भगवान श्रीकृष्ण के जन्मस्थान पर रविवार को शरद पूर्णिमा पर महारास होगा। मंदिर को चंद्रलोक के स्वरूप में सजाया गया है। ठाकुरजी को छप्पन प्रकार के व्यंजन निवेदित किए जाएंगे।
Trending Videos
विज्ञापन
2 of 5
रोशनी से जगमग भगवान श्रीकृष्ण जन्मस्थान
- फोटो : अमर उजाला
संस्थान के मुख्य अधिशाषी अधिकारी राजीव श्रीवास्तव ने बताया कि सुबह 9:15 बजे गोचारण लीला श्रीगिर्राज जी के पंचगव्य अभिषेक के साथ हुई। भजन गायक एवं ब्रज के रसिक शाम 6 बजे से रात 10 बजे तक भजन प्रस्तुत करेंगे। शाम को ठाकुर जी के छप्पन भोग दर्शन होंगे।
विज्ञापन
3 of 5
शरद पूर्णिमा पर रोशनी से जगमग भगवान श्रीकृष्ण जन्मस्थान
- फोटो : अमर उजाला
शरद पूर्णिमा पर रात 12 बजे तक लोक कलाकार श्रीराम शर्मा निमाई के निर्देशन में रासपंचाध्यायी के तहत महारास लीला एवं गोपी गीत की प्रस्तुति होगी। महारास लीला का समापन श्रीगर्भ गृह के शिखर के समीप श्रीकृष्ण चबूतरा पर महाआरती के साथ होगा। इसके लिए मंदिर प्रांगण को रंग-बिरंगी लाइटों से सजाया गया है।
4 of 5
जन्मस्थान
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
दीर्घ विष्णु मंदिर में ठाकुरजी के श्रीविग्रह की सुबह केसर और कमल पुष्पों से पूजा हुई। वहीं, शाम को छह बजे शरद चांदनी में युगल दर्शन और शरद उत्सव गायन होंगे। यह जानकारी सेवायत कांतनाथ चतुर्वेदी ने दी है।
शरद पूर्णिमा पर प्राचीन ठाकुर श्रीकेशव देव मंदिर में विशेष दर्शन होंगे। मंदिर कमेटी के मीडिया प्रभारी नारायण प्रसाद शर्मा ने बताया कि ठाकुरजी चांदी सिंहासन पर जगमोहन में विराजमान होकर भक्तों को दर्शन देंगे। प्रभु को श्वेत वस्त्र धारण कराए जाएंगे। भक्तों को 251 किलो मेवा केसर युक्त खीर का प्रसाद वितरण किया जाएगा। बलदेव में शरद पूर्णिमा पर मध्य रात श्रीदाऊजी महाराज व रेवती मैया के हीरा जवाहरात के साथ श्वेत धवल वस्त्रों में दर्शन होंगे।