पथकर से 52 करोड़ रुपये की कमाई करने वाला आगरा विकास प्राधिकरण शहर के प्रमुख पार्क सुभाष पार्क की देखरेख भी नहीं कर पा रहा। दस रुपये का प्रवेश शुल्क लोगों से सुभाष पार्क में जाने के लिए वसूला जा रहा है, लेकिन पार्क में झूले टूटे हैं और जो जर्जर हैं, उन पर ताले लगा दिए गए हैं ताकि बच्चों के झूलने पर टूटने से हादसे न हों। प्रवेश शुल्क लेने के बाद भी यहां गंदगी की भरमार हैं और बच्चों के लिए यह पार्क खेलने के भी काम नहीं आ रहा। पार्क के कोनों में प्रेमी जोड़े ही नजर आते हैं। पढ़िए पूरी रिपोर्ट...
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सुभाष पार्कः टूटे झूले
- फोटो : अमर उजाला
एमजी रोड पर धाकरान चौराहे से पहले सुभाष पार्क में एडीए दस रुपये प्रवेश शुल्क के ले रहा है। हर साल 3.50 लाख रुपये केवल टिकटों की बिक्री से ही कमाई हो रही है, लेकिन यहां बच्चों के लिए एक भी झूला सलामत नहीं है।
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सुभाष पार्कः सूखी झील
- फोटो : अमर उजाला
पार्क के बीच में जो झील बनाई गई, वह सूखी है और क्रिकेट खेलते बच्चे यहां दिखते हैं। झील के ऊपर दो जगह पुल बनाए गए हैं जो बेहद जर्जर हैं। इनमें से सरिया निकल चुकी हैं और कभी भी हादसा हो सकता है।
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टूटीं बेंच
- फोटो : अमर उजाला
आगरा विकास प्राधिकरण ने जुलाई माह में बोर्ड बैठक में 25 लाख रुपये सुभाष पार्क पर खर्च करने के लिए आवंटित किए थे, लेकिन पांच महीनों में एडीए के इंजीनियर काम तो दूर, उसका एस्टीमेट तक नहीं बना सके। पार्क में क्या काम कराया जाना है, इसकी कोई जानकारी एडीए के पास नहीं है।
सुभाष पार्क में खुले हुए बिजली के तार
- फोटो : अमर उजाला
सहायक अभियंता पंकज शर्मा के मुताबिक सुभाष पार्क में झूले, झील और सुंदरीकरण का काम किया जाना है, इसके लिए प्रस्ताव तैयार किया जाना है। जो छोटे छोटे काम हैं, वह कराए जा रहे हैं।