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फिरोजाबाद अग्निकांड: आग में बुरी तरह जल गए थे परिवार के छह लोग, शवों को देख कांप गई लोगों की रूह

Wed, 30 Nov 2022 12:40 PM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
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दो मंजिला मकान में लगी थी भीषण आग - फोटो : अमर उजाला
फिरोजाबाद के कस्बा पाढ़म में मंगलवार रात को रमन प्रकाश के दो मंजिला मकान में भीषण आग लगने से परिवार के छह लोग जिंदा जल गए। दमकल की 10 से अधिक गाड़ियों ने आग पर काबू पाया। जब घर से शव निकाले गए तो लोगों की रूह कांप गई। आग में सभी शव बुरी तरह जल गए थे। कौन सा शव किसका था, यह पहचान करना मुश्किल था। मृतकों में तीन माह अबोध बच्ची समेत तीन बच्चे भी थे। इस अग्निकांड में रमन प्रकाश के पुत्र मनोज कुमार, मनोज की पत्नी नीरज, पुत्र हर्ष और भारत, रमन प्रकाश के छोटे पुत्र नितिन की पत्नी शिवानी और तीन माह की पुत्री तेजस्वी की जलकर मौत हो गई थी। 

आग की लपटों और धुएं के बीच घिरे मकान से पहला शव 10 बजकर 10 मिनट पर बाहर निकाला गया तो वहां मौजूद लोगों का कलेजा कांप गया। शव पूरी तरह से जल चुका था, इसलिए मौके पर शव की पहचान नहीं हो पाई। इसके बाद एक के बाद एक चार शवों को बाहर निकाला गया। एक शव बाद में मिला। बाद में सभी की पहचान हुई।
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घटनास्थल पर पुलिस और स्थानीय लोग - फोटो : अमर उजाला
आग बुझाते समय फायर कर्मचारी जितेंद्र पाल की हालत बिगड़ गई थी, जिसको साथी कर्मचारियों ने वहां से हटाने के साथ ही उसको पानी पिलाकर घटनास्थल से दूर खुले में लिटा दिया। बताया जाता है कि आग पर काबू पाने के दौरान जितेंद्र का धुआं के कारण दम घुटने लगा था।
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घर में लगी थी भीषण आग - फोटो : अमर उजाला
रमन प्रकाश के मकान में लगी आग की लपटें करीब एक किलोमीटर दूर से दिखाई दे रही थी। आग की लपटों के बीच घिरे मकान को बचाने और आग पर काबू पाने के लिए फायर विभाग के साथ-साथ क्षेत्रीय लोग पूरी तरह से असहाय दिखाई दे रहे थे। आग ने पूरे मकान को अपनी चपेट में ले लिया था। 

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घटनास्थल पर पुलिस और दमकल कर्मी - फोटो : अमर उजाला
आसपास के मकानों के लोग भी अपने घरों से बाहर आ गए। आग की लपटों के कारण आसपास के मकानों में भी दरारें आ गईं। मकान में रखीं इन्वर्टर की बैटरियां फटने से इलाके में दहशत फैल गई थी। मकान में शाम साढ़े बजे लगी आग पर करीब सवा 10 बजे काबू पाया जा सका। 
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दमकल की गाड़ी - फोटो : अमर उजाला
बैटरियों के फटने से उनके केमिकल ने आग में घी काम किया। लोगों के बीच चर्चा थी कि बैटरियों के केमिकल के कारण आग ने विकराल रूप लिया। यदि घर में बैटरियां नहीं होती तो शायद आग पर काबू पाने में इतना समय नहीं लगता और छह लोगों की जान नहीं जातीं। अग्निकांड से हर कोई स्तब्ध है। 
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