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ताज के 500 मीटर का दायरा: समानता से बड़ा निकला रोजी रोटी का सवाल, बढ़ाई गई व्यावसाय बंद करने की मोहलत

Sat, 22 Oct 2022 07:37 PM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
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ताजगंज क्षेत्र - फोटो : अमर उजाला
सुप्रीम कोर्ट ने समानता का अधिकार अनुच्छेद 14 का हवाला देकर ताजमहल के 500 मीटर में व्यावसायिक गतिविधियों को बंद करने के आदेश दिए थे। आजीविका का अधिकार अनुच्छेद 21 के तहत प्रशासन और एडीए ने व्यावसायिक गतिविधयां बंद करने के लिए दूसरी बार मोहलत बढ़ाई है। ऐसे में यहां रोजी रोटी का सवाल समानता के अधिकार से बड़ा निकला है।

ताज पश्चिमी गेट मार्केट एसोसिएशन ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करते हुए समानता के अधिकार का पालन कराने की गुहार लगाई थी। याचिककर्ता का कहना था कि उन्हें 21 साल पहले ताजमहल की 500 मीटर परिधि से बाहर कर दिया गया, जबकि 21 साल बाद भी वहां व्यावसायिक गतिविधियां हो रही हैं। यह समानता के अधिकार का उल्लंघन है। जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने 26 सितंबर को समानता के अधिकार अनुच्छेद 14 का हवाला देते हुए आगरा विकास प्राधिकरण को ताजमहल की दीवार से 500 मीटर के दायरे में सभी व्यावसायिक गतिविधियां बंद कराने के आदेश दिए थे। जिसके बाद जिलाधिकारी की अध्यक्षता में 1 अक्तूबर को बैठक में सुप्रीम कोर्ट के आदेश का अनुपालन कराने के लिए एडीए ने 15 दिन की मोहलत देते हुए व्यापार बंद करने के नोटिस जारी किए थे।
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ताजगंज - फोटो : अमर उजाला
इस बीच दिवाली आ गई और त्योहार से पहले रोजी रोटी छिनने की आशंका पर प्रभावित व्यापारियों का प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिला। वहां रोजगार उजड़ने का हवाला देते हुए समय बढ़ाने की मांग की। जिसके बाद प्रशासन, एडीए, नगर निगम, पुलिस और व्यापारियों की बैठक हुई। 21 अक्तूबर को प्रशासन व एडीए ने दूसरी बार मोहलत बढ़ाते हुए 17 जनवरी तक व्यावसायिक गतिविधियां बंद करने के निर्देश दिए हैं। 
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आईएएस नवनीत सिंह चहल। - फोटो : amar ujala
जिलाधिकारी नवनीत चहल का कहना है कि मोहलत बढ़ाने की वजह आजीविका का सवाल है। सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ताओं से कानूनी सलाह ली गई है। व्यापारियों ने छह महीने की मोहलत मांगी थी। परंतु सुप्रीम कोर्ट के आदेश का अनुपालन कराने के लिए अब तीन महीने की मोहलत दी गई है। तीन महीने में व्यापार बंद करना होगा। इस बीच यदि सुप्रीम कोर्ट का कोई अन्य आदेश आता है, तो वह प्रभावी होगा। सुप्रीम कोर्ट में प्रभावित व्यापारियों की तरफ से दायर याचिका में भी आजीविका के अधिकार का हवाला दिया है। 500 मीटर के दायरे में व्यावसायिक गतिविधियां बंद होने से करीब तीन हजार परिवार प्रभावित हो सकते हैं। 

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ताजगंज - फोटो : अमर उजाला

17 जनवरी तक बंद करना होगा व्यापार

आगरा विकास प्राधिकरण की सचिव गरिमा सिंह ने शनिवार को ताजमहल के 500 मीटर में व्यापार कर रहे लोगों को 17 जनवरी तक समय दिया है। 17 जनवरी तक व्यापार बंद नहीं करने पर इसे सुप्रीम कोर्ट की आदेश की अवमानना माना जाएगा। अवमानना पर पुलिस व प्रशासन जबरन दुकानें बंद कराएगा। जिसके लिए व्यापारी स्वयं जिम्मेदार होंगे।
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ताजगंज - फोटो : अमर उजाला

ये है समानता का अधिकार

संविधान में समानता के अधिकार को अनुच्छेद 14 के तहत परिभाषित किया गया है। इस अधिकार के अनुसार किसी के साथ धर्म, जाति, वंश, लिंग व जन्म स्थान के आधार पर भेदभाव नहीं किया जा सकता।
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सुप्रीम कोर्ट - फोटो : Social media

ये है आजीविका का अधिकार

 सुप्रीम कोर्ट ने जीवन के अधिकार अनुच्छेद 21 में आजीविका के अधिकार को परिभाषित किया है। जिसके अनुसार फुटपाथ से भी यदि किसी व्यक्ति को हटाया जाएगा तो पहले उसके लिए आश्रय व्यवस्था की जाएगी। 
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लड्डू बांटते व्यापारी - फोटो : अमर उजाला

व्यापारियों ने बांटी मिठाई

प्रशासन व एडीए के तीन महीने की मोहलत बढ़ाने के निर्णय से ताजगंज के व्यापारियों में खुशी की लहर है। शनिवार को खद्दर चौराहा पर सपा नेता राकेश अग्रवाल के नेतृत्व में व्यापारियों ने मिष्ठान वितरण किया। प्रशासन को धन्यवाद किया। सपा नेता राकेश अग्रवाल ने कहा कि हमें न्यायपालिका पर विश्वास है। हजारों लोगों की रोजी रोटी न्यायालय नहीं छिनने देगा। 
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