उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले में एक किसान की उस वक्त हत्या कर दी गई थी, जब वह खेत से चारा लेकर लौट रहा था। इस मामले में मृतक किसान की पुत्री ने अज्ञात के विरुद्ध हत्या का मामला दर्ज कराया था। मामले की जांच के दौरान पुलिस के सामने अहम तथ्य आए। जिसके आधार पर पुलिस ने इस हत्याकांड का खुलासा कर दिया। पुलिस ने बताया कि गांव रामगढ़ी निवासी रामप्रकश की हत्या की वजह उसकी 12 बीघा जमीन बन गई। आरोपी कोई और नहीं बल्कि मृतक का दामाद है। जायदाद के लालच में हत्याकांड को अंजाम दिया था।
कोतवाली क्षेत्र के गांव रामगढ़ी निवासी 50 वर्षीय रामप्रकाश शाक्य बृहस्पतिवार की सुबह रोजाना की तरह गांव देवामई स्थित खेत लगे ट्यूबवेल पर गए थे। देर शाम करीब आठ बजे वह चारा लेने के बाद बाइक से वापस घर लौट रहे थे, तभी गांव देवामई व खीजा के बीच ने किसी ने गोली मारकर हत्या कर दी। घटना के कुछ देर बार वहां से गुजरे एक ग्रामीण ने रामप्रकाश का शव पड़ा देखा और परिजन को जानकारी दी। सूचना के बाद इंस्पेक्टर कोतवाली पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। पुत्री नीतू ने अज्ञात के विरुद्ध गोली मारकर पिता की हत्या करने का मुकदमा दर्ज कराया था।
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किसान का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
हत्या की इस घटना के बाद इंस्पेक्टर कोतवाली/स्वॉट प्रभारी विक्रम सिंह व टीम खुलासे के प्रयास में जुटी थी। महज कुछ ही घंटों में पुलिस ने हत्याकांड की वजह का पता लगा लिया और आरोपी का चेहरा भी सामने आ गया।
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पोस्टमार्टम हाउस के बाहर खड़े परिजन
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस ने बताया कि रामप्रकाश की हत्या किसी और ने नहीं बल्कि उसके अलीगंज निवासी दामाद रजनेश ने जायदाद की लालच में आकर की थी। एसपी कमलेश दीक्षित ने खुलासे में बताया कि मृतक के तीन बेटियां हैं, एक शादीशुदा पुत्री के पति ने ही हत्याकांड को अंजाम दिया। जल्द ही हत्यारोपी भी पुलिस की गिरफ्त में होगा।
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death demo
- फोटो : फाइल फोटो
रामगढ़ी निवासी रामप्रकाश के कोई पुत्र नहीं है, पत्नी सत्यवती की मृत्यु हो चुकी है। उनकी करीब 12 बीघा जमीन के वारिस के तौर पर सिर्फ तीन पुत्रियां हैं। एक पुत्री की जनपद एटा के अलीगंज क्षेत्र में रजनेश के साथ शादी हो चुकी है। वहीं दो पुत्रियां नीतू और प्रीती शादी के योग्य हो चुकी हैं।
परिजन व ग्रामीणों की मानें तो रामप्रकाश की किसी से कोई रंजिश नहीं थी। वह सिर्फ अपने खेतीबाड़ी से ही मतलब रखते थे। सुबह खेत पर जाना और शाम को वापस आते थे। ऐसे में जांच कर रही पुलिस ने भी सिर्फ इसी बिंदु को ध्यान में रखा, जिससे हत्याकांड का राज आसानी के खुल गया।