कासगंज में चार हत्या और सुसाइड केस में मौत के कारणों की गुत्थी पोस्टमार्टम रिपोर्ट से स्पष्ट हो गई है। पत्नी की मौत गले पर धारदार हथियार के वार से हुई थी। बच्चों को खाद्य पदार्थ के साथ जहर का सेवन कराया गया था।
विज्ञापन
1 of 15
kasganj murder and suicide
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
कासगंज के अमांपुर में एक परिवार के पांच लोगों की मौत के कारणों की गुत्थी पोस्टमार्टम रिपोर्ट से स्पष्ट हो गई है। दो चिकित्सकों के पैनल ने सभी पांचों शवों का पोस्टमार्टम किया। पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी की गई।
रिपोर्ट के मुताबिक बच्चों की मौत जहर से हुई है जबकि पत्नी की मौत गले पर धारदार हथियार के वार से हुई। बच्चों को किसी खाद्य पदार्थ के साथ जहर का सेवन कराया गया। पोस्टमार्टम टीम ने बच्चों का बिसरा सुरक्षित रखा है, जिसकी जांच होगी।
विज्ञापन
2 of 15
दंपती का किया अंतिम संस्कार
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
घटनास्थल से प्रथम दृष्टया जो घटनाक्रम सामने आ रहा था, उसकी पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट से भी हुई है। बेटे की बीमारी और आर्थिक तंगी से परेशान सत्यवीर ने बच्चों को किसी खाद्य पदार्थ के साथ जहर का सेवन करा दिया जो उनकी मौत का कारण बना। पोस्टमार्टम में खाना भी शरीर में पाया गया।
केवल बच्चों का बिसरा ही सुरक्षित रखा
वहीं, पत्नी की मौत गले पर धारदार हथियार के वार से हुई है। उच्चस्तरीय जांच के लिए केवल बच्चों का बिसरा ही सुरक्षित रखा गया है, जिसकी जांच के पश्चात अन्य जानकारी भी सामने आएगी। सत्यवीर ने पत्नी और बच्चों की जान लेने के बाद खुद फंदे पर लटककर जीवन समाप्त कर लिया।
4 of 15
परिवार की मौत के बाद विलाप करते परिजन
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
तीव्र दुर्गंध वाला था जहर, खरपतवारनाशक का खाली डिब्बा मिला
फॉरेंसिक टीम को सत्यवीर के कमरे से खरपतवारनाशक का खाली डिब्बा और खून के निशान वाला चाकू भी मिला है। सत्यवीर ने बच्चों और पत्नी को खाने में जो जहर मिलाया, उसकी तीव्र दुर्गंध है। खरपतवारनाशक के तीन दिन पुराने खाली डिब्बे में दुर्गंध बनी हुई थी।
विज्ञापन
5 of 15
परिवार की मौत के बाद विलाप करते परिजन
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
फॉरेंसिक टीम ने तीन घंटे तक काफी गहनता से जांच पड़ताल की, लेकिन उन्हें कोई सुसाइड नोट नहीं मिला जिससे घटना का कारण स्पष्ट नहीं हो पा रहा है। पुलिस अधिकारियों की नजर भी फॉरेंसिक टीम के विश्लेषणों पर है जिससे सटीक वजह सामने आ सके।
दो डॉक्टरों के पैनल ने सभी पांच शवों का पोस्टमार्टम किया है। वीडियोग्राफी भी कराई गई है। बच्चों की मौत जहर से हुई है जबकि महिला की मौत गले पर धारदार हथियार के वार से हुई है- डॉ. राजीव अग्रवाल, सीएमओ।
विज्ञापन
7 of 15
ट्रैक्टर ट्रॉली में शव रखते परिजन व अन्य
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
अलग अलग चारपाइयों पर थे शव
दिल दहलाने वाली पांच मौतों के इस मामले में घटनास्थल की स्थिति काफी भयावह थी। सत्यवीर का शव फंदे पर लटका हुआ था जबकि अन्य बच्चों और पत्नी के शव अलग-अलग चारपाइयों पर थे। बड़ी बेटी प्राची एवं छोटे बेटे गिरीश का शव एक चारपाई पर था जबकि पत्नी रामश्री का शव अलग चारपाई पर था। बेटी आकांक्षा उर्फ अमरवती का शव अलग चारपाई पर मिला।
8 of 15
शवों के पीछे दौड़ते हुए परिजन व ग्रामीण
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सत्यवीर के अवसाद में जाने के 5 प्रमुख कारण आए सामने
सत्यवीर का बेटा गिरीश न्यूरो समस्या से गंभीर बीमार था। 15 से 20 हजार रुपये महीने का खर्च इलाज में आ रहा था। बेटे का इलाज आगरा में चल रहा था।
सत्यवीर आर्थिक तंगी के कारण अमांपुर कस्बे के पिता के नाम के मकान में भी हिस्सेदारी की मांग कर रहा था। इस मकान में उसका भाई देशराज रहता है।
