बिहार के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री तेजप्रताप यादव ने कहा कि विश्व प्रसिद्ध श्रीराधारानी मंदिर के दर्शनार्थियों के लिए अखिलेश सरकार के ड्रीम प्रोजेक्ट रोपवे (उड़न खटोला) को योगी सरकार गड्ढे में दबाना चाहती है। मंगलवार की शाम तेजप्रताप यादव अपने मित्र लक्ष्मण प्रसाद शर्मा के साथ राजद सुप्रीमो व पिता लालू प्रसाद यादव के स्वास्थ्य को लेकर चिंतित दिखे। उन्होंने बरसाना स्थित श्री राधारानी की शरण में पहुंच कर लालूजी के स्वास्थ्य लाभ के लिए प्रार्थना की।
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तेजप्रताप यादव
- फोटो : अमर उजाला
लालू यादव के पुत्र जब बरसाना से दर्शन कर लौट रहे थे इस दौरान उनकी नजर मंदिर के समीप एक वर्ष पूर्व रोपवे के लिए खोदे गए गड्ढे पर पड़ी। यहां जानवर विचरण कर रहे थे। तेजप्रताप अपने मित्र लक्ष्मण को लेकर गड्ढे के समीप पहुंचे और योगी सरकार पर तंज कसते हुए बोले पूर्ववर्ती अखिलेश सरकार के ड्रीम प्रोजेक्ट में शामिल बरसाना रोपवे को योगी सरकार गड्ढे में दबाना चाहती है।
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मंदिर राधारानी
- फोटो : अमर उजाला
विदित रहे श्रद्धालुओं को बरसाना के ब्रह्मंचल पर्वत स्थित श्रीराधारानी मंदिर के लिए तकरीबन 600 फीट की ऊंचाई पर 350 सीढ़ियां चढ़ कर श्रीजी के दर्शन करने जाना पड़ता है। सीढियां चढ़ने में असमर्थ बहुत से श्रद्धालु श्रीजी के दर्शनों से वंचित रह जाते है।
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प्रोजेक्ट की लगी पट्टिका
- फोटो : अमर उजाला
अखिलेश सरकार ने श्रद्धालुओं की इस समस्या को ध्यान में रखते हुए करीब 20 करोड़ की लागत से 200 मीटर लंबे एवं 187 मीटर ऊंचे रोपवे को मंजूरी देकर अपने ड्रीम प्रोजेक्ट में शामिल किया था।
पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने लखनऊ में ही 23 दिसंबर 2016 को किसान नेता चौ. चरण सिंह की जयंती पर रोपवे का शिलान्यास किया था। चार साल बीत जाने के बाद भी योगी सरकार उड़नखटोला को अमलीजामा नहीं पहना सकी है।