लगातार ड्राइविंग से आई झपकी के बाद स्कॉर्पियो-एन डिवाइडर तोड़कर दूसरी लेन में जा घुसी और एक्सयूवी से भीषण टक्कर हो गई। टक्कर में एक्सयूवी करीब 10 फीट हवा में उछलकर कई बार पलटी, जबकि हादसे की जांच के लिए संयुक्त तकनीकी समिति क्रैश टेस्ट करेगी।
आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर एक भीषण सड़क हादसे में दो परिवारों को गहरा सदमा लगा है। लगातार यात्रा की थकान और एक झपकी के कारण हुए इस हादसे में 2019 बैच के आईएफएस अधिकारी व इटावा के डीएफओ विकास नायक की दो बेटियां अनाथ हो गईं तो चालक देवांश की ढाई साल की मासूम बेटी के सिर से पिता का साया हमेशा के लिए उठ गया।
कानपुर में वन विभाग की ट्रेनिंग अकादमी में तैनात रेंजर उपासना सिंह की मां केशवती (64) भी हादसे में गंभीर रूप से घायल हुई हैं। मंगलवार सुबह वह श्राद्ध में शामिल होने के लिए एक्सयूवी टैक्सी से वसुंधरा (गाजियाबाद) के लिए निकली थीं। उनका सफर आखिरी सफर बन जाएगा, यह किसी ने नहीं सोचा था। सिरसागंज डिप्टी एसपी चंचल त्यागी ने बताया कि चश्मदीदों ने बताया है कि हादसे में एक्सयूवी के कई पलटे खाने के कारण उसमें सवार लोग गंभीर रूप से चोटिल हो गए। विकास नायक जिस सीट पर बैठे थे, उसका एयरबैग भी खुला था।
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क्षतिग्रस्त कार
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
उपासना और विकास नायक पूर्व में फिरोजाबाद में साथ तैनात रह चुके थे। इसी परिचय के चलते केशवती इटावा स्थित डीएफओ विकास नायक के सरकारी आवास पर चाय पीने के लिए रुक गईं। विकास को भी किसी काम से आगरा जाना था। सफर में बातचीत और साथ के लिए विकास अपनी सरकारी गाड़ी छोड़कर केशवती के साथ उसी एक्सयूवी में सवार हो गए, जबकि उनकी सरकारी गाड़ी पीछे-पीछे आ रही थी। किसे पता था कि चाय की प्याली के बाद लिया गया यह फैसला उनका आखिरी सफर बन जाएगा।
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क्षतिग्रस्त कार
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
10 फीट हवा में उछली कार, एयरबैग भी हुए नाकाम
कोलकाता निवासी 61 वर्षीय डेविड ब्रायन डिसूजा अपनी पत्नी ममता शर्मा के साथ उत्तर भारत की तीर्थयात्रा पर निकले थे। उत्तराखंड, दिल्ली, वृंदावन और आगरा में रुकने के बाद वह स्कॉर्पियो-एन से लखनऊ जा रहे थे। लगातार गाड़ी चलाने से हुई थकान से नगला खंगर के पास डेविड को झपकी आ गई, जिससे बेकाबू स्कॉर्पियो डिवाइडर तोड़कर दूसरी लेन में एक्सयूवी से जा भिड़ी।
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कार के एयरबैग
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
टक्कर इतनी भीषण थी कि एक्सयूवी करीब 10 फीट हवा में उछलकर कई बार पलटी। स्कॉर्पियो भी 5 से 7 फीट उछलकर सीधे पहिया पर खड़ी हो गई, जिससे डेविड और उनकी पत्नी की जान बच गई। एक्सयूवी की हालत इतनी खराब थी कि घायलों और शवों को छत और खिड़कियों के शीशे तोड़कर बाहर निकालना पड़ा। डिप्टी एसपी सिरसागंज चंचल त्यागी के मुताबिक, विकास नायक जिस सीट पर बैठे थे, उसका एयरबैग खुल गया था।
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मौके पर पहुंची एंबुलेंस
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पर्स में मिले नंबर से हुई शिनाख्त
हादसे के बाद मृतकों की पहचान भी एक चुनौती थी। दरोगा पुष्पेंद्र सिंह ने जब गंभीर रूप से घायल केशवती के पर्स की तलाशी ली तो उसमें रेंजर बेटी उपासना का नंबर मिला। पुलिस ने तुरंत व्हाट्सएप पर फोटो भेजे, तब जाकर मृतकों की आधिकारिक शिनाख्त हो सकी। हादसे के बाद सदमे में डूबे डेविड डिसूजा पुलिस को देखकर कुछ बोल ही नहीं पा रहे थे। वे बस एंबुलेंस में लेटी अपनी घायल पत्नी ममता की हालत पूछकर बार-बार फफक पड़ते थे।
घटना की जानकारी करते अधिकारी
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
क्रैश टेस्ट करेगी संयुक्त तकनीकी समिति
घटना की गंभीरता को देखते हुए हादसे के कारणों की गहन जांच कराने का निर्णय लिया गया है। दुर्घटना स्थल का क्रैश टेस्ट कराया जाएगा, जिसके लिए एक विशेष तकनीकी समिति का गठन किया जा रहा है। इस संयुक्त जांच समिति में पुलिस, परिवहन विभाग, एक्सप्रेस-वे प्राधिकरण और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी शामिल रहेंगे।