ताजमहल में मधुमक्खी के डंक से सैलानी परेशान हैं। हर दिन कोई न कोई पर्यटक मधुमक्खी के डंक से कराह रहा है। आरओ प्लांट के पास लगे छत्ते की मधुमक्खियों के कारण पर्यटकों ने पानी भी लेना बंद कर दिया है। ताज पर दरकती सुविधाओं पर मंत्रालय ध्यान नहीं दे रहा है।
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आरओ प्लांट के पास आर्च में लगा मधुमक्खी का छत्ता
- फोटो : अमर उजाला
ताजमहल में पर्यटकों पर मधुमक्खियों का हमला कभी भी हो सकता है। आरओ प्लांट के पास मधुमक्खी का बड़ा छत्ता है, जिसके कारण प्लांट पर बड़ी संख्या में मधुमक्खियां मौजूद रहती हैं। उनके डर से कई पर्यटकों ने आरओ प्लांट पर जाना भी बंद कर दिया है। हर दिन कोई न कोई पर्यटक मधुमक्खी के डंक से कराह रहा है।
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ताजमहल
बीते साल रॉयल गेट पर मधुमक्खी के छत्ते के कारण पर्यटकों में भगदड़ मच गई थी। मधुमक्खियों ने पर्यटकों पर हमला कर दिया था, जिससे कई पर्यटक परेशान रहे। पूर्व में मस्जिद और मेहमानखाने पर भी कई छत्ते लगे थे। इसके अलावा ताजमहल के बागीचे में भी कई छत्ते लगे हुए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति रहे बराक ओबामा की ताज विजिट से पहले आई अमेरिकी एडवांस टीम ने इन छत्तों पर आपत्ति जताते हुए हटवाया था। वहीं ताजमहल के कई कोने में पीपल के पौधे जम रहे हैं।
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ताजमहल पर सैलानी (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
ताजमहल में हर साल लाखों सैलानी आते हैं। टिकट दर में बढ़ोत्तरी कर दी गई है लेकिन, सुविधाओं में कोई इजाफा नहीं किया गया है। आज भी पीने के पानी के लिए पर्यटकों को परेशान होना पड़ता है। बढ़ते तापमान में ताजमहल का पत्थर तप रहा है। ऐसे में दोपहर में पर्यटकों की संख्या काफी कम हो रही है।
ताजमहल में ऐतिहासिक पत्थर जगह जगह से दरक रहे हैं। पर्यटकों को अब तगड़ी जेब ढीली करनी पड़ रही है। दस रुपये का टिकट अब पचास रुपये तक पहुंचा है। वहीं दो सौ रुपये का अलग से टिकट रखा गया है। जिससे पर्यटक मुख्य मकबरे में दाखिल हो सकते हैं। लेकिन, सहूलियतों का कोई ध्यान नहीं रखा जा रहा है।