श्री पारस अस्पताल से बाहर निकलते मरीज
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ऑक्सीजन की थी कमी, 12 अस्पताल संचालकों ने आईएमए समिति को दी जानकारी
अप्रैल में अस्पतालों में ऑक्सीजन के लिए मारामारी थी। ऑक्सीजन का टोटा होने पर बोर्ड तक टांगे, तीमारदारों को भी मरीजों को लेकर जाने को कहा था। क्या करते, हालात ही ऐसे थे, यह जानकारी आईएमए की जांच कमेटी को कोविड अस्पताल संचालकों ने दी, लेकिन प्रशासन के डर से लिखित में बयान देने से पीछे हट गए हैं। श्री पारस अस्पताल में दमघोंटू मॉकड्रिल की जांच कर रही पांच सदस्यीय समिति की जांच सप्ताहभर आगे तक खिंच सकती है। समिति ने तब के 14 कोविड अस्पताल संचालकों से बात कर हालात जाने हैं, इसमें से दो अस्पतालों ने ऑक्सीजन पर्याप्त मात्रा में मिलने की बात कही, बाकी के दस अस्पताल संचालकों ने ऑक्सीजन की भारी कमी के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि अप्रैल में तो अस्पताल के बाहर तक मरीज थे, भर्ती वाले अस्पतालों के लिए भी पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं थी, कैसे हालात रहे, यह बयान नहीं किए जा सकते। समिति ने जब उनसे यह लिखित में मांगा तो अस्पताल संचालकों ने हिम्मत जवाब दे गई। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यह सिर्फ आपकी जानकारी के लिए बताया है, लिखित में या फिर गवाही के तौर पर कुछ नहीं कहेंगे। प्रशासन के खिलाफ खड़े नहीं हो सकते।
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