कासगंज में गणतंत्र दिवस के मौके पर भड़की हिंसा के बाद अफवाहों ने पुलिस की मुश्किलें और ज्यादा बढ़ा दीं। उपद्रव के बाद शुक्रवार को रात्रि के समय एक जूते की दुकान में आग लगा दी गई। फायर बिग्रेड की गाड़ियों ने आग को बुझा दिया। इसके बाद शनिवार सुबह से ही आगजनी की घटनाएं होने लगीं।
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खोखे में लगाई आग
- फोटो : अमर उजाला
स्थिति लगातार बिगड़ती चली गई। शहर के बाहरी इलाकों तक घटनाएं होने लगीं। बांकनेर के निकट एक खोखे में आग लगा दी गई, जबकि एक बस में तोड़फोड़ कर दी गई। पुलिस अधिकारियों को जैसे ही घटनाओं की सूचना मिली डीएम, एसपी सहित अन्य अधिकारी मौके पर दौड़ पड़े। फायर बिग्रेड ने आग पर काबू पाया।
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फायर ब्रिगेड की गाड़ी मौके पर पहुंची
- फोटो : अमर उजाला
मार्ग पर पड़े बस के शीशे कुर्सियों आदि को हटवाया। इसी दौरान पुलिस को बारहद्वारी क्षेत्र में आगजनी की सूचना मिली। इस क्षेत्र में एक साथ चार दुकानों में आग लगा दी। चार दुकानों में लगी आग को बुझाने के लिए फायरब्रिगेड के पास पर्याप्त साधन नहीं थे। मात्र एक गाड़ी ही मौके पर पहुंची।
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मौके पर पहुंची पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
इस एक दमकल गाड़ी के सहारे ही एक एक कर दुकानों की आग को बुझाने के प्रयास शुरू कर दिए। एटा सहित फायरब्रिगेड की गाड़ियां पहुंची। दमकलें यहां आग बुझाने में जुटी हुईं थीं कि इस बीच प्रशासनिक अधिकारियों को अमांपुर क्षेत्र में एक फर्नीचर की दुकान में तोड़फोड़ व आगजनी कर दी गई।
स्थिति को नियंत्रण करते पुलिस अधिकारी
- फोटो : अमर उजाला
इसके बाद नदरई गेट बिड़ला अस्पताल के निकट एक बस में आग लगा दी गई। जैसे ही यह सूचना अधिकारियों को मिली तो अधिकारियों का काफिला फिर से दौड़ पड़ा। इसके बाद अन्य स्थानों पर भी आगजनी व पथराव आदि की सूचनाएं मिली। सायरन बजाती गाड़ियां सड़कों पर दौड़ती रहीं।