आगरा के यमुना हादसे में चार की मौत हो गई। बहन संध्या अपने भाई विक्की को डूबते हुए देखती रह गई, लेकिन उसे बचा नहीं सकी। संध्या बार-बार यही कहकर रोती रही कि भाई मदद के लिए हाथ बढ़ा रहा था, मगर गहरे पानी ने उसे निगल लिया।
यमुना में मंगलवार को खेल-खेल में नहाने गईं चार जिंदगियों का सूरज हमेशा के लिए अस्त हो गया। हादसे के बाद घाट पर शव निकाले जाने पर महिलाओं की चीत्कार और पुरुषों की आंखों से बहते आंसू देखकर हर किसी की रूह कांप गई। रोते-बिलखते परिजन को संभालने वाले भी हुए लोग खुद भी रो पड़े।
बहनों की आंखों के सामने नदी में समा गया विक्की
बहन संध्या का रो-रोकर बुरा हाल था। उसका कहना था कि भाई हाथ बढ़ा रहा था। वह जान बचाने के लिए मदद मांग रहा था। वह बचाने के लिए नदी में उतर गई। भाई ने भी उसकी तरफ हाथ बढ़ाया। उसे लग रहा था कि उसे पकड़ लेगा तो उसे बचा लेगी। मगर वो गहरे पानी में समा गया। उसकी आंखों के सामने भाई सहित चारों के डूबने का दृश्य है। इसे याद करके वो रोये जा रही थी। बार-बार बोल रही थी कि भाई को भी नहीं बचा सकी।
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विलाप करते परिजन
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
संध्या ने बताया कि विक्की, महक, कान्हा, रिया और अंशु नदी में 10-12 कदम ही जा पाए थे, तभी डूबने लगे। वह बचाने के लिए नदी में उतर गई। भाई विक्की दूर था। वह हाथ हिला रहा था। उसे तैरना नहीं आता था। काजल भी आगे बढ़ी गई मगर विक्की हाथ नहीं आ सका। तभी गोताखोर भी आ गए। वह नाव से डंडा लाकर विक्की को निकालने की कोशिश करती संध्या की तरफ बढ़ाने लगे मगर विक्की सहित अन्य डूब गए। बाद में गोताखोर संध्या और काजल को बाहर निकाल लाए।
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विलाप करती मां
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
रिया ने मां से की थी वीडियो कॉल पर बात
घटना की जानकारी पर रिया की मां पोस्टमार्टम हाउस पर पहुंच गई। वह रोते-रोते बेहाल हो गईं। उन्हें रिश्तेदार संभाल रहे थे। वे कह रही थीं कि बेटी ने सुबह ही वीडियो कॉल पर बात की थी। कह रही थी कि पार्टी में काफी मजा आया। वो अब अन्य बच्चों के साथ ही है। जल्द घर वापस आ जाएगी।
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विलाप करती बहन
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मना किया, फिर भी नहीं माने
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि सभी लोग जब घाट पर आए तो किनारे पर पानी की गहराई अधिक होने की वजह से मना भी किया, लेकिन वह नहीं माने। सभी ने एक साथ नदी में छलांग लगा दी, लेकिन कुछ ही देर में गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे। बच्चों को डूबता देख घाट पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही थाना कमला नगर और ट्रांस यमुना पुलिस, गोताखोर और राहत टीम मौके पर पहुंच गई। बाद में एसडीआरएफ को भी बुला लिया गया।
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विलाप करती बहन
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
9 महीने पहले हुई थी कान्हा के पिता की माैत
13 वर्षीय विक्की का शव मिलने पर परिजन बेहाल हो गए। उन्होंने एंबुलेंस रोककर पोस्टमार्टम कराने से मना कर दिया। इससे हंगामा शुरू हो गया। पुलिस ने समझा-बुझाकर परिजन को शांत कराया। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। कान्हा के पिता रिंकू उर्फ आकाश की नौ महीने पहले ही हृदयाघात से मौत हुई थी। कान्हा की मौत की खबर से परिजन का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। परिवार पर अब दुखों का पहाड़ टूट गया।
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विलाप करती बहन
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
एक-दूसरे को बचाने में डूबते चले गए
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बालक विक्की के डूबने पर बाकी युवक-युवतियां उसे बचाने के लिए आगे बढ़े और देखते ही देखते सभी गहरे पानी में फंस गए। संध्या ने बताया कि कान्हा ने कई बच्चों को बाहर खींचने की कोशिश की थी। काजल भी दूसरों को बचाने नदी में गई थी, लेकिन वह खुद डूबने लगी। बाद में किसी तरह किनारे पहुंची, जहां उसे लोगों ने बाहर निकाल लिया।
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यमुना
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
गहरे पानी में जाने से पहले भी हुए हैं हादसे
दो साल में यमुना, चंबल और उटंगन जैसी नदियों में डूबने की कई बड़ी घटनाएं हुई हैं। इन हादसों का मुख्य कारण नहाते समय गहरे पानी का अंदाजा न होना, रील बनाना और मूर्ति विसर्जन के दौरान सावधानी नहीं बरतना रहा है।
-अक्टूबर 2025 में दुर्गा मूर्ति विसर्जन के दौरान खेरागढ़ के डूंगरवाला में उटंगन नदी में रेत खनन के कारण बने गहरे गड्ढों में गिरने से 13 लोगों की डूबने से मौत हो गई।
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यमुना
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
-सितंबर 2025 में डौकी और फतेहाबाद क्षेत्र में यमुना के उफान के दौरान नहाने गए तीन युवक डूब गए, जिनमें से 1 की मौत हो गई और 2 को सुरक्षित निकाला गया।
-जुलाई 2025 में शमशाबाद क्षेत्र में उटंगन नदी में नहाने गए 10 युवकों में से 3 गहरे पानी में डूबने लगे, जिनमें से 2 को बचा लिया गया और 1 लापता हो गया।
- जून 2025 में सिकंदरा के नगला नाथू स्वामी (बायपुर) गांव में रील बनाने और नहाने के दौरान एक ही परिवार की 6 किशोरियों की मौत हो गई। वे एक-दूसरे को बचाने के चक्कर में गहरे पानी में समा गईं।
-अगस्त 2024 में बटेश्वर और आसपास के क्षेत्रों में रक्षाबंधन के दौरान अलग-अलग घटनाओं में 3 युवकों की डूबने से मौत हुई। इनमें बाह के बटेश्वर घाट पर नहाते समय फिसले अमन सिंह (18) और शिकोहाबाद के दो सगे भाई आर्यन (14) व वंश (16) शामिल थे।
- जुलाई 2024 को खंदौली क्षेत्र में बारिश के पानी से भरे तालाब में नहाने गए एक ही परिवार के 9 लोगों में से 4 बच्चों की डूबने से मौत हो गई, जबकि 5 को बचा लिया गया।