आगरा में 30 जनवरी 1961 को ताजमहल और आगरा किला का दीदार करने आईं ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ द्वितीय ने व्यवस्थाओं के लिए आगरा के होटल प्रबंधन को शुक्रिया का पत्र भेजा था, जिसे प्रतापपुरा स्थित होटल लॉरीज ने लॉबी में लगा रखा है। इस पत्र के साथ ही महारानी और प्रिंस फिलिप का चित्र भी लगा हुआ है। महारानी की तब की यात्रा के लिए रॉयल पार्टी के इंतजाम होटल प्रबंधन ने किए थे।
नई दिल्ली स्थित ब्रिटिश दूतावास के तत्कालीन हाई कमिश्नर सीएम एंडरसन ने 16 मार्च 1961 को होटल लॉरीज को पत्र भेजकर आतिथ्य सत्कार के लिए धन्यवाद दिया था। राजेश लाल ने बताया कि धन्यवाद का यह पत्र महारानी एलिजाबेथ और प्रिंस फिलिप की याद दिलाता है। इसे लॉबी में तब से ही लगाया गया है। यह होटल के लिए गर्व का क्षण था। बता दें आजाद हिंदुस्तान में दुनिया के सातवें अजूबे और मुहब्बत की निशानी ताजमहल के दीदार के लिए ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ-2 अपने पति प्रिंस फिलिप के साथ 61 साल पहले आई थीं।
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Queen Elizabeth Death
- फोटो : अमर उजाला
जन्मदिन पर जारी सिक्कों का संग्रह
दयालबाग के कावेरी विहार निवासी अर्जित अग्निहोत्री के पास महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के 90 वें और 95 वें जन्मदिन पर जारी किए गए विशेष सिक्कों का संग्रह है। यह एक और पांच पाउंड के हैं। महारानी के जीवन से जुड़े कई यादगार चित्रों को सिक्कों की पैकिंग के साथ उकेरा गया है।
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महारानी के राज के 70 साल पूरे होने के मौके पर शाही परिवार ने तीन पुस्तकों का सेट प्रकाशित किया था, जो अर्जित अग्निहोत्री के पास है। इसमें महारानी के जीवन से जुड़े हर पहलू, यात्रा का ब्योरा दिया गया है।
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हालांकि इसमें महारानी के ताजमहल और आगरा की यात्रा का जिक्र नहीं है। भारत यात्रा में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के साथ उनका चित्र इस शाही किताब का हिस्सा बना है।
बता दें 30 जनवरी, 1961 को वह खुली कार में खेरिया एयरपोर्ट से ताजमहल तक पहुंची थीं। एयरपोर्ट से सर्किट हाउस के बीच सड़क के दोनों ओर आगरा के हजारों लोग उनके और प्रिंस फिलिप के अभिवादन के लिए खड़े हुए थे। उन्होंने हाथ हिलाकर लोगों का इस्तकबाल किया था। यह पहला मौका था जब ब्रिटेन की महारानी खुली कार में नजर आई थीं।