फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

महिला को जिंदा जलाकर मारने का मामलाः एसएसपी ने चौकी प्रभारी लाइन किए, एससी-एसटी मुकदमे की होगी जांच

Thu, 15 Oct 2020 09:23 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
विज्ञापन
1 of 7
मृतका संगीता का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
आगरा के पुष्पांजलि ईको सिटी कॉलोनी में संगीता को जिंदा जलाए जाने की घटना को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एडीजी जोन अजय आनंद को फोन निर्देश दिए हैं कि दोषी पुलिसकर्मियों पर भी कार्रवाई की जाए। इसके बाद एसएसपी बबलू कुमार ने ताजगंज थाना की एकता चौकी प्रभारी योगेश कुमार को लाइन हाजिर कर दिया। माना जा रहा है कि अभी और भी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई हो सकती है।
Trending Videos
विज्ञापन

2 of 7
सीएम योगी आदित्यनाथ - फोटो : amar ujala
मुख्यमंत्री ने ट्वीट कर भी अफसरों को निर्देश दिए कि इस मामले में कड़ी कार्रवाई की जाए। इसके बाद एडीजी जोन पूरे मामले की रिपोर्ट तैयार करा रहे हैं। उन्होंने मंगलवार को ही स्पष्टीकरण मांगा था कि थाना पुलिस से लेकर सीओ तक  ने जांच में क्या-क्या किया। उधर एत्मादपुर के भाजपा विधायक रामप्रताप सिंह चौहान ने सीएम से फोन पर बात की। विधायक ने बताया कि सीएम ने इस मामले में पीड़ित परिवार को आर्थिक  सहायता दिए जाने और आरोपियों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
 
विज्ञापन

3 of 7
सेवानिवृत्त फौजी अनिल कुमार और उनकी पत्नी संगीता का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
पूर्व सैनिक ने कहा-चौकी प्रभारी को आरोपी बनाया जाए
पूर्व सैनिक अनिल का कहना है कि चौकी प्रभारी को संगीता की हत्या के मुकदमे में आरोपी बनाया जाना चाहिए। आरोप है कि वह साजिश में शामिल है।

4 of 7
एसपी सिटी बोत्रे रोहन प्रमोद - फोटो : अमर उजाला
पंचायत में शामिल लोगों को चिह्नित कर रही पुलिस
एसपी सिटी बोत्रे रोहन प्रमोद ने बताया कि पंचायत में महिला को अपमानित करने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। बुधवार को कॉलोनी के लोगों से पूछताछ की गई। पंचायत के समय का वीडियो नहीं मिला है। कॉलोनी में कहीं सीसीटीवी कैमरे भी लगे नहीं मिले हैं।
विज्ञापन

5 of 7
मृतका संगीता का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
एससी-एसटी एक्ट के मुकदमे की होगी जांच 
एसपी सिटी बोत्रे रोहन प्रमोद ने बताया कि बच्चों के झगड़े में एससी-एसटी एक्ट का मुकदमा दर्ज कराया गया था। इस मुकदमे की विवेचना की जाएगी। घटना से संबंधित साक्ष्य जुटाए जाएंगे। अगर कोई साक्ष्य नहीं मिलेगा तो मुकदमा खारिज किया जाएगा।
 
विज्ञापन

6 of 7
आरोपी दंपती - फोटो : अमर उजाला
दो नामजद आरोपियों की नहीं हुई गिरफ्तारी 
चार नामजद आरोपियों में से पुलिस ने दो को ही जेल भेजा है। दो अभी फरार हैं। संगीता की मौत 11 अक्तूबर को हुई थी। मामला उसके और कॉलोनी की वेलफेयर सोसायटी के अध्यक्ष भरत खरे के बच्चों के बीच झगड़े का था। इसी में भरत ने संगीता और अनिल पर एससी-एसटी एक्ट का मुकदमा दर्ज करा दिया था। एफआईआर में आरोप है कि इसे वापस लेने के लिए पंचायत में संगीता और अनिल से माफी मंगवाई और दस लाख मांगे। रकम न मिलने पर संगीता के घर जाकर उसे जिंदा जला दिया। पुलिस ने मंगलवार को भरत और उसकी पत्नी सुनीता को जेल भेज दिया। दो नामजद आरोपी फरार हैं। 10-12 आरोपी अज्ञात में है। उनकी पहचान नहीं हुई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

7 of 7
मृतका संगीता की फाइल फोटो, मौके पर पहुंचे एसपी सिटी - फोटो : अमर उजाला
सिपाही से लेकर अफसरों तक को देना होगा जवाब 
1. चौकी प्रभारी ने सुनीता और उसके पति को घंटों तक चौकी पर क्यों बैठाए रखा।
 2. एससी-एसटी के मुकदमे की जांच के लिए इंस्पेक्टर ने क्या कदम उठाया।
3. मामला बच्चों के झगड़े का था, इसकी जांच के बिना गिरफ्तारी के लिए दबिश क्यों भेजी गई।
4. इतने गंभीर प्रकरण में सीओ ने क्या कदम उठाए, दबिश की जानकारी सीओ को क्यों नहीं हुई।
5. खुफिया पुलिस क्या कर रही थी, पंचायत की तैयारी का पता क्यों नहीं चला।
6. पंचायत के बारे में बीट कांस्टेबल और हलका इंचार्ज दरोगा ने रिपोर्ट क्यों नहीं दी।
 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें