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इस परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़, बेटे की हत्या के बाद सदमे में गई पिता की जान

Tue, 21 May 2019 09:35 PM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
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नरेंद्र सक्सेना (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
बाह क्षेत्र में बासौनी निवासी छात्र सचिन की हत्या के गम में सोमवार की रात उनके पिता नरेंद्र सक्सेना (55) की भी मौत हो गई। रात में सीने में दर्द उठने पर परिजन अस्पताल लेकर गए जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। बेटे का शव 13 मई को चंबल नदी में मिला था। मामले में पिता ने 16 मई को गांव के ही धांसू और वीपी के खिलाफ हत्या की दर्ज कराई थी। आरोप है कि तभी से उन्हें लगातार धमकियां मिल रही थीं। पर, पुलिस ने कोई सुनवाई नहीं की। बेटे के बाद पिता की मौत से गांववालों में आक्रोश है।
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नरेंद्र की मौत के बाद विलाप करते परिजन - फोटो : अमर उजाला
बासौनी निवासी सचिन सक्सेना 12 मई को घर से निकला था। अगले दिन उसका शव चंबल नदी में क्षत विक्षत मिला था। सीने, गर्दन और सिर पर धारदार हथियार के निशान देख परिजनों ने हत्या की आशंका जताई थी। 16 मई को गांव के लोगों ने बासौनी थाने का घेराव किया था। तब पुलिस ने मृतक के पिता नरेंद्र सक्सेना की तहरीर पर गांव के ही धांसू और वीपी के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट तो दर्ज कर ली। आरोप है कि बेटे की हत्या में रिपोर्ट दर्ज कराने के बाद से नरेंद्र सक्सेना को भी परिवार समेत ठिकाने लगाने की धमकियां मिल रही थी। परिजनों ने बताया कि डर और दहशत के बीच सोमवार की रात उनके सीने में दर्द उठा। इलाज के लिए ले जाते समय रास्ते में ही मौत हो गई। पिता की बेटे की हत्या के सदमे में मौत पर बासौनी गांव के लोगों में गम और गुस्सा है। लोग सचिन सक्सेना की हत्या की निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।                                                                                         
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पति को गंवाने वाली बेबी - फोटो : अमर उजाला
सचिन सक्सेना की हत्या से नरेंद्र सक्सेना इस कदर आहत थे कि उन्होंने बासौनी थाने में 16 मई को अपनी जान जाने तक बेटे की हत्या के इंसाफ के लिए लड़ने का ऐलान किया था। एफआईआर के बाद भी कार्रवाई नहीं किए जाने से उन्होंने डीएम से बेटे के शव का दोबारा पोस्टमार्टम कराए जाने की मांग भी की थी। सचिन की मां बेबी ने बताया कि दिन रात उनकी जुबां पर सचिन के हत्यारोपियों को जेल के भीतर देखने की ईच्छा थी। बेटे के बाद पति को गंवाने वाली बेबी ने रोते हुए कहा कि उन्हें न्याय चाहिए।

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नरेंद्र सक्सेना की मौत के बाद विलाप करते परिजन - फोटो : अमर उजाला
 नरेंद्र सक्सेना के शव को देखकर उनकी बेटी रितु और बहन किशोरी रोते रोते बेसुध हो गईं। उन्हें संभालने की कोशिश कर रहे बेटे राहुल का भी हाल बेहाल है। रितु को तो इलाज के लिए डॉक्टर के पास ले जाना पड़ा था। पांच माह पहले बासौनी के बड़ौस गांव में तीसरी कक्षा के छात्र किशन की हत्या हो गई थी।
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विलाप करते परिजन - फोटो : अमर उजाला
अब तक पुलिस कत्ल की इस वारदात का खुलासा नहीं कर पाई है। जबकि मृतक के पिता को लगातार धमकियां मिल रही है। इससे दहशत में जी रहे किशन के पिता हरिओम ने नरेंद्र सक्सेना की मौत के बाद कहा कि पुलिस को उनकी भी मौत का इंतजार है। बता दें कि 16 दिसंबर को बाह के बड़ौस गांव से तीसरी की पढ़ाई कर रहा 8 साल का किशन लापता हुआ था। 17 दिसंबर को गांव के मरघट से उसका सिर विहीन शव मिला था। 23 दिसंबर को सिर का कंकाल बरामद हुआ था। उसकी अब तक डीएनए जांच पूरी नहीं हो सकी। हत्या की तहरीर भी दी गई । पूछताछ के लिए 20 से ज्यादा लोग उठाये गए। पर, किशन के कत्ल की गुत्थी नहीं सुलझ सकी। 
 
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