श्री पारस अस्पताल: सीलिंग की कार्रवाई करने पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम
- फोटो : अमर उजाला
अशोक चावला ने बताया कि 28 अप्रैल को जो वीडियो सामने आया है वह पूरी तरह सत्य है। 26 अप्रैल की सुबह हॉस्पिटल में गंभीर मरीजों की ऑक्सीजन बंद कर नरसंहार किया गया। उन्होंने कहा, अस्पताल ने हमसे सिलिंडर मंगाए। अशोक चावला ने बताया कि पिता का इलाज कोरोना गाइडलाइन के तहत किया गया था। सात रेमेडिसिविर इंजेक्शन लगाए थे। परंतु पिता के मृत्यु प्रमाण पत्र पर कोविड नहीं लिख गया। जबकि कोरोना संक्रमण से उनके पूरे फेफड़े खराब हो गए थे। वहीं, मेरे छोटे भाई की बहू नेगेटिव थी, उसके प्रमाण पत्र पर कोविड लिखा है। अस्पताल की तरफ से जारी सात कोविड मृतकों की सूची में मनीषा का नाम शामिल नहीं हैं।