वर्ष के पहले खगास सूर्य ग्रहण पर रविवार को तीर्थनगरी वृंदावन आस्था से सराबोर रही। ग्रहणकाल में कहीं श्रद्धालुओं ने नगर की पंचकोसी परिक्रमा की तो कई स्थानों पर हवन यज्ञ किए गए। अनेक स्थानों पर भक्तों ने ठाकुर जी की आराधना में जप किया। आस्था का यह दौर दिनभर चला। सूर्य ग्रहण बाद लोगों ने यमुना नदी में स्नान किया।
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वृंदावन में ऐसा दिखा सूर्य ग्रहण का नजारा
- फोटो : अमर उजाला
इस सूर्य ग्रहण के रविवार और बड़े दिन (21 जून) को होने के कारण धार्मिक दृष्टि से भी इसका ज्योतिष द्वारा अलग ढंग से आकलन किया गया है। सुबह 10:09 बजे से शुरू हुए ग्रहण का मोक्ष 1:43 बजे हुआ।
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ग्रहण काल में परिक्रमा करते श्रद्धालु
- फोटो : अमर उजाला
धार्मिक मान्यताओं के अनुरूप लोगों ने नगर की पंचकोसी परिक्रमा हरिनाम संकीर्तन के साथ पूर्ण की। इसमें विदेशी भक्त भी शामिल हुए। कई स्थानों पर ग्रहण काल में हवन यज्ञ व हरिनाम संकीर्तन का विधान पूर्वक आयोजन भी किया।
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ग्रहण काल में भजन-कीर्तन करते विदेशी श्रद्धालु
- फोटो : अमर उजाला
केशीघाट स्थित यमुना तट पर वैदिक परंपरानुसार हवन कुंड में आहुतियां प्रदान की गई। राधेकुंज में विदेशी महिला-पुरुष संकीर्तन करते रहे।
ग्रहण के मोक्षकाल में प्राचीन अक्रूर घाट समेत केशीघाट, देवरिया घाट, चीरघाट, बिहारघाट पर पहले लोगों ने जप किया, फिर यमुना में आस्था की डुबकी भी लगाई। घाट पर कई श्रद्धालु योग करते नजर आए।