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यूपी: ताजमहल पर 'रहस्यमयी' आफत, बदलने लगा संगमरमरी दीवारों का रंग! इन खतरनाक कीटों ने किया हमला

Tue, 20 Oct 2026 08:36 AM IST
Dhirendra Singh अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

यमुना में सीवर और गंदगी से पनपे गोल्डी काइरोनॉमस कीड़ों ने ताजमहल की उत्तरी संगमरमरी दीवारों पर हरे और काले दाग छोड़ दिए हैं।  वर्ष 2016 से सामने आ रही इस समस्या का अब तक स्थायी समाधान नहीं हुआ है। पर्यावरण कार्यकर्ताओं ने नालों की टैपिंग, प्रदूषण नियंत्रण और यमुना की सफाई की मांग उठाई है।
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ताजमहल - फोटो : अमर उजाला
ताजमहल के पीछे यमुना नदी में मंटोला नाले के जरिये पहुंच रहे सीवर और गंदगी से पनपे कीड़ों ने ताजमहल के संगमरमर की दीवारों पर फिर से हरे दाग कर दिए हैं। यमुना किनारे की उत्तरी दीवारों पर गोल्डी काइरोनॉमस नामक कीड़ों का हमला हुआ है। ये कीड़े संगमरमर की दीवारों पर बैठने के साथ इन पर मल छोड़ते हैं, काले और हरे रंग के दाग नजर आने लगे हैं।

सोमवार को अधीक्षण पुरातत्वविद डॉ. स्मिता कुमार ने ताजमहल के निरीक्षण में इसकी उत्तरी संगमरमरी दीवारों पर हरे और काले रंग के दाग पाए। मकबरे की दीवार, चमेली फर्श पर बने कमरों की जालियों, मेहराबों और स्टील रेलिंग के लिए बनाए गए संगमरमर के बेस पर कीड़ों के बैठने के कारण हरे दाग लगे मिले। यह कीड़े अक्तूबर और अप्रैल की गर्मी में यमुना नदी में पानी का बहाव बेहद कम हो जाने और इस दौरान भारी मात्रा में प्रदूषण आने पर पनपने लगते हैं।
 
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ताजमहल पर कीटों का हमला - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
वर्ष 2016 में यह कीड़े पहली बार नजर आए थे, जिस पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल में डीके जोशी ने याचिका दायर की थी। तब दशहरा घाट और इसके आगे एनजीटी के आदेश पर सिल्ट हटाकर सफाई कराई गई थी। पांच सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया था, जिसने नदी में प्रदूषण की मात्रा कम करने, नालों को टैप करने और यमुना में पानी का बहाव बरकरार रखने के लिए सुझाव दिए थे। दरअसल, यमुना में भारी प्रदूषण और सिल्ट में गोल्डी काॅइरोनॉमस कीड़ा तेजी से पनपता है। यह कीड़ा ज्यादा ऊंचाई तक नहीं उड़ पाता, इसीलिए चमेली फर्श और इससे थोड़ा ऊपर तक ही पहुंच पाता है।

 
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ताजमहल पर कीटों का हमला - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
अधिवक्ता और पर्यावरण कार्यकर्ता केसी जैन ने बताया कि कीड़ों की संख्या प्रदूषण के कारण बढ़ रही है। यमुना नदी में डी-सिल्टिंग के बिना सफाई मुश्किल है। प्रदूषण रोकने के कदम तत्काल उठाए जाएं।
 

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ताजमहल पर कीटों का हमला - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
याचिकाकर्ता डॉ. संजय कुलश्रेष्ठ ने बताया कि एनजीटी के आदेश पर नालों को मार्च तक टैप किया जाना था, लेकिन न एसटीपी बने, न ही सीवर व्यवस्था ठीक हुई। यमुना में सीवर जाएगा तो ऐसे ही कीड़े पनपेंगे जो ताज के लिए खतरा हैं। यह कीड़े पूरे सिस्टम के दावों की पोल खोल रहे हैं।
 
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ताजमहल पर कीटों का हमला - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पर्यावरण कार्यकर्ता डॉ. शरद गुप्ता का कहना है कि यमुना में कोई नाला ऐसा नहीं जो टैप किया गया हो। मंटोला, भैंरो नाला और ताज टैनरी के पास से गिर रहा नाला कचरा, सिल्ट और सीवर पहुंचा रहा है। अधिकारी टैपिंग के केवल झूठे दावे कर ताज को नुकसान पहुंचा रहे हैं।
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ताजमहल पर कीटों का हमला - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
एएसआई अधीक्षण पुरातत्वविद डॉ. स्मिता कुमार ने बताया कि ताजमहल के निरीक्षण में यमुना किनारे कीड़ों के कारण संगमरमर पर काले-हरे दाग पड़ गए हैं। इन्हें हटाने के लिए साइंस ब्रांच से कहा जा रहा है। पूर्व में भी प्रदूषण के कारण यह समस्या आई थी। इन्हें साफ कराने के लिए साइंस ब्रांच कदम उठाएगा।
 
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