उधार रुपये चुकाने का भी दबाव बना हुआ था। सत्यवीर ने कुछ लोगों से अलग अलग उधार रुपये ले रखे थे। उधार देने वाले लोग लगातार रुपये मांग रहे थे।
सत्यवीर के नाम एक बोलेरो कार थी। किराए पर चलती थी। पिता इसका संचालन कराते थे। बोलेरो की दुर्घटना होने पर मुआवजे की राशि सत्यवीर को मिली जिसमें कुछ रुपये उसने अपने पास रख लिए। यह रुपये रखने के लिए परिवार के लोगों से कहासुनी भी होती थी।
सत्यवीर के हिस्से की जमीन पर परिवार के लोग कब्जा जमाए थे और उसके खेती करने में अड़चनें पैदा कर रहे थे। लोगों के बीच इस तरह की चर्चाएं काफी थीं।
9 of 15
शवों के पीछे दौड़ते हुए परिजन व ग्रामीण
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सत्यवीर के हिस्से के खेत पर किया अंतिम संस्कार
कासगंज के नगला भोजराज में रविवार को सत्यवीर व उसके परिवार के सदस्यों के शव का अंतिम संस्कार करने के लिए उसके पिता नेम सिंह और ससुर बलवीर सिंह सहित अन्य परिजन के बीच शव के दाह संस्कार की बात नदी किनारे होने लगी।
इसके बाद उनके ससुर ने खेत पर बच्चों व बेटी और दामाद का अंतिम संस्कार की बात कही। इसके बाद शवों को ट्रैक्टर-ट्रॉली में रखकर खेत पर ले जाया गया। जेसीबी ने दूसरे भाई के खेत के पास बच्चों को दफनाने के लिए गड्ढा खोदा।
11 of 15
आत्महत्या करने वाले परिवार के घर में बुझा चूल्हा
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इस पर ससुर व अन्य लोगों ने मना किया और बाद में सत्यवीर के हिस्से वाले खेत पर गड्ढा खोदकर बच्चों के शव को दफनाने के बाद सत्यवीर व उसकी पत्नी रामश्री के शवों का वहीं पर दाह संस्कार किया गया।
12 of 15
मौके पर जांच के लिए पहुंची पुलिस
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
यह था पूरा मामला
कासगंज के अमांपुर के एक परिवार के पांच लोगों के शव एक घर में मिलने से सनसनी फैल गई। दिल दहलाने वाली घटना पर मौके पर पहुंची पुलिस के मुताबिक घर के मुखिया ने अपनी पत्नी और तीन बच्चों की जान लेने के बाद फंदे पर लटकर अपनी जान दे दी। पड़ोसियों और परिजन से बातचीत के बाद डीआईजी प्रभाकर चौधरी ने बताया कि इस वारदात के पीछे प्रथम दृष्टया आर्थिक तंगी का कारण सामने आया है। परिवार के लोगों की मौत तीन दिन पहले हुई है। घटना से पहले मृतक मुखिया ने घर के दरवाजे अंदर से बंद कर लिए और एक दरवाजे पर ताला भी लगा दिया। इसके बाद पत्नी बच्चों की जान लेकर फंदा लगा लिया।
13 of 15
मौके पर जांच के लिए पहुंची पुलिस
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इस घटना में सत्यवीर (45), उसकी पत्नी रामश्री (40), उसकी बड़ी बेटी प्राची (14), आकांक्षा (13) एवं बेटा गिरीश (10) के शव पुलिस ने बंद घर से बरामद किए। शनिवार शाम साढ़े छ: बजे बंद घर में परिवार के मुखिया सत्यवीर व अन्य परिजनों के मृत होने की सूचना पुलिस मिली। पुलिस तत्काल घटनास्थल पर पहुंची। चूंकि घर अंदर से बंद था इसलिए पुलिस प्रवेश नहीं कर सकी।
14 of 15
घटनास्थल पर जमा लोगों की भीड़
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इस पर एसपी ने फॉरेंसिक टीम व डॉग स्क्वायड को मौके पर भेजा और वीडियोग्राफी कराकर बंद मकान का दरवाजा कटवाया। घर के अंदर सत्यवीर का शव छत के कुंदे पर साड़ी के फंदे पर लटका मिला जबकि पत्नी रामश्री का शव दूसरे स्थान पर पड़ा हुआ था उसके गले पर निशान भी पाया गया। दोनों बेटी और बेटे के मुंह से झाग निकल रहे थे। बड़ी बेटी प्राची के मुंह से खून भी निकला था।
मौके पर जांच के लिए पहुंची पुलिस
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पड़ोसियों ने बताया कि सत्यवीर आर्थिक तंगी से जूझ रहा था और उसका घर भी इस तरह की गवाही दे रहा था। उसके घर का चूल्हा बुझा पड़ा था। आस पास बर्तन भी दिखाई नहीं दिए। वहीं कुछ लोगों ने यह भी बताया कि सत्यवीर के बेटा गिरीश पिछले काफी समय से बीमार चल रहा था। जिसके कारण न वह धंधा कर पा रहा था और वह आर्थिक बोझ से दबा हुआ था।