बेटे थे। उनकी छोटी बहन प्रीति है। देवेंद्र की शादी वर्ष 2016 में शमसाबाद के गांव नगला शादी निवासी चंचल के साथ हुई थी। उनकी तीन साल की बेटी वैष्णवी और तीन महीने की छोटी बेटी महक है। उनके पिता महावीर सिंह किसान हैं। उनके पास 11 बीघा जमीन है। इस पर फसल करते हैं।
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कासगंज हत्याकांड: घायल दरोगा अशोक कुमार, शहीद सिपाही देवेंद्र सिंह का फाइल फोटो
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गम में डूबे नगला बिंदु में नहीं जले चूल्हे
सिपाही देवेंद्र की शहादत की सूचना जैसे ही गांव नगला बिंदु पहुंची तो घरों में सन्नाटा पसर गया। बुधवार को गांव के किसी घर में चूल्हे नहीं जले। हजारों की संख्या में लोग शहीद सिपाही के घर पर शोक संवेदना व्यक्त करने पहुंच गए। वही गांव की गलियों में सन्नाटा रहा। शहीद सिपाही देवेंद्र को श्रद्धांजलि देने के लिए आगरा ग्रामीण की विधायक हेमलता दिवाकर, भाजपा के जिलाध्यक्ष गिरिराज सिंह कुशवाहा, पूर्व विधायक डॉक्टर धर्मपाल सिंह, पूर्व विधायक कालीचरण सुमन, सपा के जिलाध्यक्ष रामगोपाल बघेल भी पहुंचे।
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कासगंज हत्याकांड: इकलौते बेटे का पार्थिव शरीर देखकर देखकर बेसुध हुई मां
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बसपा के पूर्व विधायक कालीचरण सुमन और डॉ. धर्मपाल सिंह ने बिकरू कांड के शहीदों की तरह शहीद देवेंद्र के परिवार को एक करोड़ का मुआवजा देने की मांग की। डॉ. धर्मपाल सिंह ने बहन की शादी में भी सरकार द्वारा सहायता किए जाने की मांग की।
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कासगंज हत्याकांड: डीएम ने शहीद के पिता को गले लगाकर बंधाया ढांढस
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बचपन से था खाकी पहनने का सपना
देवेंद्र सिंह बचपन से ही पुलिस में भर्ती होना चाहते थे। इसके लिए गांव में ही तैयारी करते थे। उनके साथ ही दोस्त यशपाल, मनीष, दिनेश और नीरज पाठक भी तैयारी करते थे। पांचों पुलिस में भर्ती हो भी गए। शहीद के चचेरे भाई केवल सिंह ने बताया कि देवेंद्र ने गांव में रहकर ही पुलिस भर्ती की तैयारी की थी। उसके दोस्त भी साथ में रहते थे।
कासगंज हत्याकांड: शहीद सिपाही देवेंद्र सिंह की बेटी
- फोटो : अमर उजाला
वह सुबह दोस्तों के साथ ही दौड़ लगाने जाते थे। पढ़ाई भी करते थे। वर्ष 2015 में देवेंद्र भर्ती हो गए। उनके साथ ही दोस्त यशपाल, मनीष तोमर, नीरज पाठक यूपी पुलिस में भर्ती हुए, जबकि एक दिनेश एमपी पुलिस में तैनात हैं। उनके अलावा वर्ष 2018 में गांव की प्रियंका और काजल महिला सिपाही बनीं। देवेंद्र ने कुंडोल की स्प्रिंग फील्ड इंटर कॉलेज से हाईस्कूल तथा इंटर की पढ़ाई की। उसके बाद कृष्णा डिग्री कॉलेज बमरौली कटारा से बीएससी कर पुलिस में भर्ती हो गए।