कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के दृष्टिगत 31 मार्च तक देश भर के स्मारक बंद रहेंगे। इनमें ताजमहल तामीर होने के 372 साल में दूसरी बार 15 दिनों के लिए बंद किया गया है। इस बार ताजमहल के साथ फतेहपुर सीकरी और आगरा किला समेत सभी स्मारकों को बंद रखा गया है। अगली स्लाइड्स में जानिए ताजमहल से जुड़ा रोचक इतिहास...
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ताजमहल में पर्यटक
- फोटो : Amar Ujala
1632 से 1648 के बीच तामीर किए गए ताजमहल के दरवाजे तीन बार बंद हुए हैं। पहली बार 1971 की भारत-पाकिस्तान जंग के दौरान दिसंबर में ताजमहल में 15 दिनों के लिए पर्यटकों का प्रवेश बंद किया गया था। उसके 49 साल बाद फिर से 15 दिनों के लिए ताजमहल को बंद करने के आदेश जारी किए गए हैं। इस बार वजह कोरोना वायरस है।
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ताजमहल पर मास्क पहनकर आए सैलानी
- फोटो : अमर उजाला
ताजमहल पर रिटायर हो चुके 1974 से तैनात रहे पूर्व वरिष्ठ संरक्षण सहायक डा. आर के दीक्षित बताते हैं कि 1978 की बाढ़ के दौरान सितंबर के महीने में सात दिन के लिए स्थानीय प्रशासन ने ताजमहल को बंद किया था। तब बाढ़ का पानी पूरे शहर में आ गया था। लोग बाढ़ का पानी देखने के लिए ताज जाते थे। हजारों के हुजूम में कोई हादसा न हो जाए, इसलिए डीएम के आदेश पर सात दिन के लिए ताज बंद किया गया था।
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ताजमहल का नाइट व्यू
- फोटो : अमर उजाला
1984 में रात में प्रवेश हो गया बंद
1984 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद के हालातों को देखते हुए गृह मंत्रालय ने ताजमहल को रात में बंद कर दिया था। उससे पहले ताज रात 12 बजे तक पर्यटकों के लिए खुलता था। चमकी के लिए पूर्णिमा से तीन दिन पहले और तीन दिन बाद तक मेला लगता था। 1984 में रात में ताज बंद कर के वल सुबह से शाम तक ही खोला जाने लगा। बाद में सभी स्मारकों का समय सूर्योदय से सूर्यास्त कर दिया गया।
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ताजमहल पर आधे रह गए सैलानी
- फोटो : Amar Ujala
आधे रह गए ताज पर सैलानी
सोमवार को ताजमहल पर महज 8709 सैलानी आए थे, जबकि बीते सोमवार को 15 हजार सैलानियों ने ताजमहल देखा था। इस सोमवार को 7533 भारतीय पर्यटक, 1104 विदेशी पर्यटक और सार्क के महज 52 सैलानी ही आए। वीजा कैंसिल होने और कोरोना वायरस के खौफ के कारण सप्ताह भर में ही पर्यटकों की संख्या आधी रह गई। आगरा किला में 4 हजार तक और फतेहपुर सीकरी में दो से ढाई हजार सैलानी ही पहुंच रहे हैं।
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ताजमहल
- फोटो : PTI
टूट जाएगी उर्स की परंपरा
शाहजहां के 365 वें उर्स में परंपरा टूट जाएगी। ताजमहल में 21 से 23 मार्च के बीच तीन दिवसीय उर्स का आयोजन होना है, लेकिन इससे पहले ही संस्कृति मंत्रालय ने कोरोना वायरस के संक्रमण के कारण ताजमहल समेत स्मारकों को बंद कर दिया।
ताजमहल उर्स कमेटी और 1200 वर्ग मीटर की सतरंगी चादर पेश करने वाली खुद्दाम ए रोजा कमेटी के अध्यक्ष ताहिरुद्दीन ताहिर ने बताया कि ताज में प्रवेश नहीं कर पाएंगे, लेकिन उर्स के तीसरे दिन कुरानख्वानी होगी और मुल्क को कोरोना वायरस से बचाने की दुआ की जाएगी। मुल्क के लोग महफूज रहने चाहिए, भले ही परंपराए टूट जाएं।