कोरोना संक्रमण के कारण ताजमहल, आगरा किला, फतेहपुर सीकरी समेत देशभर के केंद्रीय संरक्षित स्मारकों को 15 मई तक पर्यटकों के लिए बंद कर दिया गया है। ताजमहल के दरवाजे 207 दिन तक खुलने के बाद फिर बंद हो गए हैं। बीते साल 188 दिनों तक ताजमहल सैलानियों के लिए बंद किया गया था। कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर में फिलहाल एक महीने तक ताजमहल बंद रखने के आदेश हैं। इस पर आगरा के पर्यटन उद्योग से जुड़े लोगों ने सवाल उठाए हैं।
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ताजमहल
- फोटो : अमर उजाला
गुरुवार को केंद्रीय संस्कृति मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल का ट्वीट आते ही पर्यटन क्षेत्र में हड़कंप मच गया। पर्यटन उद्यमी ट्वीट की सत्यता को प्रमाणित करने में जुट गए। जब एएसआई के निदेशक स्मारक एनके पाठक ने 15 मई तक स्मारकों को बंद करने का आदेश जारी किया, तब कयास बंद हुए। आगरा सर्किल के अधीक्षण पुरातत्वविद डॉ. वसंत कुमार स्वर्णकार ने बताया कि शुक्रवार से सभी स्मारक बंद रहेंगे। फिलहाल एक माह की बंदी का आदेश है। मंत्रालय के आदेश आने के बाद ही अब स्मारक खोले जा सकेंगे।
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ताजमहल में पर्यटक (फाइल)
- फोटो : अमर उजाला
21 सितंबर को खोले गए थे ताज के दरवाजे
कोरोना संक्रमण के कारण बीते साल 17 मार्च को ताजमहल समेत स्मारक बंद कर दिए गए थे। ताजमहल को स्थानीय प्रशासन ने 188 दिनों के बाद 21 सितंबर को पर्यटकों के लिए खोला था। उससे 20 दिन पहले एक सितंबर को फतेहपुर सीकरी, सिकंदरा, एत्माद्दौला, महताब बाग, रामबाग व अन्य स्मारकों को खोला गया था। पहली बार ताजमहल 188 दिनों तक बंद रहा था।
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ताजमहल में गुरुवार को बहुत कम पर्यटक आए
- फोटो : अमर उजाला
गुरुवार को ताज पर महज 2512 सैलानी
गुरुवार को ताजमहल पर महज 2512 सैलानी आए। बुधवार के मुकाबले भी उनकी संख्या घटी, जबकि होली से पहले 15 से 17 हजार तक पर्यटक ताज पर आ रहे थे। गुरुवार को तो हर घंटे 250 सैलानी भी ताज के अंदर नहीं रहे। दोपहर 12 से शाम 4 बजे के बीच सबसे कम पर्यटक नजर आए।
चुनाव हो रहे तो ताज बंद क्यों ?
होटल रेस्टोरेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश चौहान ने कहा कि लाखों लोगों के कुंभ को अनुमति है। पंचायत चुनाव, बंगाल चुनाव हो रहे हैं, पर आदेश ताजमहल बंद करने का किया गया। ताज पर तो केवल 2500- 5,000 पर्यटक ही आ रहे थे, जिनसे गरीबों की रोजी रोटी तो चल रही थी।
'हालात गंभीर होने का संदेश जाएगा'
आगरा टूरिज्म डेवलपमेंट फाउंडेशन के अध्यक्ष संदीप अरोड़ा ने कहा कि एकसमान नीति अपनाए सरकार। क्या पंचायत चुनाव में भीड़ नहीं है। ताजमहल बंद करने का आदेश समझ से परे है। इसका संदेश पूरी दुनिया में जाता है कि भारत में हालात भयावह हैं।
'यह बेहद गलत फैसला है'
होटल ऑनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष रमेश वाधवा ने कहा कि यह बेहद गलत फैसला है। जब ट्रेनें चल रहीं, चुनाव हो रहे, कुंभ हो रहा तो ताजमहल खोलने से क्या दिक्कत थी। गाइड, फोटोग्राफर, ई-रिक्शा, होटल, टैक्सी सबकी रोजीरोटी एक ट्वीट में बंद कर दी।