अगर कामयाबी पानी है तो दिल के अंदर उस काम के प्रति जुनून और जज्बा होना चाहिए। आगरा के गांव नगला कारे अकोला के रहने वाले तेजवीर सिंह चाहर ने जब अपने स्टेट स्केटर बेटे को जीवन की सफलता के लिए यह मंत्र बताया, उसी दिन 17 साल के आकाश ने शहर की सड़कों को अपने जुनून का हिस्सा बना लिया।
आकाश चाहर शहर की सड़कों पर हर रोज 60-65 किलोमीटर स्केटिंग करते हैं। आकाश चाहर कहते हैं कि मेरे जुनून में सिर्फ दो लक्ष्य हैं। पहला गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में नाम दर्ज कराना और सन 2028 में होने वाले ओलंपिक में भारतीय टीम की ओर से प्रतिभाग करना। स्पीड स्केटिंग में जिला और राज्य स्तर की चैंपियनशिप में पांच पदक जीतने वाले आकाश कहते हैं कि ट्रैक नहीं होने से मैं काफी परेशान रहता था। पिता की सीख मिली तो अब लगता है कि मैं स्केटिंग में कुछ कर सकता हूं। स्केटर आकाश चाहर यह कहते हुए मुस्कुरा देते हैं कि एक तूफान है इस दिल के अंदर, बदलूंगा मंजर।