आगरा में हाईटेक अंदाज में सिंडिकेट बैंक के एटीएम से नकदी चोरी की घटना का पुलिस ने सात घंटे में खुलासा कर दिया। वारदात को अंजाम देने वाला मास्टरमाइंड बैंक का कर्मचारी निकला। उसने दो साथियों की मदद से वारदात को अंजाम दिया था। आरोपी को एटीएम का पासवर्ड बैंक मैनेजर की लापरवाही से मिला था। अगली स्लाइड्स में पढ़िए पूरा घटनाक्रम...
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बैंककर्मियों से पूछताछ करते पुलिस अधिकारी
- फोटो : अमर उजाला
जगदीशपुरा क्षेत्र के आवास विकास कॉलोनी सेक्टर 12 स्थित पद्म बिजनेस पार्क में गुरुवार की रात सिंडिकेट बैंक के बाहर एटीएम का डायनमिक लॉक खोलकर 6 लाख 27 हजार पांच सौ रुपये चोरी कर लिए गए। सीसीटीवी कैमरे में एक नकाबपोश बदमाश नजर आया। उसने तीन मिनट में पूरी वारदात को अंजाम दिया। पुलिस टीम ने सात घंटे में घटना का पर्दाफाश कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
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घटनास्थल पर पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस ने आवास विकास कॉलोनी निवासी बैंक कर्मचारी शुभम, हिमांशु शर्मा उर्फ गोलू पंडित और बॉबी को गिरफ्तार किया है। इनसे 5.28 लाख रुपये बरामद हो गए हैं। बाकी रकम के बारे में पुलिस पूछताछ कर रही है। घटना का मास्टरमाइंड बैंक कर्मचारी शुभम है। उसको एटीएम का पासवर्ड बैंक मैनेजर की लापरवाही से मिला। हिमांशु मोबाइल लूट में सिकंदरा थाना से जेल जा चुका है। बाबी का बड़ा भाई जेल जा चुका है।
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घटनास्थल पर पुलिस अधिकारी
- फोटो : अमर उजाला
एसपी सिटी बोत्रे रोहन प्रमोद ने बताया कि पद्म बिजनेस पार्क में सिंडिकेट बैंक का क्षेत्रीय कार्यालय है। यहां लगे एटीएम को सिकंदरा-बोदला शाखा के मैनेजर रवि पाठक देखते हैं। शुभम उनके टेंपरेरी अटेंडेंट के रूप में नियुक्त है। बैंक के बाहर लगे एटीएम में कैश वैन नहीं आती है। कर्मचारी ही कैश लोड करते हैं। 10 जून को बैंक के मैनेजर रवि पाठक ने दस लाख रुपये एटीएम में लोड कराए थे। इस दौरान शुभम भी था।
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सीसीटीवी फुटेज में दिखाई दे रहा चोर
- फोटो : अमर उजाला
मैनेजर ने मोबाइल में अंदर वाले लॉक का पासवर्ड फीड कर रखा था। उन्होंने कर्मचारी को मोबाइल देकर पासवर्ड से रुपये लोड करने के लिए बोल दिया। शुभम ने मोबाइल से पासवर्ड नोट कर लिया। रात में रेकी के बाद घटना की। एक अंदर आया, बाकी दोनों बाहर ही खड़े होकर निगरानी करते रहे। सभी पैदल ही आए थे। बैंक मैनेजर की लापरवाही पर उसके खिलाफ उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट दी जाएगी।
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चोरी के आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
एसपी सिटी ने बताया कि एटीएम के कैश बॉक्स में रुपये लगाने के लिए दो लॉक खोलने होते हैं। बाहर वाला चाबी से खुलता है, जबकि अंदर का पासवर्ड से। चाबी, पासवर्ड की जानकारी बैंक मैनेजर के पास होती है। रुपये निकालने वाले ने बाहर का ताला पेचकस से खोला। अंदर का पासवर्ड डालकर खोला गया था। इससे बैंक के कर्मचारी की मिलीभगत का अंदेशा हो गया था।
एटीएम से रुपये निकालने की घटना की जांच के लिए पुलिस ने 70 से अधिक लोगों को सर्विलांस पर ले लिया। बिजनेस पार्क में रात के समय गेट पर दो गार्ड रहते हैं। गुरुवार रात बच्चू सिंह और भरत ड्यूटी दे रहे थे। पुलिस ने उनको भी हिरासत में लिया। उन्होंने बताया कि 15 मिनट पहले ही एटीएम के बाहर से बच्चू सिंह राउंड लगाकर दूसरी तरफ चेक करने लगे। इसी दौरान वारदात हुई। पासवर्ड से लॉक खोलने के कारण शोर नहीं सुनाई दिया। उनको क्लीन चिट दे दी गई।