फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Sur Sandhya: सुर संध्या में चढ़ा श्याम का रंग, झूमे श्रद्धालु...फूलों की होली और डांडिया रास ने मचाया धमाल

Sat, 30 Nov 2024 11:55 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला, आगरा

सार

अमर उजाला की ओर से सुर संध्या का आयोजन आंबेडकर विश्वविद्यालय के खंदारी स्थित जेपी सभागार में किया गया। प्रसिद्ध भजन गायक ध्रुव शर्मा और स्वर्ण श्री ने अपने भजनों से कार्यक्रम स्थल को वृंदावन धाम जैसा बना दिया। 
विज्ञापन
1 of 5
Sur sandhya - फोटो : अमर उजाला
मैया यशोदा के दुलार से लेकर ब्याह के लिए कान्हा का मनुहार। गोपियों संग रास और ब्रजवासियों का उद्धार। ये सभी रूप शुक्रवार को अमर उजाला की ओर से आयोजित सुर संध्या में नजर आए। डांडिया रास और फूलों की होली ने चार चांद लगा दिया। प्रसिद्ध भजन गायक ध्रुव शर्मा और स्वर्ण श्री ने अपने भजनों से कार्यक्रम स्थल को वृंदावन धाम जैसा बना दिया। हर व्यक्ति राधे-राधे रटता नजर आया। रात 10 बजे तक श्रद्धालु भक्ति रस के सागर में गोते लगाते रहे।

डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के खंदारी स्थित जेपी सभागार में शुक्रवार शाम 7 बजे से ही भजन प्रेमियों की भीड़ जुटने लगी थी। शुभारंभ मां सरस्वती के सामने दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। गुरु वंदना और मेरे कष्ट हरो, मेरे गुरुवर कृपा करो से कार्यक्रम की शुरुआत हुई। भजन गायक ध्रुव शर्मा और स्वर्ण श्री ने मैं तो रटूं राधा नाम, ब्रज की गलियों के साथ भजनों की लड़ी में मीठे रस से भरो री राधा रानी लागे, मनिहारी का वेश बनाया, श्याम चूड़ी बेचने आया, राधिका गोरी से बिरज की छोरी से, मेरे बांके बिहारी लाल तू इतना न करियो शृंगार नजर तोहे लग जाएगी तक आते-आते सभागार राधा-कृष्ण के रंग में रंग गया।
 
विज्ञापन

2 of 5
Sur sandhya - फोटो : अमर उजाला
राधे-राधे जपो चले आएंगे बिहारी...
इसके बाद राधे-राधे जपो चले आएंगे बिहारी, श्याम चंदा है, श्यामा चकोरी, बड़ी सुंदर है दोनों की जोड़ी... भजन पर लोग डांडिया लेकर ऑडिटोरियम में झूमने लगे। म्हारा सांवरिया सरकार और मुझे चढ़ गया श्याम का रंग जैसे गीतों पर लोग देर तक झूमते रहे। कार्यक्रम के अंत में फूलों की होली खेली गई।
विज्ञापन

3 of 5
Sur sandhya - फोटो : अमर उजाला
भजन गायकों का किया सम्मान
करीब ढाई घंटे तक चले कार्यक्रम के अंत में भजन गायक ध्रुव शर्मा और स्वर्ण श्री का सम्मान वीजे ज्वेलर्स की ओर से किया गया। इस दौरान आंबेडकर विश्वविद्यालय के कुलसचिव राजेश कुमार, उद्यमी पूरन डावर, रीडा बाय रितिका जिंदल से रितिका जिंदल, वीजे ज्वेलर्स से सौरभ जिंदल, डॉली बंसल, अभिनव वर्मा, अविचल वर्मा, एसकेएम कांट्रैक्टर से कुलदीप सिंह, भगत हलवाई से राजकुमार भगत, शौर्य एंटरप्राइजेज से सचिन सोलंकी, पूजा सक्सेना आदि की मौजूदगी रही। कार्यक्रम का संचालन दीपक जैन ने किया।
 

4 of 5
Sur sandhya - फोटो : अमर उजाला
ये रहे मुख्य प्रायोजक
डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय, तपन ग्रुप, डॉ. एमपीएस वर्ल्ड स्कूल, डॉ. उमेश कुमार गर्ग, एमबीबीएस, एमडी, डीएम कार्यक्रम के मुख्य प्रायोजक रहे। वहीं स्टार एस्टेट, सेफकॉन लाइफ साइंसेज, बिभव बिल्डर्स, द इंटरनेशनल स्कूल (टीसा), भगत हलवाई नेहरू नगर, कालेश्वरी पावर प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिमटेड, डीएसएम सोल्स, भावना हाउसिंग, वृंदा द सिल्वर पॉइंट (वीजे ज्वेलर्स), एसकेएम कॉन्ट्रेक्टर एंड सर्विस प्राइवेट लिमिटेड, शौर्य एंटरप्राइजेज, सिटी ढाबा, बायपास रोड, मोशन एकेडमी और मुंशी पन्ना मसाले।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
Sur sandhya - फोटो : अमर उजाला
भक्ति का सहज माध्यम है भजन: ध्रुव-स्वर्ण श्री
प्रसिद्ध भजन गायक ध्रुव शर्मा और स्वर्ण श्री का कहना है कि ईश्वर भक्ति का सहज साधन भजन है। भक्ति गीत से व्यक्ति सहजता से ईश्वर से जुड़ जाता है। ध्रुव ने बताया कि साढ़े चार साल की उम्र से उन्होंने संगीत साधना शुरू कर दी थी और भक्त परिवार से जुड़ा होने के कारण स्वत: ही भक्ति गीतों की ओर रुझान हो गया। स्वर्ण श्री का भगवताचार्य से भजन गायिका का सफर भी ईश्वर की प्रेरणा से ही हुआ। उन्होंने बताया कि संगीत की कोई विधिवत शिक्षा नहीं ली बस ध्रुव के सानिध्य में सहजता से गायन संभव हुआ। वह ईश्वर भक्ति का सबसे सहज माध्यम भजन को मानती हैं।
 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें